मशहूर कथावाचक और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी अक्सर पेरेंटिंग से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा करती हैं। इसी क्रम में एक कथा के दौरान उन्होंने माता-पिता को समझाते हुए कहा कि बच्चों को गलतियां करने का मौका देना चाहिए। उन्हें हर समय जरूरत से ज्यादा प्रोटेक्शन देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे वह समझदार नहीं बन पाएगा। इसलिए पेरेंट्स को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि वे बच्चे को अपने अनुभवों से सीखने का मौका दें।
मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी कहती हैं, ‘मैं माता-पिता से कहना चाहती हूं कि आखिर आप बच्चों को कब तक बचा लेंगे? आखिर कब तक उनकी गलतियों को ढक-ढक कर और उनके काम खुद कर-कर के उन्हें संभालेंगे? जब तक शायद आप जिंदा हैं, बस तब तक। Image- Jaya Kishori Instagram
आपके जाने के बाद उनका क्या होगा? इसलिए उन्हें अपने सामने गिरने दीजिए, सीखने दीजिए न उनको , गलती करने दीजिए। हम बच्चों को गलती करने ही नहीं देते। माता-पिता अक्सर बच्चों को गलतियां करने से बचाते रहते हैं। अरे, अगर वह आपके सामने गलती करेगा तो संभालने के लिए आप हैं, लेकिन इससे उसे समझ तो आ पाएगा कि क्या सही है और क्या गलत।’ Image-Jaya Kishori Instagram
आज हर छोटी-बड़ी चीज माता-पिता खुद कर देते हैं और हर परेशानी संभाल लेते हैं। ऐसे में बच्चा जिम्मेदार और समझदार कैसे बनेगा? इसलिए जरूरी है कि माता-पिता अपने जीते-जी बच्चों को समझदार बनाएं। उन्हें गलतियों का अवसर दें। याद रखिए, इंसान गलतियां करके और उनसे सीखकर ही समझदार बनता है।’ Image-Jaya Kishori Instagram
मोटिवेशनल स्पीकर के इस बयान से माता-पिता को यह सीखना चाहिए कि वे ओवरप्रोटेक्टिव पेरेंटिंग से बचें। हर समय बच्चों को बचाकर रखना, उनकी हर समस्या खुद सुलझाना और हर काम में जरूरत से ज्यादा दखल देना उनके आत्मविश्वास को कमजोर कर सकता है। इसलिए पेरेंट्स को बच्चों को सीखने, समझने और अपनी गलतियों से आगे बढ़ने का मौका जरूर देना चाहिए। इससे बच्चा खुद फैसले लेना, और समस्याओं का सामना करना सीखता है। Image-Istock
ओवरप्रोटेक्शन से बचने के अलावा पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों को जिम्मेदार बनाना सिखाएं। उन्हें अपने छोटे-छोटे काम खुद करना सिखाएं। ऐसा नहीं होना चाहिए कि बच्चे को जरा-सी परेशानी हो और माता-पिता तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़ पड़ें। उसे परिस्थितियों से जूझने और खुद समाधान ढूंढने का मौका दें। इसी तरह बच्चा धीरे-धीरे आत्मनिर्भर, समझदार और मजबूत बनता है। Image-IStock
जैसा कि कथावाचक ने भी कहा है, जब तक बच्चा गिरेगा नहीं, तब तक वह सीख कैसे पाएगा। इसलिए बच्चों को अपनी गलतियों से सीखने का मौका जरूर दें। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि हर बात सिर्फ समझाने से नहीं सिखाई जा सकती, बल्कि अनुभव ही बच्चे को ज्यादा समझदार और परिपक्व बनाते हैं। इसीलिए बच्चे को गलतियां करने दें और सबक सीखने दें। Image-IStock