घर बनाने के लिए अच्छी गिट्टी की पहचान कैसे करें? सिविल इंजीनियर ने बताया तरीका, कहा- गलती कि तो कमजोर बनेगा मकान

Newspoint
Newspoint
सपनों का घर बनाना हर व्यक्ति की जिंदगी का सबसे बड़ा और जरूरी फैसला होता है। घर की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला मटेरियल कितना दमदार है। सीमेंट, सरिया और रेत के बारे में तो सभी बात करते हैं, लेकिन कंक्रीट का एक बहुत बड़ा हिस्सा गिट्टी होती है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।

कंक्रीट की मजबूती में गिट्टी रीढ़ की हड्डी का काम करती है। हाल ही में एक सिविल इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर घर बनाने के लिए सबसे अच्छी और सही गिट्टी की पहचान करने के कुछ बेहद जरूरी और तकनीकी तरीके बताए हैं। इंजीनियर के मुताबिक, अगर गिट्टी चुनने में जरा सी भी गलती हुई, तो आपका करोड़ों का मकान समय से पहले कमजोर हो सकता है।
Newspoint
Hero Image
इंजीनियर का कहना है कि घर की ढलाई के लिए कभी भी गोल गिट्टी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। गोल गिट्टी के साथ काम करना भले ही आसान हो, लेकिन इसके बीच की पकड़ और मजबूती बहुत कम होती है। हमेशा ऐसी गिट्टी का चुनाव करें जो नुकीली, कोनिकल या एंगुलर हो। नुकीली गिट्टी आपस में बेहतरीन तरीके से इंटरलॉक हो जाती है, जिससे कंक्रीट को जबरदस्त मजबूती मिलती है।
Newspoint
बाजार से गिट्टी खरीदते समय ध्यान से देखें कि पत्थरों की सतह पर छोटे-छोटे गड्ढे या छिद्र न हों। सिविल इंजीनियर के अनुसार, जब ऐसी गड्ढे वाली गिट्टी का इस्तेमाल कंक्रीट बनाने में होता है, तो इन छेदों में पानी जमा हो जाता है। बाद में यह नमी कंक्रीट के अंदर मौजूद सरिये तक पहुंच जाती है, जिससे सरिये में जंग लगने लगती है। जंग लगने से धीरे-धीरे मकान का पूरा ढांचा अंदर से खोखला और कमजोर हो जाता है।
Newspoint
मजबूत कंक्रीट तैयार करने का एक तय मापदंड होता है, जिसमें धूल-मिट्टी की कोई जगह नहीं होती। अगर आपकी गिट्टी में पहले से बहुत ज्यादा धूल, मिट्टी या बारीक पाउडर मिला हुआ है, तो कंक्रीट बनाते समय सीमेंट, रेत और पानी का सही अनुपात गड़बड़ा जाता है। मिट्टी सीमेंट की पकड़ को कमजोर कर देती है, जिससे ढलाई के बाद दरारें आने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा साफ-सुथरी गिट्टी ही खरीदें।
Newspoint
घर के स्लैब, बीम और कॉलम की ढलाई के लिए हमेशा 20mm से कम साइज की गिट्टी का ही इस्तेमाल करना चाहिए। लेकिन इंजीनियर ने इसके लिए एक खास नियम बताया है। कंक्रीट को घना और मजबूत बनाने के लिए हमेशा 60 प्रतिशत गिट्टी 20mm साइज की और 40 प्रतिशत गिट्टी 10mm साइज की होनी चाहिए। इन दोनों साइज को मिलाकर इस्तेमाल करने से कंक्रीट के बीच के खाली जगह पूरी तरह भर जाती है।
Newspoint
अच्छी और मजबूत गिट्टी हमेशा गहरे ग्रे या काले रंग के मजबूत ग्रेनाइट/बेसाल्ट पत्थरों को तोड़कर बनाई जाती है। अगर गिट्टी का रंग बहुत हल्का, सफेद या पीलापन लिए हुए है, तो इसका मतलब है कि वह कच्चे या चूना पत्थर से बनी है। ऐसी गिट्टी पानी सोखकर जल्दी टूट जाती है। इसके अलावा, गिट्टी को आपस में टकराकर देखें, अगर मेटैलिक खनकती हुई आवाज आए, तो समझें पत्थर मजबूत है।​

Newspoint
अगर आपकी साइट पर गिट्टी आ चुकी है और उसमें थोड़ी-बहुत धूल जमा है, तो इंजीनियर एक बेहतरीन सलाह देते हैं। ढलाई का काम शुरू करने से ठीक पहले गिट्टी के ढेर पर तेज प्रेशर से पानी डालकर उसे अच्छी तरह धो लें। ऐसा करने से पत्थरों पर जमी हुई बारीक मिट्टी बह जाएगी और सीमेंट के साथ गिट्टी का बॉन्ड बेहद शानदार बनेगा। यह छोटी सी मेहनत आपके घर की उम्र को कई साल बढ़ा देगी। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।