Food Storage Guide: कटे हुए सेब और आलू क्यों पड़ते हैं काले? जानिए उन्हें लंबे समय तक फ्रेश रखने के आसान Kitchen Hacks

रसोइ में काम करते समय कई बार ऐसी छोटी-छोटी समस्याएं आती हैं जो काम को थोड़ा मुश्किल बना देती हैं। इन्हीं में से एक समस्या है कटे हुए सेब और आलू का काला पड़ना। अक्सर देखा जाता है कि जैसे ही सेब या आलू को काटा जाता है, वे कुछ ही देर में अपना रंग बदलने लगते हैं। ऊपर से देखने में ये काले या भूरे पड़े टुकड़े बहुत ही पुराने और खराब लगने लगते हैं। हालांकि ये अंदर से खराब नहीं होते, लेकिन फिर भी देखने में अच्छे नहीं लगते।

रंग बदलने की वजह

जब भी सेब और आलू को काटा जाता है, तो उनके अंदर मौजूद कुछ एलिमेंट्स हवा के संपर्क में आते हैं। हवा में मौजूद ऑक्सीजन के साथ ये एलिमेंट्स मिलकर एक खास तरह की प्रोसेस करते हैं। इसी वजह से सेब और आलू के टुकड़ों का रंग बदलने लगता है। इसे विज्ञान की भाषा में ऑक्सीडेशन कहा जाता है। ये प्रोसेस बहुत ही तेज होती है, इसलिए काटने के कुछ ही मिनटों के अंदर असर दिखने लगता है। अच्छी बात ये है कि घर में मौजूद कुछ बहुत ही साधारण चीजों की मदद से इस प्रक्रिया को रोका जा सकता है। इन घरेलू तरीकों को अपनाकर सब्जियों और फलों की रंगत को लंबे समय तक वैसा ही बनाए रखा जा सकता है जैसा वे काटने के तुरंत बाद होते हैं।

नमक का पानी

आलू और सेब को काला होने से बचाने के लिए नमक का पानी सबसे पुराना और आसान तरीका माना जाता है। इसके लिए एक बड़े बर्तन में थोड़ा ठंडा पानी लें और उसमें हल्का सा नमक मिला दें। जब सेब या आलू काट लिए जाएं, तो उन्हें तुरंत इस नमक वाले पानी में डाल दें। करीब 10 से 15 मिनट तक इन टुकड़ों को पानी में भिगोकर रखने से उनका रंग नहीं बदलता। नमक पानी और हवा के बीच एक दीवार की तरह काम करता है। इससे आलू काफी देर तक सफेद और साफ बने रहते हैं।
Hero Image


नींबू का रस

अगर आप सेब को काट कर कुछ देर के लिए रखना चाहता है, तो नींबू का रस उसके लिए सबसे अच्छा रास्ता है। नींबू में विटामिन सी होता है जो रंग बदलने की प्रक्रिया को रोकने में बहुत मदद करता है। इसके लिए कटे हुए सेब के टुकड़ों पर सीधे नींबू का रस लगाया दें। इसके अलावा एक और तरीका ये है कि एक कटोरे पानी में थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं और कटे हुए टुकड़ों को उसमें डुबो दें। इससे सेब या आलू की फ्रेशनेस बनी रहती है और वे काले नहीं पड़ते। नींबू की वजह से फलों का स्वाद भी बना रहता है और वे दिखने में भी ताजे लगते हैं।

ठंडे पानी और फ्रिज का इस्तेमाल

अगर कटे हुए आलू या सेब का तुरंत इस्तेमाल नहीं करना है, तो उन्हें ताज़ा रखने का एक और सरल तरीका है। कटे हुए टुकड़ों को एक बर्तन में रखें और उस बर्तन को पूरी तरह से पानी से भर दें। ये ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि पानी के अंदर टुकड़े पूरी तरह से डूबे होने चाहिए। अगर कोई भी हिस्सा पानी से बाहर रहेगा, तो वो हवा के संपर्क में आकर काला पड़ सकता है। इस बर्तन को फ्रिज में रख देने से सब्जियां और फल कई घंटों तक बिल्कुल फ्रेश बने रहते हैं। ठंडा तापमान ऑक्सीडेशन की रफ्तार को बहुत धीमा कर देता है, जिससे खाना फ्रेश रहता है।

सफेद सिरके का फायदा

आलू को साफ और सफेद रखने के लिए घर में रखे सिरके का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए एक कप पानी में करीब एक चम्मच सफेद सिरका मिलाना चाहिए। इस घोल में कटे हुए आलू के टुकड़ों को 5 से 10 मिनट के लिए डुबोकर छोड़ दें। सिरका भी ऑक्सीडेशन की प्रोसेस को बहुत धीमा कर देता है। इससे आलू का रंग नहीं बदलता और वे लंबे समय तक एकदम सफेद दिखाई देते हैं। ये नुस्खा उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो आलू को काटकर स्टोर करना चाहते हैं। सिरके वाले पानी से निकालकर जब आलू इस्तेमाल किए जाते हैं, तो वे बहुत ही साफ नजर आते हैं।

सही चाकू चुनना

फलों और सब्जियों को काटने के लिए किस तरह के औजार का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसका भी रंग पर बहुत गहरा असर पड़ता है। अक्सर लोग किसी भी पुराने या लोहे के चाकू से काटना शुरू कर देते हैं। लेकिन लोहे के चाकू, खासकर जिन पर जंग लगा हो, उनसे काटने पर फल और सब्जियां बहुत जल्दी काली होने लगती हैं। इसलिए हमेशा अच्छी क्वालिटी के स्टील वाले चाकू का ही इस्तेमाल करना चाहिए। स्टील के चाकू से काटने पर ऑक्सीडेशन की प्रोसेस उतनी तेज नहीं होती। इन छोटे लेकिन बहुत काम के किचन हैक्स को अपनाकर कोई भी सेब और आलू को लंबे समय तक ताजा और फ्रेश रख सकता है।