ऐसा कोई माता-पिता नहीं है, जो अच्छा पेरेंट नहीं बनना चाहता हो। हर माता-पिता की यही ख्वाहिश रहती है कि वे अपने बच्चे के लिए बेस्ट हों। हालांकि, अच्छे पेरेंट होने का मतलब सिर्फ बच्चे की हर जरूरत पूरी करना और उसकी हर बात मानकर उसे खुश रखना नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातें और बच्चे के साथ आपका व्यवहार भी बहुत कुछ बताता है कि आप उसकी परवरिश किस तरह कर रहे हैं। चाइल्ड साइकेट्रिस्ट डॉक्टर गायत्री राठौड़ ने ऐसे ही 5 संकेत बताए हैं, जो बताते हैं कि आपकी पैरेंटिंग कैसी है और क्या आप वाकई अच्छे पेरेंट हैं या नहीं। आइए जानते हैं, उन्होंने क्या बताया।
चाइल्ड साइकेट्रिस्ट डॉक्टर गायत्री राठौड़ ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में 5 ऐसे संकेत बताए हैं, जिनसे पता चलता है कि आप एक अच्छे पेरेंट हैं। इनमें पहला है हर बात पर तुरंत रिएक्ट न करना। अच्छे पेरेंट्स गुस्सा कम करते हैं और पहले सिचुएशन को समझने की कोशिश करते हैं। इसके बाद ही अपना रिएक्शन देते हैं। ध्यान रखें कि जब बच्चा अपना कंट्रोल खो देता है, तो पेरेंट्स का शांत रहना ही उसे संभालने में मदद करता है।
एक्सपर्ट आगे कहती हैं कि बच्चे सिर्फ सुनते नहीं हैं, वे चीजों को अब्जॉर्ब करते हैं। आप जिस तरह बात करते हैं, रिएक्ट करते हैं, बच्चा भी बहुत कुछ वैसा ही सीखता है। इसके अलावा तीसरा यह है कि बच्चे को सुनना और समझना। दरअसल, जितना ज्यादा आप अपने बच्चे को सुनते और समझते हैं, उतनी ही मजबूत बॉन्डिंग और कम्युनिकेशन बनता है। इसीलिए उनके लिए बेहतर रोल मॉडल बनें।
एक्सपर्ट अंत में पांचवें गुण के बारे में बताते हुए कहती हैं कि अच्छे पेरेंट्स बाउंड्रीज और रूल्स बनाते हैं। बिल्कुल, बच्चों के लिए रूल्स होने चाहिए, लेकिन उन्हें फैसलों में शामिल करना भी जरूरी है। इससे बच्चा रिस्पॉन्सिबल और कॉन्फिडेंट बनता है। इसलिए पेरेंट्स को इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।
डॉक्टर राठौड़ कहती हैं कि गुड पेरेंट्स बच्चे की गलती को गलत कहते हैं, लेकिन बच्चे को गलत नहीं समझते। इसलिए उनका प्यार बच्चे के बिहेवियर के आधार पर नहीं बदलता। वे अपने बच्चे से हमेशा अनकंडीशनल लव करते हैं।