5 आयुर्वेदिक जूस जो त्वचा को निखारें और शरीर को करें डिटॉक्स, डॉ. बोलीं- आंवला से लेकर अनार का रस हैं इसमें शामिल

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आयुर्वेद बाहरी लेपों या क्रीम से ज्यादा भीतरी संतुलन पर गौर करने की बात कहता है। बेहतर पाचन यानी अग्नि का संतुलन, रस, रक्त और ममसा धातु का बेहतर पोषण आपकी त्वचा में लाजवाब दमक ला सकता है। आयुर्वेद में ऐसे जूस मौजूद हैं जो आपके शरीर को डिटॉक्स करने के साथ ही आपकी त्वचा के कोलाजन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। अगर आप होने वाली दुल्हन हैं तो जाहिर है कि दमकती त्वचा आपकी प्राथमिकताओं में से एक होगी।
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दमकती त्वचा के लिए जरूरी नहीं है कि केमिकल वाले महंगे उत्पादों का सहारा लिया जाए। आंवला, एलोवेरा, कैरेट बीटरूट जैसे आयुर्वेदिक डिटॉक्स जूस में भरपूर मात्रा में ऐसे एंटी इंफ्लेमेट्री, एंटी एजिंग तत्व और विटामिन पाए जाते हैं जो आपके शरीर और त्वचा की बेहतरीन देखभाल कर सकते हैं। हालांकि ऐसे जूस को पीने से पहले खुद के शरीर की प्रकृति पर गौर करने और इन्हें सोच समझकर सीमित मात्रा में पीने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही आपको तनाव, असंतुलित जीवनशैली और पोषण में लापरवाही से बचने की भी जरूरत है क्योंकि इसका सीधा असर आपकी त्वचा पर नजर आता है।


आंवला जूसआयुर्वेद में आंवला को खास महत्व दिया गया है। इस इंडियन गूजबेरी का जूस बनाने के लिए 2 से 3 आंवला को पीस कर पानी मिला लें और अच्छी तरह छान लें। अगर जरूरत लगे तो एक चुटकी हल्दी या थोड़ा शहद मिला लें।

फायदे :

  • यह त्वचा के साथ साथ पूरे शरीर में नई ताजगी भरने के लिए जाना जाता है।
  • इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट मिलते हैं जो त्वचा के टेक्सचर को ठीक करने, दाग धब्बों को हटाने और कोलाजन को बेहतर करने में मदद करते हैं।
  • इससे शरीर डिटॉक्स होता है जिससे लंबे समय तक ताजगी बरकरार रहती है।
ख्याल रखें : इसे रोजाना खाली पेट 100 से 150 एमएल ही लें, इससे ज्यादा इसका सेवन न करें। पित्त या ऐसिडिटी की समस्या है तो इसका सेवन सावधानी से करें क्योंकि इससे समस्या बढ़ सकती है। गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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कैरेट - बीटरूट जूसकैरेट बीटरूट जूस एक बेहतरीन आयुर्वेदििक डिटॉक्स जूस है। वात तत्व वाले शरीर के लिए यह जूस बेहद कारगर है। इसे बनाने के लिए दो गाजर और एक छोटे आकार के चुकंदर के साथ आधे सेब और अदरक के छोटे टुकड़े को पीस लें।

फायदे :

  • रूखी और बेजान त्वचा को पोषण मिलता है और खोई दमक वापस आ सकती है।
  • गाजर में बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में होता है जो एंटी एजिंग का काम करता है।
  • चुकंदर खून साफ करता है जिससेे शरीर डिटॉक्स होता है, त्वचा ईवन टोन की हो जाती है और चेहरे पर निखार आता है।
ख्याल रखें: इस आयुर्वेदिक डिटॉक्स जूस का सेवन सप्ताह में 3 से 4 बार ही करें और हर बार 200 एमएल से ज्यादा मात्रा न लें। इसका जरूरत से ज्यादा सेवन पाचन में असुविधा पैदा कर सकता है। इसके साथ ही बीटा कैरोटीन के कारण इसके सेवन से त्वचा में हल्का पीलापन भी नजर आ सकता है। जो लोग खून का पतला करने की दवा ले रहे हैं उन्हें इसके सेवन से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

अनार का जूसएक पूरे अनास के दानों को पीसकर यह जूस आसानी से तैयार किया जा सकता है। स्वाद के लिए मनमुताबिक नमक भी मिला सकते हैं।

फायदे:

  • आयुर्वेद में अनार को रक्त धातु को मजबूत बनाने और त्वचा को प्रीमेच्योर एजिंग से बचाने के लिए फायदेमंद माना जाता है।
  • इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जिस कारण यह एक बेहतरीन आयुर्वेदिक डिटॉक्स जूस है।
  • यह आयुर्वेदिक जूस आपकी त्वचा को ईवेन टोन देता है, उसकी फर्मनेस को बेहतर करता है साथ ही उसे वातावरण की समस्याओं से भी बचाता है।
ख्याल रखें: रोजाना 150-200 एमएल जूस का ही सेवन करें। आम तौर पर यह जूस पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है लेकिन अगर आप किसी खास तरह के उपचार से गुजर रहे हैं या दवा का सेवन कर रहे हैं तो इस आयुर्वेदिक डिटॉक्स जूस का सेवन करने से पहले अपने डॉकटर से सलाह लें।

कुकुंबर-मिंट जूसगर्मियों में खीरा और पुदीना दोनों ही पेट को राहत देने के लिए जाने जाते हैं। एक खीरा और एक मुठ्ठी पुदीने की पत्तियां पीसकर उसमें थोड़ा नींबू मिलाकर यह जूस तैयार किया जा सकता है। यह आपको हाइड्रेट करने के साथ इस चिलचिलाती गर्मी में ठंडक भी पहुंचाता है।

फायदे:

  • इससे पित्त दोष और इंफ्लेमेशन दूर होता है।
  • यह त्वचा में कसाव और ताजगी लाने, पोर्स को टाइट करने के लिए भी जाना जाता है।
  • एक्ने वाली त्वचा, सेंसेटिव स्किन और त्वचा को हीट रिलेटेड कोई अन्य समस्या है होने पर राहत देता है।
ख्याल रखें: रोजाना 200 से 250 एमएल जूस पर्याप्त है। अगर आप वात प्रकृति के हैं या ठंडी चीजों के सेवन से समस्या होती है या साइनस है तो इस जूस में अदरक डालकर संतुलित मात्रा में इसका सेवन करें।