अक्सर लोग घर पर बड़े चाव से सूजी के कटलेट बनाते हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब वे ठंडे होने पर पत्थर जैसे कड़क हो जाते हैं। बाहर से जल जाना और अंदर से कच्चा या सख्त रहना, कटलेट का मजा खराब कर देता है। मशहूर शेफ रणवीर बरार के अनुसार, इसके पीछे कोई बड़ी रॉकेट साइंस नहीं, बल्कि सूजी को पकाने का सही तरीका है।
शेफ बताते हैं कि अगर सूजी को ठीक से भूना न जाए, तो कटलेट इतने सख्त हो सकते हैं कि उन्हें खाना मुश्किल हो जाए। इस लेख में शेफ के उन खास सीक्रेट्स के बारे में जानेंगे, जो आपके कटलेट को बाहर से कुरकुरा और अंदर से इतना नरम बनाएंगे कि वे मुंह में जाते ही घुल जाएंगे।
शेफ रणवीर बरार के अनुसार, सूजी के कटलेट कड़क होने का मुख्य कारण सूजी को सही से न भूनना है। सूजी को तब तक भूनना चाहिए जब तक कि वह हल्की खुशबू न देने लगे। अगर आप कच्ची सूजी का इस्तेमाल करेंगे, तो वह पानी या लिक्विड को सही से सोख नहीं पाएगी और बाद में पत्थर जैसी सख्त हो जाएगी। इसलिए, धीमी आंच पर सूजी को अच्छे से भूनें।
अक्सर लोग सूजी और पानी को मिक्स करते ही तुरंत गैस बंद कर देते हैं। शेफ रणवीर बरार चेतावनी देते हैं कि अगर आपने मिक्सर को जल्दी नीचे उतार लिया, तो कटलेट दांत तोड़ने वाले यानी बहुत कड़क बनेंगे। मिश्रण को कढ़ाई में तब तक चलाएं जब तक वह किनारा न छोड़ने लगे और एक नरम आटे की तरह न दिखने लगे। उसे अच्छी तरह पकने का समय देना बहुत जरूरी है।
सिर्फ सूजी से बने कटलेट अक्सर थोड़े सूखे हो सकते हैं। इसे नरम बनाने के लिए इसमें बारीक कटी हुई सब्जियां जैसे गाजर, उबले हुए आलू, मटर या पनीर मिलाएं। ये सब्जियां पकते समय अपना पानी छोड़ती हैं, जिससे कटलेट के अंदर की नमी बरकरार रहती है और वे लंबे समय तक नरम बने रहते हैं।
जब सूजी का मिश्रण तैयार हो जाए और आप गैस बंद कर दें, तो उसे तुरंत शेप न दें। कढ़ाई को 5-10 मिनट के लिए ढक्कन से ढंक दें। भाप की वजह से सूजी पूरी तरह से पक जाती है और उसकी नमी अंदर ही लॉक हो जाती है। यह छोटा सा स्टेप आपके कटलेट को बाजार जैसा प्रोफेशनल टच देता है।
कटलेट को हमेशा मध्यम आंच पर तलें। अगर तेल बहुत ज्यादा गर्म होगा, तो कटलेट ऊपर से जल जाएंगे और अंदर से कच्चे या सख्त रह जाएंगे। वहीं अगर आंच बहुत धीमी होगी, तो कटलेट बहुत ज्यादा तेल सोख लेंगे और चिपचिपे हो जाएंगे। सही तापमान पर तलने से बाहर की परत कुरकुरी और अंदर का हिस्सा एकदम मलाई जैसा नरम रहता है। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।