बच्चों की तबीयत खराब हो तो माता-पिता का परेशान होना स्वाभाविक है, लेकिन जब कई जांचों के बाद भी समस्या का पता न चले, तो उनकी चिंता और बढ़ जाती है। ऐसा ही एक मामला पीडियाट्रिशियन डॉ. इमरान पटेल के पास आया। 18 साल का बेटा बार-बार कह रहा था, ‘मुझे कुछ हो जाएगा।’ उसे भूख नहीं लग रही थी और वह स्कूल भी नहीं जा रहा था। पेरेंट्स ने कई डॉक्टरों को दिखाया और तमाम जांच कराईं, लेकिन सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल थीं। समस्या का पता नहीं चल पा रहा था। आखिर में डॉक्टर को विस्तार से बातचीत के बाद समस्या का पता चल गया, जिसकी वजह से उस बेटे की यह हालत थी। आइए जानते हें क्या था कारण।
पीडियाट्रिशियन डॉ. इमरान पटेल बताते हैं कि हाल ही में एक परेशान पेरेंट्स अपने 18 साल के बेटे को लेकर उनके पास आए। उन्होंने कहा, ‘सर, हमारे बच्चे को न जाने क्या हो गया है। उसे बार-बार सिरदर्द और छाती में दर्द होता है। घबराहट होती है और लगता है कि मुझे कुछ हो जाएगा। पेट में भी बार-बार दर्द रहता है। वह स्कूल नहीं जा रहा और खाना भी नहीं खा रहा।’
एक्सपर्ट बताते हैं पेरेंट्स ने बच्चे के नाखून से लेकर बाल तक के टेस्ट करवा लिए और न जाने कितने डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन उसे आराम नहीं मिला। हैरानी की बात यह थी कि सभी रिपोर्ट्स सामान्य थीं। बच्चे की पूरी हिस्ट्री लेने पर पता चला कि समस्या फिजिकल नहीं, बल्कि इमोशनल थी।
वह कहते हैं कि बच्चे को स्कूल के दिनों में उसका पहला क्रश हुआ था और फिर उसे रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। वह इस रिजेक्शन को संभाल नहीं पा रहा था और उसका असर उसकी सेहत पर दिखाई दे रहा था। Image-Magnific
डॉ. इमरान पटेल युवाओं को सलाह देते हैं कि जिंदगी में अपनी प्राथमिकताएं तय करना बहुत जरूरी है। सबसे पहले अपने परिवार और माता-पिता को महत्व दें, क्योंकि जो माता-पिता आपसे बिना किसी स्वार्थ के प्यार करते हैं, वही आपके सच्चे हितैषी हैं। इसके बाद अपनी शिक्षा और करियर पर ध्यान दें। आकर्षण और रिश्ते जिंदगी का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन उन्हें अपनी पूरी जिंदगी पर हावी न होने दें। पहले खुद को काबिल और सफल बनाने पर फोकस करें। Image-Maginific