लोग बाजार से ताजे केले खरीदते हैं लेकिन वो बहुत ही जल्दी पक जाते हैं और खराब होने लगते हैं। केले को ताजा रखना एक बड़ी समस्या बन जाती है। पके हुए केले एक या दो दिन में ही काले पड़ने लगते हैं। केले बहुत ही जल्दी गलने लगते हैं और खाने लायक नहीं रहते। केले को लंबे समय तक ताजा और कड़ा रखने के लिए कुछ खास तरीके अपनाए जा सकते हैं। इन बताए गए आसान तरीको को अपनाने से केले जल्दी काले नहीं पड़ेंगे।
केले कैसे पकते हैं
केला एक ऐसा फल है जो किसी भी दूसरे फल के मुकाबले बहुत ही जल्दी पकता है। अगर केले को किसी दूसरे ताजे फल के साथ रख दिया जाए तो वो फल भी बहुत तेजी से पकने लगता है। जब केले पकना शुरू होते हैं तो सबसे पहले उनके छिलके पर काले धब्बे आने लगते हैं। इसके कुछ समय बाद ही केला अंदर से भी गलना शुरू हो जाता है। जब केला बहुत ज्यादा गल जाता है तो उसका रंग पूरी तरह से एकदम काला पड़ जाता है। इस तरह का एकदम काला और ज्यादा गला हुआ केला खाने लायक नहीं बचता है।
बाजार से सही केले खरीदना
अक्सर लोग केले के बहुत जल्दी पकने के डर से बाजार से कम केले खरीद कर लाते हैं। या फिर खराब होने के डर से उन्हें बहुत जल्दी खा लेते हैं। लेकिन केले खरीदते समय थोड़ा सा ध्यान देने की जरूरत होती है। जब भी बाजार से केले खरीदें तो कोशिश करें कि छह केले ऐसे खरीदें जो तुरंत खाने लायक अच्छी तरह पके हुए हों। इसके साथ ही कुछ ऐसे केले भी खरीदें जो अभी थोड़े कच्चे हों और 1 या 2 दिन में पककर तैयार होने वाले हों। ऐसा करने से सारे केले एक साथ खराब नहीं होंगे।
गुच्छे से केले को अलग करना
केले को जल्दी पकने और काला पड़ने से बचाने के लिए एक बहुत ही आसान तरीका अपनाया जा सकता है। केले को हमेशा उसके गुच्छे से तोड़कर अलग अलग कर लें। जब सारे केले एक साथ गुच्छे में होते हैं तो वो बहुत ही तेजी से पकते हैं। लेकिन जब हर एक केले को गुच्छे से तोड़कर अलग कर दिया जाता है तो उनके पकने की रफ्तार काफी कम हो जाती है। इस तरह से केले जल्दी नहीं पकते हैं।
केले के डंठल को बांधना
केले को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए उसके डंठल का खास ध्यान रखना होता है। केले के डंठल को किसी भी साफ पॉलिथिन से अच्छी तरह से लपेट दें। इसका मुख्य कारण ये है कि केले के डंठल से हमेशा एथिलीन नाम की गैस बाहर निकलती रहती है। इसी गैस के बाहर निकलने की वजह से केले बहुत जल्दी पकने लगते हैं। जब डंठल को पॉलिथिन से अच्छी तरह बांध दिया जाता है तो गैस बाहर नहीं निकल पाती है।
केले को दूसरे फलों से दूर रखना
केले को हमेशा एक अलग टोकरी में ही रखना चाहिए। केले को कभी भी किसी दूसरे फल के साथ मिलाकर नहीं रखना चाहिए। सेब जैसे कुछ फल भी एथिलीन गैस छोड़ते हैं। जब केले को सेब या ऐसे ही गैस छोड़ने वाले फलों के साथ रखा जाता है तो केला बहुत ही जल्दी पकने लगता है। इसलिए केले को हमेशा बाकी सभी फलों से एकदम अलग जगह पर सेफ रखना चाहिए।
हैंगर में केले टांगना
केले को खराब होने से बचाने के लिए एक और बहुत अच्छा तरीका अपनाया जा सकता है। बाजार में आजकल केले को टांगने वाले खास तरह के हैंगर भी आते हैं। इन हैंगर में केले को बहुत ही आसानी से टांगकर रखा जा सकता है। जब केले को इस तरह से हवा में टांगकर स्टोर किया जाता है तो वो कई दिनों तक बिल्कुल खराब नहीं होते हैं। ये केले को सुरक्षित रखने का एक बहुत ही अच्छा तरीका है।
विटामिन सी की गोली का इस्तेमाल
केले को बहुत लंबे समय तक ताजा रखने के लिए विटामिन सी की टैबलेट का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसके लिए विटामिन सी की एक गोली लेनी है, और उसे साफ पानी में अच्छी तरह से घोल लेना है। इसके बाद उस पानी में केले को धोकर रख लेना है। इस पानी से धोने के बाद केले बहुत जल्दी खराब नहीं होंगे और उनका रंग भी बिल्कुल सही रहेगा।
सही टेम्परेचर में केले रखना
केले को गलने से बचाना है तो टेम्परेचर का बहुत ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। केले को कभी भी आग या किसी भी गर्म जगह के पास बिल्कुल नहीं रखना चाहिए। इसके साथ ही केले को कभी भी फ्रिज के अंदर भी नहीं रखना चाहिए। फ्रिज में रखने से केले का छिलका ऊपर से बहुत ही जल्दी काला पड़ जाता है। केले को हमेशा रूम के नॉर्मल टेम्परेचर पर ही रखना चाहिए।
वैक्स पेपर से केले को ढकना
रूम के टेम्परेचर पर रखने से केले जल्दी खराब नहीं होते हैं। अगर केले को और भी ज्यादा दिन तक सेफ रखना है तो वैक्स पेपर का इस्तेमाल बहुत अच्छे से किया जा सकता है। केले को वैक्स पेपर से बहुत ही अच्छी तरह ढककर रख दें। ऐसा करने से केला बहुत लंबे समय तक बिल्कुल भी खराब नहीं होगा। इन सभी तरीकों को अपनाकर केले को लंबे समय तक ताजा रखा जा सकता है।