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A2 मिल्क और फैट का गणित: जानिए किस गाय के दूध में मिलता है कौन सा न्यूट्रिशन

आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान, दोनों का मानना है कि दूध का चुनाव उसकी मात्रा पर नहीं, बल्कि उसमें मौजूद गुणों पर आधारित होना चाहिए। किसी दूध में फैट की मात्रा अधिक होती है, तो किसी में ए2 प्रोटीन या कैल्शियम की। इस लेख में भारत की 5 प्रमुख गायों की नस्लों और उनके दूध के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है, ताकि यह तय करना आसान हो सके कि स्वास्थ्य के लिए कौन सा विकल्प सही है।
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1. गिर गाय

गुजरात और राजस्थान के क्षेत्रों में पाई जाने वाली गिर गाय को भारत की सबसे पुरानी और प्रमुख नस्लों में गिना जाता है। गिर गाय का दूध अपने ए2 प्रोटीन के लिए जाना जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है।

  • पोषक तत्व: गिर गाय के दूध में ए2 प्रोटीन के अलावा कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन ए, डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होता है। इसमें नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं।
  • स्वास्थ्य लाभ: इसे "ब्रेन टॉनिक" माना जाता है, जो दिमाग को तेज करने और याददाश्त बढ़ाने में सहायक हो सकता है। यह पाचन तंत्र को सुधरता है और इम्यूनिटी को बूस्ट करता है। आयुर्वेद में गिर गाय के दूध और घी को 'सात्विक' माना गया है। यह हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है।


2. साहिवाल गाय

पंजाब और हरियाणा में मुख्य रूप से पाई जाने वाली साहिवाल गाय अपने मीठे और गाढ़े दूध के लिए प्रसिद्ध है। जिन लोगों को शारीरिक श्रम अधिक करना होता है, उनके लिए यह दूध अमृत समान माना जाता है।

  • पोषक तत्व: साहिवाल गाय के दूध में फैट की मात्रा सबसे अधिक होती है। इसके अलावा, यह प्रोटीन, लैक्टोज, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है।
  • स्वास्थ्य लाभ: यह शरीर को तुरंत ऊर्जा और ताकत प्रदान करता है। जो लोग वजन बढ़ाना चाहते हैं या शारीरिक कमजोरी महसूस करते हैं, उनके लिए साहिवाल गाय का दूध बहुत फायदेमंद है। गर्भवती महिलाओं को अक्सर इस दूध के सेवन की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसमें फैट अधिक होने के कारण, मोटापे से ग्रस्त लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।


3. लाल सिंधी गाय

लाल सिंधी गाय, जो मुख्य रूप से सिंध क्षेत्र में पाई जाती है, अपने दूध में मौजूद विशेष खनिजों के लिए जानी जाती है। यह दूध पचने में हल्का और गुणों में भारी होता है।

  • पोषक तत्व: इस दूध में फैट कंटेंट संतुलित होता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत इसमें मौजूद आयरन की मात्रा है। साथ ही, यह विटामिन ए और बी-12 का भी अच्छा स्रोत है।
  • स्वास्थ्य लाभ: आयरन की अधिकता के कारण यह दूध शरीर में खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने में सहायक है। यह बच्चों के शारीरिक विकास के लिए उत्तम माना जाता है। त्वचा और बालों की सेहत के लिए भी लाल सिंधी गाय का दूध लाभकारी है। चूंकि यह आसानी से पच जाता है, इसलिए कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

4. कांकरेज गाय

राजस्थान और गुजरात की कांकरेज गाय को सबसे भारी और मजबूत नस्लों में गिना जाता है। इनका दूध भी शरीर को मजबूती प्रदान करने वाला होता है।

  • पोषक तत्व: कांकरेज गाय के दूध में प्रोटीन और फैट का बेहतरीन संतुलन होता है। यह कैल्शियम, मैग्नीशियम, ए2 बीटा-केसिन और विभिन्न अमीनो एसिड का भंडार है।
  • स्वास्थ्य लाभ: मैग्नीशियम और कैल्शियम की उच्च मात्रा होने के कारण यह दूध हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। जोड़ों के दर्द की समस्या में इसका सेवन राहत दिला सकता है। यह लंबे समय तक शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है और थकान नहीं होने देता।


5. थारपारकर गाय

रेगिस्तानी इलाकों की गर्मी और कठिन परिस्थितियों में रहने वाली थारपारकर गाय का दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विशेष रूप से सहायक है।

  • पोषक तत्व: इसके दूध में फैट के साथ-साथ जिंक, कैल्शियम और विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसमें लैक्टोज की मात्रा भी अच्छी होती है।
  • स्वास्थ्य लाभ: जिंक और विटामिन डी की मौजूदगी इसे एक बेहतरीन 'इम्यूनिटी बूस्टर' बनाती है। यह संक्रामक बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है। कई आयुर्वेदिक उपचारों में थारपारकर गाय के दूध का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है।

आपके लिए कौन सा दूध है सही?

सही दूध का चुनाव पूरी तरह से व्यक्ति की शारीरिक जरूरतों और स्वास्थ्य लक्ष्यों पर निर्भर करता है।

  • यदि लक्ष्य दिमाग को तेज करना और पाचन सुधारना है, तो गिर गाय का दूध सर्वोत्तम है।
  • यदि वजन बढ़ाना और शारीरिक ताकत चाहिए, तो साहिवाल गाय का दूध चुनना चाहिए।
  • अगर शरीर में खून की कमी है, तो लाल सिंधी गाय का दूध फायदेमंद रहेगा।
  • हड्डियों की मजबूती और जोड़ों के दर्द के लिए कांकरेज गाय का दूध बेहतर है।


अंत में, यह समझना आवश्यक है कि हर नस्ल के दूध की अपनी विशेषताएं हैं। अपनी लाइफस्टाइल और हेल्थ गोल्स को ध्यान में रखते हुए सही विकल्प चुना जा सकता है।