प्रेग्नेंसी प्लान कर रहे किसी भी कपल के लिए सबसे ज्यादा निराशाजनक स्थिति तब होती है, जब सभी मेडिकल रिपोर्ट्स सामान्य आती हैं, लेकिन इसके बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता। ऐसे में यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि आखिर समस्या कहां है। बार-बार मिल रही असफलता धीरे-धीरे कपल को मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह थका देती है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में फर्टिलिटी एक्सपर्ट और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. महिमा के पास पहुंचा। 29 साल की यह महिला पिछले ढाई साल से प्रेग्नेंसी के लिए कोशिश कर रही थी, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लग रही थी।
वह कई डॉक्टरों से इलाज करा चुकी थी और हर जगह उसे यही जवाब मिला- ‘सब कुछ ठीक है।’ यह जवाब उसके लिए एक नई उलझन बन गया था। वह जानना चाहती थी कि अगर सभी रिपोर्ट्स सामान्य हैं, तो आखिर वह गर्भधारण क्यों नहीं कर पा रही है। डॉ. महिमा ने महिला की पूरी मेडिकल हिस्ट्री ध्यान से सुनी और उसकी सभी रिपोर्ट्स देखीं। इसके बाद उन्होंने उससे एक ऐसा सवाल पूछा, जिसके जवाब ने प्रेग्नेंसी न ठहरने की असली वजह सामने ला दी।
फर्टिलिटी एक्सपर्ट और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. महिमा बताती हैं कि हाल ही में उनके पास 29 साल की एक महिला आई, जो पिछले ढाई साल से गर्भधारण की कोशिश कर रही थी, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लग रही थी। वह इससे पहले 3 अलग-अलग डॉक्टरों से इलाज करा चुकी थी, फिर भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला था। उन्होंने जब महिला की पूरी मेडिकल हिस्ट्री की विस्तार से जांच की, तो पाया कि उसकी फैलोपियन ट्यूब्स सामान्य थीं, ओव्यूलेशन समय पर हो रहा था और हार्मोन टेस्ट भी पूरी तरह सामान्य थे। इतना ही नहीं, महिला के 8 ओव्यूलेशन इंडक्शन साइकल हो चुके थे और 1 बार आईयूआई (IUI) भी किया जा चुका था, जो असफल रहा। इस तरह इलाज पर अब तक हजारों रुपये खर्च हो चुके थे।
एक्सपर्ट बताती हैं कि महिला ने उनसे कहा, ‘अब तक हर डॉक्टर यही कहता था कि आपकी सभी रिपोर्ट्स सामान्य हैं, सब कुछ ठीक है।’ लेकिन इसके बावजूद कोई भी इलाज असर नहीं दिखा रहा था। महिला को प्रेग्नेंसी नहीं हो रही थी। उसके लिए हर महीने की शुरुआत नई उम्मीद लेकर आती थी, लेकिन महीने का अंत निराशा और आंसुओं के साथ होता था। परिवार के लोग बार-बार यही कहते थे कि ‘सब कुछ नॉर्मल है, बस रिलैक्स करो।’ लेकिन हकीकत यह थी कि लगातार असफल प्रयासों ने इस कपल को मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह थका दिया था। महिला शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी।