भारतीय खानपान में दाल को एक मुख्य आहार माना जाता है। घर में रोजाना बनने वाली दाल सेहत के लिए तो अच्छी होती है, लेकिन स्वाद के मामले में कई बार यह थोड़ी फीकी लगने लगती है। दूसरी ओर, जब भी किसी ढाबे या रेस्टोरेंट में खाना खाने की बात आती है, तो 'दाल तड़का' सबसे पहले ऑर्डर की जाने वाली डिश होती है। उस दाल की खुशबू, गाढ़ापन और वह खास स्मोकी स्वाद हर किसी का मन मोह लेता है। कई लोग सोचते हैं कि वैसा स्वाद घर पर लाना नामुमकिन है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। कुछ खास ट्रिक्स और सही मसालों के साथ घर की रसोई में भी ढाबे जैसा जायका तैयार किया जा सकता है।
जरूरी सामग्री का चयन
एक बेहतरीन दाल तड़का बनाने के लिए सही दालों का चुनाव सबसे जरूरी है। केवल अरहर की दाल बनाने के बजाय, उसमें थोड़ी सी चना दाल मिलाने से दाल का टेक्सचर बहुत ही शानदार हो जाता है। इसके लिए एक कप अरहर दाल और दो बड़े चम्मच चना दाल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, तड़के के लिए बारीक कटे प्याज, टमाटर, अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, और मसालों में हल्दी, नमक, हींग और कश्मीरी लाल मिर्च की आवश्यकता होती है। खुशबू के लिए कसूरी मेथी और बारीक कटा हरा धनिया भी पास रखें।
दाल को उबालने का तरीका
दाल बनाने की शुरुआत उसे भिगोने से होती है। दालों को साफ पानी से धोकर कम से कम आधे घंटे के लिए भिगो देना चाहिए। इससे दाल न केवल जल्दी पकती है, बल्कि उसका स्वाद भी बेहतर होता है। कुकर में भीगी हुई दाल, आवश्यकतानुसार पानी, थोड़ी हल्दी, नमक और एक चम्मच तेल डालें। तेल डालने से कुकर की सीटी से पानी बाहर नहीं निकलता है। करीब तीन से चार सीटी आने तक दाल को मध्यम आंच पर पकाएं। ध्यान रहे कि दाल पूरी तरह गल जानी चाहिए, लेकिन वह एकदम पेस्ट जैसी या हलवा नहीं होनी चाहिए। खड़े दाने और घुली हुई दाल का संतुलन ही ढाबे जैसा टेक्सचर देता है।
बेस मसाला और पहला तड़का
जब दाल पक जाए, तो एक बड़ी कड़ाही में तेल या देसी घी गरम करें। ढाबा स्टाइल स्वाद के लिए घी का उपयोग करना बेहतर होता है। गरम घी में जीरा डालें और जब वह चटकने लगे, तो बारीक कटा हुआ प्याज मिला दें। प्याज को तब तक भूनें जब तक वह गहरा सुनहरा न हो जाए। इसके बाद इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटी हुई हरी मिर्च डालकर हल्का भूनें। अब बारीक कटे टमाटर और हल्का सा नमक डालें। टमाटर को नरम होने तक पकाएं। जब मसाला किनारों से घी छोड़ने लगे, तो समझ लें कि बेस तैयार है। अब इस मसाले में उबली हुई दाल को डाल दें। अगर दाल अधिक गाढ़ी लगे, तो उसमें थोड़ा गरम पानी मिलाया जा सकता है। इसे करीब पांच मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें ताकि दाल और मसाले आपस में अच्छी तरह मिल जाएं। अंत में थोड़ी कसूरी मेथी को हाथों से रगड़कर दाल में डालें।
असली जादू: दूसरा तड़का
दाल तड़का की असली जान उसका दूसरा तड़का होता है, जिसे परोसने से ठीक पहले लगाया जाता है। एक छोटे तड़का पैन में दो बड़े चम्मच देसी घी गरम करें। इसमें बारीक कटा हुआ लहसुन डालें और उसे थोड़ा भूरा होने दें। इसके बाद सूखी लाल मिर्च और हींग डालें। अब गैस बंद कर दें और तुरंत कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालें। गैस बंद करने के बाद मिर्च डालने से वह जलती नहीं है और दाल को एक बहुत ही सुंदर लाल रंग देती है। इस गरमा-गरम तड़के को तुरंत दाल के ऊपर डालें और कुछ मिनट के लिए ढक्कन बंद कर दें ताकि खुशबू अंदर ही समा जाए।
स्मोकी फ्लेवर देने का सीक्रेट
ढाबे की दाल में जो खास सोंधी महक होती है, वह कोयले के धुएं से आती है। इसे घर पर करने के लिए एक कोयले के टुकड़े को गैस पर लाल होने तक गर्म करें। अब दाल के बीच में एक छोटी स्टील की कटोरी रखें और उसमें जलता हुआ कोयला डाल दें। कोयले के ऊपर थोड़ा सा घी या मक्खन डालें। जैसे ही धुआं निकलने लगे, तुरंत कड़ाही का ढक्कन टाइट बंद कर दें। करीब पांच मिनट बाद ढक्कन खोलें और कटोरी बाहर निकाल लें। आपकी असली ढाबा स्टाइल दाल तड़का तैयार है। इसे बारीक कटे हरे धनिये से सजाएं और गरमा-गरम जीरा राइस या तंदूरी रोटी के साथ परोसें।