पालतू कुत्ते को डिसिप्लिन सिखाने का सही तरीका: घर पर ही सिखाएं बैठने और रुकने जैसे जरूरी निर्देश
अपने कुत्ते को ट्रेनिंग देना सिर्फ उसे कुछ करतब सिखाना नहीं है, बल्कि यह उसके और आपके बीच एक गहरा रिश्ता बनाने का जरिया है। जब आप अपने पालतू जानवर को बुनियादी निर्देश सिखाते हैं, तो वह समाज में बेहतर व्यवहार करना सीखता है और सुरक्षित रहता है। शुरुआत में यह काम थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन सही तकनीक और प्यार के साथ कोई भी अपने डॉग को एक अच्छा और आज्ञाकारी साथी बना सकता है। ट्रेनिंग का असली मकसद कुत्ते को यह समझाना है कि आप उससे क्या चाहते हैं। एक समझदार कुत्ता न केवल घर में शांति बनाए रखता है, बल्कि बाहर ले जाने पर भी आपको गर्व महसूस कराता है। यह प्रक्रिया आपके और आपके पालतू जानवर के बीच संचार का एक मजबूत पुल बनाती है जिससे घर का माहौल हमेशा खुशनुमा बना रहता है।
ट्रेनिंग की शुरुआत करने का सही तरीका
कुत्ते को कुछ भी सिखाने के लिए सबसे जरूरी चीज है सही माहौल का चुनाव करना। आपको ऐसी जगह चुननी चाहिए जहां शोर बहुत कम हो और कुत्ते का ध्यान भटकने वाली चीजें जैसे अन्य जानवर या खिलौने वहां मौजूद न हों। जब वह शांत और खुश हो, तभी ट्रेनिंग शुरू करें। याद रखें कि ट्रेनिंग का समय हमेशा छोटा होना चाहिए, लगभग दस से पंद्रह मिनट। अगर आप बहुत ज्यादा देर तक उसे सिखाने की कोशिश करेंगे, तो वह ऊब जाएगा और आपकी बात पर ध्यान देना बंद कर देगा। हमेशा उसे प्यार से बुलाएं और उसके अच्छे व्यवहार की दिल खोलकर तारीफ करें। ट्रेनिंग के दौरान आपका खुद का शांत और स्थिर रहना भी बहुत जरूरी है क्योंकि कुत्ते आपकी घबराहट या गुस्से को तुरंत पहचान लेते हैं।बैठने का निर्देश सबसे जरूरी है
'बैठो' का निर्देश सबसे आसान और पहला कदम माना जाता है जो हर कुत्ते को आना चाहिए। इसे सिखाने के लिए अपने हाथ में उसका पसंदीदा बिस्किट या खाना लें। उसे कुत्ते की नाक के पास ले जाएं ताकि वह उसे सूंघ सके, और फिर धीरे-धीरे अपने हाथ को उसके सिर के ऊपर की तरफ उठाएं। जैसे ही उसका सिर ऊपर जाएगा, उसका पिछला हिस्सा प्राकृतिक रूप से जमीन पर टिक जाएगा। जैसे ही वह बैठे, तुरंत स्पष्ट आवाज में 'बैठो' बोलें और उसे वह खाना दे दें। इसे बार-बार दोहराने से वह समझ जाएगा कि 'बैठो' शब्द का मतलब जमीन पर बैठना है। यह निर्देश उसे भोजन के समय या घर से बाहर जाते समय शांत करने में बहुत मदद करता है। जब वह इसे अच्छी तरह सीख जाए, तो धीरे-धीरे खाने का लालच देना कम करें और सिर्फ तारीफ से काम चलाएं।रुकने का हुक्म सिखाना और उसका महत्व
जब आपका कुत्ता बैठना सीख जाए, तब उसे 'रुको' सिखाना शुरू करें। यह निर्देश उसकी सुरक्षा के लिहाज से सबसे अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उसे खतरनाक स्थितियों से बचा सकता है। पहले उसे बैठने को कहें, फिर अपना हाथ हथेली खोलकर उसके सामने रखें और 'रुको' बोलें। इसके बाद धीरे से एक-दो कदम पीछे हटें। अगर वह अपनी जगह पर टिका रहता है, तो वापस जाकर उसे शाबाशी दें और इनाम दें। धीरे-धीरे अपनी दूरी और समय को बढ़ाते जाएं। यह निर्देश तब बहुत काम आता है जब आप बाहर सड़क पर हों या घर में कोई मेहमान आया हो। इससे कुत्ते के अंदर खुद पर काबू रखने की शक्ति बढ़ती है और वह दरवाजे से अचानक बाहर भागने जैसी खतरनाक हरकतों से हमेशा बचा रहता है।अपने पास बुलाना क्यों आवश्यक है
'आओ' का निर्देश कुत्ते की सुरक्षा के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है। कई बार कुत्ते खुले पार्क में या सड़क पर अचानक भाग जाते हैं, ऐसे में यह हुक्म उनकी जान बचा सकता है। इसे सिखाने के लिए उसे पट्टे पर रखें और थोड़ा दूर होकर उत्साह भरी आवाज में उसे बुलाएं। जब वह आपकी तरफ आए, तो उसे तुरंत छोटा सा इनाम दें। कभी भी उसे सजा देने या नहलाने जैसी चीजों के लिए पास न बुलाएं, वरना वह आपके पास आने से कतराने लगेगा। उसे हमेशा यह महसूस होना चाहिए कि आपके पास आने पर उसे कुछ अच्छा ही मिलेगा। जब वह पट्टे के साथ यह सीख जाए, तो इसे बिना पट्टे के किसी सुरक्षित और बंद जगह पर आजमाएं। ध्यान रहे कि आपकी आवाज में उत्साह होना चाहिए।Next Story