माता की चौकी में सैटिन फिनिश मेकअप में नजर आईं अंशुला कपूर, आप भी जानें इस मौसम कैसे करें सैटिन फिनिश मेकअप
आपने अंशुला कपूर की माता की चौकी वाली तस्वीरें तो अब तक देख ही ली होंगी। पूरा लुक सॉफ्ट नजर आ रहा है जो उन पर बहुत ज्यादा फब रहा है। उनका मेकअप लुक है सैटिन फिनिश जो इस मौसम बहुत हेवी न महसूस होते हुए देता है सॉफ्ट रेडिएंट लुक। सैटिन फिनिश मेकअप न तो बहुत ग्लॉसी होता है और न ही मैट। इसलिए न तो ये चॉकी लगता है और न ही केकी। सैटिन फिनिश मेकअप आपको देता है एक ऐसा नेचुरल लुक जो पूरी तरह संतुलित होता है।

इस मेकअप में लेयरिंग नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जाता है ताकि चेहरे के दाग धब्बे छिपते हुए उसे बेहद नेचुरल लुक मिल सके मानों मेकअप किया ही न हो। यह ऐसा लुक है जिसे आप पार्टी मेकअप के लिए तो अपना ही सकते हैं साथ ही इसे ब्राइड्स भी बेहद पसंद कर रही हैं।
मॉनसून में सैटिन फिनिश मेकअप के मायने
सैटिन फिनिश मेकअप की खासियत
इस तरह करे सैटिन फिनिश मेकअप
स्किन प्रेप : चेहरा धोने के बाद, हाइड्रेटिंग टोनर लगाएं और नॉन कोमेटोजेनिक यानी ऐसा मॉश्चराइजर लगाएं जो पोर्स को क्लॉग न करता हो। इसके बाद ऐसा प्राइमर लगाएं जो पोर्स को ब्लर करता हो लेकिन बहुत मैट फिनिश न दे।
कलर करेंक्शन : कलर करेक्शन के लिए स्किन टोन से दो शेड डार्क लिक्वेड कंसीलर का इस्तेमाल करें। ऑरेंज कंसीलर बहुत जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल में लाएं। इससे आप लेयरिंग से बच जाएंगे।
फाउंडेशन : नेचुरल फिनिश, सैटिन फिनिश या ल्यूमिनस मैट लेबल वाले फाउंडेशन चुनें। फाउंडेशन की ज्यादा परत न लगाएं, इसकी एक ही लेयक काफी है। अगर किसी खास जगह कवरेज की जरूरत पड़ रही है वहीं पर अतिरिक्त फाउंडेशन लगाएं।
कंसीलर : फेस हाईलाइटिंग और कंटोरिंग के लिए कंसीलर का इस्तेमाल करते हैं। सैटिन फिनिश के लिए इनके रंग त्वचा के रंग के आस पास ही रखें और लिक्वेड कंसीलर इस्तेमाल करें। बहुत ज्यादा प्रोडक्ट लगाने की जगह केवल उतना ही लगाएं जितनी जरूरत है। इसमें सभी तरह की हाइलाइटिंग या कॉन्टोर की जरूरत नहीं है, बस एक सॉफट फिनिश चाहिए। जहां कंसीलर लगाया है उसे अच्छी तरह ब्लेंड करें।
पाउडर : पाउडर से चेहरा मैट हो जाता है। इसलिए ऐसा लूस पाउडर इस्तेमाल करें जो मेकअप को सेट करने के साथ ही उसके सैटिन लुक को बरकरार रखे। इसके लिए बेहद बारीक और ब्लर करने वाले सैटिन फिनिश पाउडर का इस्तेमाल करें। अगर बहुत ज्यादा जरूरत न हो तो केवल आंखों के नीचे, माथे पर या वहां पाउडर लगाएं जहां आपको पसीना ज्यादा आता हो।
सॉफ्ट स्कल्पटिंग : कॉन्टोर के लिए बहुत तीखे स्ट्रोक्स ने देते हुए ब्रश में हल्के रंग वाला कॉन्टोर लें और चेहरे की फ्रेमिंग करें। कॉन्टोर हेयर लाइन पर केवल वहां लगाएं जहां चेहरे का संतुलन बिगड़ रहा हो, जॉ लाइन से नीचे की तरफ ले जाएं, नाक के किनारों पर और चीक बोन के नीचे बेहद हल्के हाथों से कम प्रोडक्ट लेकर लगाएं जिससे चेहरे की सॉफ्ट स्कल्पटिंग हो सके।
इस मेकअप में लेयरिंग नहीं बल्कि जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जाता है ताकि चेहरे के दाग धब्बे छिपते हुए उसे बेहद नेचुरल लुक मिल सके मानों मेकअप किया ही न हो। यह ऐसा लुक है जिसे आप पार्टी मेकअप के लिए तो अपना ही सकते हैं साथ ही इसे ब्राइड्स भी बेहद पसंद कर रही हैं।
