Microwave Vs Oven: क्या आप भी माइक्रोवेव और ओवन को एक समझते हैं? जानें ये बड़े अंतर
माइक्रोवेव और ओवन में सबसे बड़ा फर्क इनके काम करने की तकनीक में होता है। माइक्रोवेव खाने को गर्म करने के लिए खास तरह की तरंगों यानी रेडिएशन का इस्तेमाल करता है। यह मशीन खाने के अंदर मौजूद पानी के कणों को तेजी से हिलाती है जिससे खाना बहुत जल्दी गर्म हो जाता है। दूसरी तरफ ओवन में हीटिंग एलिमेंट या रॉड लगी होती हैं। ये रॉड हवा को गर्म करती हैं और वही गर्म हवा खाने को बाहर से अंदर की तरफ धीरे-धीरे पकाती है। सीधे शब्दों में कहें तो माइक्रोवेव खाने को अंदर से गर्म करता है जबकि ओवन उसे बाहर से पकाता है।

खाना पकने की स्पीड
अगर आप समय की बचत करना चाहते हैं तो दोनों मशीनों की रफ्तार जानना जरूरी है। माइक्रोवेव बहुत ही तेज काम करता है। अगर रात का बचा हुआ खाना गर्म करना हो या फिर चाय-कॉफी बनानी हो, तो यह कुछ ही मिनटों में काम पूरा कर देता है। इसके मुकाबले ओवन में खाना पकने में काफी ज्यादा समय लगता है। ओवन में चीजें धीरे-धीरे पकती हैं क्योंकि इसमें बेकिंग या रोस्टिंग की प्रक्रिया होती है। इसलिए अगर आपको जल्दी में कुछ गर्म करना है तो माइक्रोवेव सबसे अच्छा है और अगर तसल्ली से कुछ पकाना है तो ओवन सही रहता है।खाने की वैरायटी
इन दोनों मशीनों में किस तरह का खाना बनाया जा सकता है, यह जानना भी बहुत जरूरी है। माइक्रोवेव का इस्तेमाल ज्यादातर खाना गर्म करने, सब्जियां स्टीम करने या बहुत ही साधारण कुकिंग के लिए किया जाता है। वहीं दूसरी ओर ओवन को खास तौर पर बेकिंग के लिए बनाया गया है। अगर आपको घर पर केक, कुकीज़, पिज्जा, ब्रेड या ग्रिल्ड डिश बनानी है, तो ओवन सबसे अच्छा विकल्प साबित होता है। माइक्रोवेव में केक या बिस्कुट उस तरह से नहीं बन पाते जैसे ओवन की गर्म हवा में तैयार होते हैं।खाने का स्वाद और बनावट
खाना बनने के बाद वह कैसा दिखता है और खाने में कैसा लगता है, इसमें भी बड़ा अंतर होता है। माइक्रोवेव में बना हुआ खाना सॉफ्ट या नरम रहता है। इसमें खाने को कुरकुरा बनाना मुमकिन नहीं होता। अगर आप माइक्रोवेव में कुछ पकाते हैं तो उसमें क्रिस्पीपन नहीं आता। वहीं अगर आप ओवन का इस्तेमाल करते हैं तो खाना बाहर से कुरकुरा और अंदर से बिल्कुल नरम रहता है। पिज्जा का बेस हो या फिर कोई बेक्ड डिश, अगर आपको उसमें क्रिस्पी स्वाद चाहिए तो ओवन का ही इस्तेमाल करना बेहतर रहता है।बिजली की बचत और खर्चा
मशीन चुनते समय बिजली के बिल का ध्यान रखना भी जरूरी है। माइक्रोवेव कम समय के लिए चलता है और बहुत जल्दी अपना काम पूरा कर देता है। इस वजह से इसे रोज के इस्तेमाल के लिए बिजली बचाने वाला ऑप्शन माना जाता है। इसके उलट ओवन को गरम होने में और फिर खाना पकाने में काफी समय लगता है। लंबी कुकिंग प्रोसेस की वजह से ओवन में बिजली की खपत माइक्रोवेव के मुकाबले ज्यादा होती है। इसलिए ओवन को रोज के काम के बजाय कभी-कभी होने वाली बेकिंग या खास डिश बनाने के लिए ही इस्तेमाल करना सही रहता है।Next Story