Natural Migraine Treatment: माइग्रेन के दर्द को कहें अलविदा, अपनाएं ये आसान तरीके

Newspoint
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते तनाव के बीच माइग्रेन एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनकर उभरा है। माइग्रेन का दर्द सामान्य सिरदर्द जैसा नहीं होता, बल्कि यह सिर के एक खास हिस्से में तेज धड़कन या चुभन जैसा महसूस होता है। जब यह दर्द शुरू होता है, तो व्यक्ति के लिए सामान्य काम करना भी मुश्किल हो जाता है। अक्सर लोग इससे निपटने के लिए तुरंत दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि शरीर के तनाव को कम करने वाली कुछ खास एक्सरसाइज इस दर्द की तीव्रता को काफी कम कर सकती हैं।

माइग्रेन के मुख्य कारण

माइग्रेन को केवल सिर का दर्द समझना एक भूल हो सकती है क्योंकि यह नर्वस सिस्टम से जुड़ी एक जटिल स्थिति है। जब मस्तिष्क में सेरोटोनिन का स्तर कम हो जाता है, तब नसों में उत्तेजना बढ़ती है जो तेज दर्द का कारण बनती है। इसके पीछे कई ट्रिगर हो सकते हैं जैसे कि नींद पूरी न होना, बहुत अधिक तनाव लेना, घंटों लैपटॉप या मोबाइल की स्क्रीन पर बिताना और असंतुलित खानपान। इसके लक्षणों में सिरदर्द के साथ-साथ उल्टी आना, चिड़चिड़ापन और तेज रोशनी या शोर से परेशानी होना शामिल है।

एक्सरसाइज रुटीन

अगर समय रहते कुछ सरल शारीरिक गतिविधियां की जाएं, तो माइग्रेन के हमले को रोका जा सकता है या दर्द कम किया जा सकता है।
Hero Image


गहरी सांस लेना:

दर्द महसूस होते ही सबसे पहले शांत जगह पर बैठ जाएं। नाक से 4 सेकंड तक गहरी सांस लें और फिर 6 सेकंड तक मुंह से धीरे-धीरे छोड़ें। इससे मस्तिष्क को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है और तंत्रिका तंत्र शांत होता है।

गर्दन का खिंचाव:

अक्सर गर्दन की जकड़न माइग्रेन को बढ़ा देती है। अपने सिर को धीरे-धीरे दाईं ओर झुकाएं और 10 सेकंड तक रुकें। यही प्रक्रिया बाईं ओर दोहराएं। इसके बाद सिर को हल्का आगे और पीछे झुकाएं ताकि मांसपेशियों का तनाव कम हो सके।

You may also like



कंधों का व्यायाम:

अपने कंधों को आगे से पीछे की ओर गोल घुमाएं और फिर उल्टी दिशा में यही प्रक्रिया दोहराएं। इसे शोल्डर रोल्स कहा जाता है जो कंधों और गर्दन के ऊपरी हिस्से के दबाव को कम करता है।

आंखों को आराम:

लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर जोर पड़ता है। अपनी दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म करें और फिर उन्हें बंद आंखों पर रखें। इस क्रिया को पामिंग कहते हैं जो आंखों के तनाव को तुरंत दूर करती है।


कैट-काउ और चाइल्ड पोज:

अंत में घुटनों के बल बैठकर अपनी पीठ को एक बार ऊपर की ओर मोड़ें और फिर नीचे की ओर करें। इसे मार्जरी आसन कहते हैं। इसके बाद माथा जमीन पर टिकाकर चाइल्ड पोज या बालासन में विश्राम करें। यह दिमाग को पूरी तरह शांत करने और रक्त संचार सुधारने में मदद करता है।

नियमित रूप से इन अभ्यासों को अपनाकर और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर माइग्रेन के दर्द को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

अस्वीकरण: न्यूज़पॉइंट के इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। लेख में बताई गई एक्सरसाइज माइग्रेन के लक्षणों में राहत देने में मददगार हो सकती हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टरी इलाज का विकल्प न समझें।



Loving Newspoint? Download the app now
Newspoint