ग्लो के चक्कर में स्किन का कर रहे हैं नुकसान? ये 5 संकेत बिल्कुल नजरअंदाज न करें

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स्किनकेयर में हर नया प्रोडक्ट जोड़ना जरूरी नहीं है। खासतौर पर एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का ज्यादा इस्तेमाल किया जाए तो त्वचा को समस्या होना शुरू हो सकती है। कई बार जरूरत से ज्यादा स्किनकेयर करने से त्वचा के नेचुरल बेरियर खराब होने लगते हैं और ऐसे में त्चचा में खुजली होना, लाल पड़ना, रूखापन और त्वचा का सेंसिटिव हो जाना आम बात है।

स्किनकेयर में अक्सर लोग आए दिन नए प्रोडक्ट शामिल करते चले जाते हैं। सोशल मीडिया पर कुछ देखा नहीं कि उसे तुरंत खरीद लिया। कई बार बिना सोचे समझे लंबे समय तक एक ही प्रोडक्ट को इस्तेमाल करते चले आते हैं। लेकिन आपको यह बात समझनी होगी कि स्किनकेयर में कई एक्टिव इंग्रीडिएंट होते हैं जो एक निश्चित समय तक ही त्वचा पर लगाए जा सकते हैं। अगर इससे ज्यादा इन्हें लगाया जाए या ज्यादा मात्रा में लगाया जाए तो त्वचा को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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स्किनकेयर ओवरयूज त्वचा पर उल्टा असर डाल सकते हैंजरूरत से ज्यादा स्किनकेयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल या किसी एक एक्टिव इंग्रीडिएंट को उतना लगाना जितनी उसकी जरूरत ही नहीं थी, आपकी त्वचा को उल्टे परिणाम दे सकता है। ऐसा तब ज्यादा होता है जब एक ही रूटीन में कई एक्टिव्स एक साथ इस्तेमाल किए जाएं। यह समस्स्या तब और भी बढ़ सकती है जब जलन और लालिमा होने के बावजूद इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल जारी रखा जाए।

कई बार हमें लगता है कि कोई सीरम कुछ हफ्तों में फायदा दे सकता है तो ज्यादा मात्रा में या ज्यादा बार लगाने से रिजल्ट भी जल्दी मिलेगा। लेकिन त्वचा के साथ ऐसा नहीं है। एएचए और बीएचए के ज्यादा इस्तेमाल से जलन, खुजली, रूखापन और लालिमा हो सकती है। वहीं रेटिनॉइड्स के ओवरयूज से भी ड्रायनेस, पीलिंग और जलन की समस्या हो सकती है। एक साथ कई एक्टिव्स लगाना, हर दिन एक्टिव इस्तेमाल करना और इरिटेशन होने पर भी रूटीन जारी रखना आम गलतियों में शामिल है।

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क्या होते हैं एक्टिव इंग्रीडिएंट्स?स्किनकेयर में एक्टिव्स ऐसे इंग्रीडिएंट्स होते हैं, जो किसी खास समस्या को ठीक करने के लिए बने होते हैं जैसे पिग्मेंटेशन, एक्ने, एजिंग साइन वगैरह। रेटिनॉल, एएचए, बीएचए, विटामिन सी, नायसिनामाइड और हायलूरोनिक एसिड ऐसे ही कुछ इंग्रीडिएंट हैं।

समस्या तब आती है जब बिना सोचे समझे लोग इनका इस्तेमाल करने लगते हैं। कई बार तो उन्हें यह भी नहीं पता होता कि किन दो इंग्रीडिएंट काे एक साथ इस्तेमाल करने से समस्या पैदा हो सकती है। खासतौर पर रेटिनॉइड, एएचए और बीएचए जैसे एक्टिव्स के इस्तेमाल में सावधानी की जरूरत होती है।

किसी नए एक्टिव को धीरे-धीरे रूटीन में शामिल करना चाहिए। शुरुआत में सप्ताह में 2 से 3 बार इस्तेमाल करना एक तरीका हो सकता है, ताकि त्वचा उसकी आदत डाल सके। इसके साथ अन्य एक्टिव को शामिल करने से बचने की भी जरूरत है।

कैसे पता चले कि स्किनकेयर का ओवरयूज हो रहा है?अगर अचानक आपकी त्वचा पहले से अलग महसूस होने लगे, बेहतर होने की जगह आपको समस्या नजर आने लगे तो आपको अपने स्किनकेयर रूटीन पर गौर करने की जरूरत है। जानें स्किनकेयर ओवरयूज से क्या समस्याएं आ सकती हैं

