सूख रहा है कढ़ी पत्ता? इन सरल तरीकों से पौधे में फिर से भर जाएगी जान

भारतीय रसोई में बनने वाली दाल, कढ़ी या पोहे का स्वाद बिना कढ़ी पत्ते के अधूरा ही लगता है। इसकी भीनी-भीनी खुशबू खाने का जायका कई गुना बढ़ा देती है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग इसे अपने घर की बालकनी या बगीचे में लगाना पसंद करते हैं। लेकिन कई बार देखा जाता है कि गमले में लगा कढ़ी पत्ते का पौधा कुछ ही दिनों में सूखने लगता है, उसकी पत्तियां पीली पड़ जाती हैं या पौधे का विकास रुक जाता है।
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अगर आपके घर में लगा कढ़ी पत्ते का पौधा भी घना नहीं हो रहा है, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है। कुछ बहुत ही आसान और असरदार घरेलू उपायों की मदद से आप अपने पौधे को दोबारा तरोताजा और घना बना सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ काम के तरीके।

1. खट्टी छाछ या मट्ठे का जादू

कढ़ी पत्ते के पौधे के लिए खट्टी छाछ एक बेहतरीन प्राकृतिक खाद का काम करती है। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड मिट्टी को सही पोषण देता है और पौधों को बीमारियों से बचाता है। इसके लिए एक कप खट्टी छाछ को लगभग 1 लीटर पानी में अच्छी तरह मिला लें। अब इस पानी को महीने में दो बार पौधे की जड़ों में डालें और थोड़ा सा घोल पत्तियों पर छिड़क दें। इससे पत्तियां चमकदार और हरी बनी रहती हैं।


2. समय-समय पर छंटाई (Pruning) है जरूरी

कढ़ी पत्ते को घना बनाने का सबसे बड़ा रहस्य है उसकी नियमित कटाई-छंटाई करना। अगर आप पौधे को ऊपर से बढ़ने देंगे, तो वह केवल एक सीधी टहनी की तरह लंबा होता जाएगा। जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो उसकी ऊपर की मुख्य टहनी को थोड़ा सा काट दें। ऐसा करने से उस कटे हुए हिस्से के पास से कई नई शाखाएं निकलने लगती हैं, जिससे पौधा देखते ही देखते घना हो जाता है।

3. प्रचुर मात्रा में धूप और सही पानी

कढ़ी पत्ते के पौधे को फलने-फूलने के लिए कम से कम 4 से 5 घंटे की सीधी धूप मिलना बहुत जरूरी है। अगर इसे सही धूप नहीं मिलेगी, तो इसकी पत्तियां कमजोर होकर गिरने लगेंगी। इसके साथ ही पानी देते समय इस बात का ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी बहुत ज्यादा गीली न रहे। जब ऊपर की मिट्टी हल्की सूखी दिखे, तभी पानी दें। गमले में पानी जमा रहने से जड़ें सड़ने लगती हैं।


4. चाय पत्ती और प्रयुक्त खाद का उपयोग

इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती कढ़ी पत्ते के पौधे के लिए एक कमाल का नाइट्रोजन सोर्स है। चाय बनाने के बाद बची हुई पत्ती को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उसमें से चीनी और दूध का असर निकल जाए। फिर इसे सुखाकर महीने में एक या दो चम्मच मिट्टी में मिला दें। इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है और पौधे का विकास बहुत तेजी से होता है।

5. चावल और दाल का धोया हुआ पानी

रसोई में चावल या दाल धोते समय जो पानी बचता है, उसे फेंकने के बजाय कढ़ी पत्ते के पौधे में डाल दें। इस पानी में कई तरह के पोषक तत्व और खनिज पाए जाते हैं, जो पौधे की जड़ों को मजबूती देते हैं और उसकी पत्तियों को पीला पड़ने से बचाते हैं।

इन छोटे-छोटे और आसान घरेलू उपायों को अपनाकर आप बिना किसी महंगे केमिकल या खाद के अपने कढ़ी पत्ते के पौधे को हमेशा हरा-भरा, सेहतमंद और घना बनाए रख सकते हैं।