गर्मी का मौसम आते ही सभी का मन कुछ ठंडा खाने को करने लगता है। ऐसे समय में लोगों का मन मीठा खाने को बहुत ललचाता है। बाजार में कई तरह की ठंडी चीजें मिलती हैं जिन्हें लोग बड़े मजे से खरीदते हैं। पर कई लोग इस बात को बिल्कुल नहीं जानते कि जिसे वो असली चीज समझकर इतने चाव से खा रहे हैं, वो असल में फ्रोजन डेजर्ट हो सकता है। ये एक ऐसी बात है जिससे बहुत सारे लोग अनजान हैं।
डिब्बे पर लिखा सच
जी हां, कई बार जिसे लोग असली चीज समझ रहे होते हैं, उसके डिब्बे पर फ्रोजन डेजर्ट लिखा होता है। बाजार में खरीदते समय लोग अक्सर इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं। ज्यादातर लोग इनके बीच का अंतर नहीं जानते हैं। लोगों को लगता है कि दोनों एक ही चीज हैं और वो कुछ भी खरीद कर खा लेते हैं। लेकिन आपको बता दें कि इनके स्वाद, इनमें इस्तेमाल होने वाले सामान और सेहत के नजरिए से इनमें काफी ज्यादा अंतर होता है। आइए विस्तार से जानें कि आपकी ये ठंडी ट्रीट असल में है क्या।
फैट का असली स्रोत
इन दोनों के बीच का सबसे बड़ा और मुख्य अंतर उनके फैट के सोर्स में छिपा है। फैट का सोर्स ही वो चीज है जो इन दोनों को एक दूसरे से एकदम अलग बनाता है। इसी से तय होता है कि आप जो खा रहे हैं वो प्राकृतिक है या नहीं।
दूध से बनी मिठाई
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के अनुसार कुछ नियम तय किए गए हैं। इन नियमों के अनुसार, असली चीज वही है जो दूध और डेयरी फैट से बनी हो। इसमें प्योर क्रीम और दूध का भरपूर इस्तेमाल होता है। दूध और क्रीम का सही इस्तेमाल ही इसे नेचुरल रूप से गाढ़ा और मलाईदार बनाता है। इसी वजह से इसका टेस्ट इतना अच्छा आता है।
बाजार में मिलने वाला दूसरा प्रोडक्ट
अब बात करते हैं बाजार में मिलने वाले दूसरे प्रोडक्ट की। फ्रोजन डेजर्ट दिखने में बिल्कुल असली मिठाई जैसा ही होता है। कोई भी इसे देखकर धोखा खा सकता है। लेकिन इसे बनाने के तरीके में बड़ा फर्क है। इसे बनाने में डेयरी फैट की जगह वेजिटेबल ऑयल जैसे पाम ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इसमें हाइड्रोजिनेटेड वेजिटेबल फैट का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मिल्क सॉलिड्स तो हो सकते हैं, लेकिन इसका मुख्य फैट डेयरी का बिल्कुल नहीं होता है।
सेहत के लिए क्या है बेहतर
अब सवाल ये उठता है कि सेहत के नजरिए से क्या बेहतर है। असली चीज में मौजूद दूध का फैट प्राकृतिक रूप से आता है। इस दूध के फैट में हेल्दी फैट्स होते हैं। ये हेल्दी फैट्स शरीर के लिए ठीक माने जाते हैं। क्योंकि ये सीधे दूध से मिलते हैं, इसलिए इनमें प्राकृतिक गुण होते हैं।
सैचुरेटेड फैट्स का नुकसान
दूसरी तरफ, फ्रोजन डेजर्ट में इस्तेमाल होने वाले वेजिटेबल ऑयल अक्सर सैचुरेटेड फैट्स से भरपूर होते हैं। ज्यादा सैचुरेटेड फैट खाना शरीर के लिए ठीक नहीं होता है। ये सैचुरेटेड फैट दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे नहीं माने जाते हैं। इसलिए दिल का ख्याल रखने वालों को इसे खाने से बचना चाहिए।
चीनी की मात्रा का ध्यान
दोनों ही प्रोडक्ट्स में चीनी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। चीनी ज्यादा होने की वजह से ये मीठे और स्वादिष्ट लगते हैं। लेकिन ज्यादा चीनी सेहत के लिए ठीक नहीं है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को दोनों ही मामलों में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें ये चीजें बहुत कम खानी चाहिए।
बनावटी चीजों का इस्तेमाल
कैलोरी की बात करें तो दोनों में कैलोरी लगभग बराबर हो सकती है। लेकिन फ्रोजन डेजर्ट को ज्यादा मलाईदार बनाने के लिए इसमें अलग से चीजें मिलाई जाती हैं। इसमें कई बार बनावटी इमल्सीफायर और स्टेबलाइजर्स का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। ये चीजें प्राकृतिक नहीं होती हैं।
पैकेट का सामने वाला हिस्सा
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आप कैसे पहचानें कि आप क्या खरीद रहे हैं। इसे पहचानने के कई आसान तरीके हैं। सबसे पहला तरीका है पैकेट का सामने वाला हिस्सा पढ़ना। प्रोडक्ट के सामने वाले हिस्से पर साफ अक्षरों में लिखा होता है कि वह क्या है। डिब्बा खरीदते समय इसे जरूर पढ़ें।
सामान की सूची जरूर पढ़ें
दूसरा सबसे अच्छा तरीका है सामग्री की सूची पढ़ना। डिब्बे के पीछे हमेशा सामग्री की सूची दी जाती है। अगर उस सामग्री में वेजिटेबल ऑयल या वेजिटेबल फैट लिखा है, तो समझ जाएं कि वह फ्रोजन डेजर्ट है। और अगर उसमें मिल्क फैट या क्रीम लिखा है, तो वह एकदम असली चीज है।
कीमत में अंतर
तीसरा तरीका कीमत का है। आमतौर पर देखा गया है कि फ्रोजन डेजर्ट, असली चीज की तुलना में थोड़े सस्ते होते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला वेजिटेबल ऑयल, दूध की क्रीम के मुकाबले काफी कम खर्चीला होता है। कम खर्च की वजह से इसकी कीमत भी कम रखी जाती है।