त्वचा में लालिमा और खुजली : अगर त्वचा में लगातार खुजली होना शुरू हो चुकी है, लालिमा आने लगी है या ड्रायनेस बढ़ रही है तो यह स्किनकेयर के ओवरयूज के कारण हो सकता है।

चेहरा खिंचा-खिंचा लगे : चेहरा धोने या कोई प्रोडक्ट लगाने के बाद लगातार खिंचाव महसूस हो रहा है, जबकि पहले ऐसा नहीं होता था, तो यह भी ओवरयूज का संकेत हो सकता है।

चेहरा असामान्य रूप से चमकदार दिखे : कई दफा चेहरे की चमक त्वचा की परेशानी की ओर इशारा होती है। ऑयली त्वचा में चमक को सामान्य माना जा सकता है। लेकिन अगर एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद चेहरा अलग तरीके से चमक रहा है जो संभव है कि आपने उसे गलत तरीके से एक्सफोलिएट किया हो।

प्रोडक्ट लगाते ही जलन होने लगे : अगर जो प्रोडक्ट पहले आसानी से लगा लेती थीं, वही अब चेहरे पर जलने या चुभने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें। जलन, चुभन, खुजली और छूने भर से लाल हो जाना त्वचा के एक्टिव्स से परेशान होने के संकेत हो सकते हैं।

अलग-अलग एक्टिव के ओवरयूज से क्या हो सकता है?रेटिनॉल और रेटिनॉइड

रेटिनॉइड नए स्किन सेल बनने बनाने में मदद करते हैं। साथ ही ये फाइन लाइंस दूर करते और त्वचा के स्ट्रक्चर में सुधार लाते हैं। लेकिन ज्यादा इस्तेमाल से ड्रायनेस, लालिमा, जलन और त्वचा के छिलने की समस्या हो सकती है।

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एएचए

ग्लाइकोलिक एसिड और लैक्टिक एसिड जैसे एएचए डेड सेल को हटाने वाले एक्सफोलिएंट्स हैं। इनके ज्यादा इस्तेमाल से जलन, खुजली और सूजन हो सकती है।

बीएचए

सैलिसिलिक एसिड जैसे बीएचए पोर्स को साफ करने और मुंहासों से जुड़ी समस्या में इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल त्वचा को ड्राय, लाल और चुभने वाली बना सकता है।

बेंजोइल पेरॉक्साइड

मुंहासों के लिए इस्तेमाल होने वाले बेंजोइल पेरॉक्साइड की ज्यादा मात्रा या ज्यादा इस्तेमाल से ड्रायनेस, स्केलिंग और लालिमा हो सकती है।

हाइड्रोक्विनोन

डार्क स्पॉट और हाइपरपिग्मेंटेशन कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाले हाइड्रोक्विनोन का ओवरयूज जलन पैदा कर सकता है। दुर्लभ मामलों में ओक्रोनोसिस जैसी समस्या भी हो सकती है, जिसमें त्वचा का रंग नीला-काला या ग्रे-नीला पड़ सकता है।

नायसिनामाइड

नायसिनामाइड एक एक्टिव इंग्रीडिएंट है, लेकिन दिए गए स्रोतों में इसके ओवरयूज के लिए कोई अलग और निश्चित लक्षण नहीं बताए गए हैं। इसलिए अगर इसे लगाने के बाद त्वचा लाल, चुभने वाली, खुजली वाली या इरिटेटेड हो रही है तो इस्तेमाल जारी रखने की बजाय रूटीन पर ध्यान देना बेहतर है।

स्किनकेयर में याद रखें- ज्यादा नहीं, सही जरूरी हैचेहरे पर दस अलग-अलग सीरम लगाने से त्वचा दस गुना बेहतर नहीं हो जाएगी। कई बार कम प्रोडक्ट और सही रूटीन ही त्वचा के लिए ज्यादा अच्छा काम करता है।

एक साथ कई एक्टिव लगाने, हर दिन एक्सफोलिएट करने या सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर स्किनकेयर ट्रेंड को आजमाने की बजाय अपनी त्वचा की जरूरत समझें। आपको एक समय में एक एक्टिव शुरू करने, धीरे-धीरे उसकी आदत डालने और त्वचा के संकेतों को समझने की जरूरत है।

याद रखें कि स्किनकेयर का मकसद त्वचा को परेशान करना नहीं, उसे स्वस्थ रखना है। इसलिए जब त्वचा कहे कि अब बहुत हो गया, तो उसकी बात सुनें और वहीं रुक जाएं। अगर त्वचा में समस्या आ चुकी है तो डर्मेटोलॉजिस्ट से बात करें और अपना सही उपचार कराकर स्किन को राहत दें।