Kanda Poha Recipe: 10 मिनट में बनाएं बाज़ार जैसा सॉफ्ट और खिला-खिला पोहा

सुबह के समय हर कोई चाहता है कि नाश्ता कुछ ऐसा हो जो जल्दी बन जाए और शरीर के लिए हल्का भी हो। पोहा एक ऐसा ही विकल्प है जिसे भारत के लगभग हर घर में पसंद किया जाता है। विशेषकर मराठी कांदा पोहा अपनी सादगी और स्वाद के लिए जाना जाता है। इसमें प्याज यानी 'कांदा' का जो स्वाद उभर कर आता है, वह साधारण पोहे को भी खास बना देता है।

पोहा क्यों है सबका पसंदीदा

पोहा एक हल्का नाश्ता है जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का पसंदीदा होता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बहुत जल्दी पच जाता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। इसे बनाने में बहुत कम समय और कम सामग्री की आवश्यकता होती है। जब समय की कमी हो और कुछ पौष्टिक खाने का मन हो, तो कांदा पोहा एक आदर्श चुनाव है।

सही पोहा का चुनाव और तैयारी

एक बेहतरीन कांदा पोहा बनाने की शुरुआत पोहे के सही चुनाव से होती है। इसके लिए मध्यम मोटाई वाले पोहे का उपयोग करना सबसे अच्छा रहता है। सबसे पहले पोहे को दो से तीन बार साफ पानी से धोना चाहिए। धोने के बाद इसे एक छलनी में रख दें ताकि अतिरिक्त पानी पूरी तरह से निकल जाए। इस प्रक्रिया से पोहा फूलकर नरम हो जाता है और आपस में चिपकता नहीं है।

सब्जियों और मसालों की तैयारी

कांदा पोहा का मुख्य आकर्षण प्याज और मूंगफली है। एक बड़े आकार के प्याज को थोड़ा मोटा और लंबा काट लेना चाहिए। इसके साथ ही बारीक कटी हरी मिर्च, ताज़ा हरा धनिया और करी पत्ता स्वाद को बढ़ाने का काम करते हैं। मूंगफली को कुरकुरा बनाने के लिए उसे पहले ही थोड़ा भूनकर रख लेना चाहिए ताकि उसका क्रंच बना रहे।

तड़के का सही तरीका

स्वाद को निखारने के लिए तड़का सबसे महत्वपूर्ण होता है। एक कड़ाही में सरसों का तेल गरम करके उसमें राई और जीरा का तड़का लगाया जाता है। जब राई चटकने लगे, तब मूंगफली, प्याज और करी पत्ता डाला जाता है। प्याज को बहुत अधिक भूरा करने की आवश्यकता नहीं होती है, इसे हल्का गुलाबी और पारदर्शी रहने देने से पोहे का स्वाद अधिक मीठा और ताज़ा बना रहता है।

खिला-खिला पोहा तैयार करना

जब प्याज थोड़ा भून जाए, तब इसमें बारीक कटी हरी मिर्च और हल्दी पाउडर मिलाया जाता है। इसके बाद छलनी में रखे हुए भीगे हुए पोहे को कड़ाही में चारों तरफ फैलाते हुए डालना चाहिए। स्वाद के अनुसार नमक और थोड़ी सी चीनी डालने से खट्टा-मीठा स्वाद उभर कर आता है। अंत में नींबू का रस और ताज़ा हरा धनिया डालकर इसे अच्छी तरह मिलाया जाता है।

भाप में पकाने की तकनीक

पोहे को सॉफ्ट बनाने के लिए उसे धीमी आंच पर ढककर 2 मिनट तक पकाना बहुत ज़रूरी है। ऐसा करने से मसाले और नींबू का रस पोहे के अंदर तक समा जाता है। भाप में पकने के बाद पोहा और भी अधिक खिला-खिला और मुलायम हो जाता है। यह छोटी सी टिप पोहे की बनावट में बड़ा अंतर पैदा करती है।

परोसने का सुझाव

तैयार कांदा पोहा को गर्मागरम ही परोसना चाहिए। इसके स्वाद को और अधिक बढ़ाने के लिए ऊपर से बारीक सेव या आलू भुजिया डाली जा सकती है। सुबह की चाय के साथ यह हल्का और टेस्टी नाश्ता पूरे दिन के लिए एक अच्छी शुरुआत प्रदान करता है। यह रेसिपी उन लोगों के लिए सबसे अच्छी है जो कम तेल और मसालों में बेहतरीन ज़ायका चाहते हैं।
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