मॉनसून में सैटिन फिनिश मेकअप के मायने
मॉनसून में त्वचा को यूं ही कई तरह की समस्याएं होती रहती हैं, ऐसे में मेकअप की हेवी लेयरिंग चेहरे को परेशानी में डाल सकती है। पसीना, उमस और बारीश से मेकअप मेल्ट हो सकता है या पैची लगने लगता है। बहुत मैट करने पर चॉक जैसा नजर आता है और मैट नहीं किया तो बहुत ज्यादा चमकने लगता है और केकी भी नजर आ सकता है। लेकिन सैटिन फिनिश मेकअप आपको एक संतुलित मेकअप लुक देता है। मॉनसून में त्वचा में ऑयल ज्यादा बनता है और चेहरा ग्रीसी लगता है जिससे चेहरे की ताजगी चली जाती है। लेकिन सेटिन फिनिश मेकअप में चेहरे पर सॉफ्ट रेडिएंस बनी रहती है और चेहरा फ्रेश नजर आता है। इसके अलावा ज्यादा लेयरिंग वाला हेवी मेकअप त्वचा को असहज महसूस कराता है लेकिन सैटिन फिनिश मेकअप त्वचा पर हल्का रहता है।
सैटिन फिनिश मेकअप की खासियत
- यह हर उम्र और हर स्किन टाइप पर अच्छा लगता है।
- इसमें चेहरे के ऐब तो छिपते हैं लेकिन नेचुरल फिनिश नहीं जाता।
- फोटोग्राफ लेने पर चेहरे पर बहुत ज्यादा चमक नहीं आती
- संतुलित होता है, बहुत कॉन्टोरिंग की जरूरत नहीं पड़ती।
- लेयरिंग कम होने के कारण फाइनलाइन और ड्राई पैच कम नजर आते हैं।
इस तरह करे सैटिन फिनिश मेकअप
स्किन प्रेप : चेहरा धोने के बाद, हाइड्रेटिंग टोनर लगाएं और नॉन कोमेटोजेनिक यानी ऐसा मॉश्चराइजर लगाएं जो पोर्स को क्लॉग न करता हो। इसके बाद ऐसा प्राइमर लगाएं जो पोर्स को ब्लर करता हो लेकिन बहुत मैट फिनिश न दे।
कलर करेंक्शन : कलर करेक्शन के लिए स्किन टोन से दो शेड डार्क लिक्वेड कंसीलर का इस्तेमाल करें। ऑरेंज कंसीलर बहुत जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल में लाएं। इससे आप लेयरिंग से बच जाएंगे।
फाउंडेशन : नेचुरल फिनिश, सैटिन फिनिश या ल्यूमिनस मैट लेबल वाले फाउंडेशन चुनें। फाउंडेशन की ज्यादा परत न लगाएं, इसकी एक ही लेयक काफी है। अगर किसी खास जगह कवरेज की जरूरत पड़ रही है वहीं पर अतिरिक्त फाउंडेशन लगाएं।
कंसीलर : फेस हाईलाइटिंग और कंटोरिंग के लिए कंसीलर का इस्तेमाल करते हैं। सैटिन फिनिश के लिए इनके रंग त्वचा के रंग के आस पास ही रखें और लिक्वेड कंसीलर इस्तेमाल करें। बहुत ज्यादा प्रोडक्ट लगाने की जगह केवल उतना ही लगाएं जितनी जरूरत है। इसमें सभी तरह की हाइलाइटिंग या कॉन्टोर की जरूरत नहीं है, बस एक सॉफट फिनिश चाहिए। जहां कंसीलर लगाया है उसे अच्छी तरह ब्लेंड करें।
पाउडर : पाउडर से चेहरा मैट हो जाता है। इसलिए ऐसा लूस पाउडर इस्तेमाल करें जो मेकअप को सेट करने के साथ ही उसके सैटिन लुक को बरकरार रखे। इसके लिए बेहद बारीक और ब्लर करने वाले सैटिन फिनिश पाउडर का इस्तेमाल करें। अगर बहुत ज्यादा जरूरत न हो तो केवल आंखों के नीचे, माथे पर या वहां पाउडर लगाएं जहां आपको पसीना ज्यादा आता हो।
सॉफ्ट स्कल्पटिंग : कॉन्टोर के लिए बहुत तीखे स्ट्रोक्स ने देते हुए ब्रश में हल्के रंग वाला कॉन्टोर लें और चेहरे की फ्रेमिंग करें। कॉन्टोर हेयर लाइन पर केवल वहां लगाएं जहां चेहरे का संतुलन बिगड़ रहा हो, जॉ लाइन से नीचे की तरफ ले जाएं, नाक के किनारों पर और चीक बोन के नीचे बेहद हल्के हाथों से कम प्रोडक्ट लेकर लगाएं जिससे चेहरे की सॉफ्ट स्कल्पटिंग हो सके।
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