चिलचिलाती धूप और चोक कर देने वाली गर्मी से बचने के लिए इन दिनों इंटरनेट पर कम खर्चे वाले देसी नुस्खे काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प दावा सोशल मीडिया पर सुरेश यादव नाम के शख्स ने किया है, जिनका कहना है कि छत पर चूने और फेविकोल का खास घोल लगाने से घर का तापमान 15 डिग्री तक गिर जाता है।
दूसरी तरफ, सिविल इंजीनियर विशाल गोयल इस तरकीब के पीछे के वैज्ञानिक आधार यानी कि रिफ्लेक्शन थ्योरी को सही तो मानते हैं। और, इस ट्रिक को अपनाने को लेकर वीडियो भी शेयर कर चुके हैं। अगर आप भी इस सस्ती ट्रिक को आजमाना चाहते हैं। तो जरूरी सामग्री, घोल बनाने के सही स्टेप्स और एक्सपर्ट की इस राय की जरूरत को जरूर समझें।
सुरेश यादव के नाम के शख्स के सोशल मीडिया अकाउंट से बेहद कम खर्चे में घर को ठंडा रखने का देसी जुगाड़ शेयर किया गया है। उनके मुताबिक, अगर आप चूने में फेविकोल मिलाकर अपनी छत पर दो कोट कर देते हैं, तो चिलचिलाती धूप में भी आपका घर अंदर से ठंडा रहेगा। उन्होंने इस नुस्खे से घर के तापमान में पूरे 15 डिग्री तक की भारी गिरावट होने का दावा किया है।
आपको बता दें कि छत पर चूना लगाने की ट्रिक सिविल इंजीनियर विशाल गोयल भी शेयर कर चुके हैं। उनका मानना है कि छत को सफेद करने के पीछे का वैज्ञानिक आधार बिल्कुल आसान और सटीक है। दरअसल, सफेद रंग 'रिफ्लेक्टर' की तरह काम करता है। जब सूरज की तेज और हानिकारक किरणें सफेद रंग की छत पर गिरती हैं, तो कंक्रीट की छत उन्हें सोखने के बजाय रिफ्लेक्ट कर देता है। जिससे छत गर्म नहीं हो पाती और घर ठंडा रहता है।
20 किलो चूना 5 किलो फेविकोल 500 ग्राम यूआरपी - URP (यह एक लिक्विड वॉटरप्रूफिंग केमिकल है, जो पूरी तरह वैकल्पिक है)
पहला स्टेप- सबसे पहले एक बड़ा ड्रम लें। इसमें 5 किलो चूना डालें और ऊपर से लगभग 20 लीटर पानी मिला दें। दूसरा स्टेप- चूने और पानी के इस मिश्रण को रातभर गलने के लिए छोड़ दें। रातभर में चूना पानी के साथ अच्छे से रिएक्ट होकर ठंडा हो जाएगा। तीसरा स्टेप- सुबह इस घुले हुए चूने में 5 लीटर फेविकोल और 500 ग्राम यूआरपी केमिकल को अच्छी तरह मिला लें ताकि एक गाढ़ा और मजबूत घोल तैयार हो जाए। चौथा स्टेप- अब इस तैयार घोल को ब्रश या रोलर की मदद से साफ की हुई छत पर लगाएं। ध्यान रहे कि बेहतर रिजल्ट के लिए इसके कम से कम 2 कोट जरूर करें।
इस तरीके का सबसे बड़ा फायदा है कि यह 'कूल रूफ पेंट' के मुकाबले बेहद सस्ता और किफायती है। फेविकोल मिलाने के कारण यह चूना पहली ही बारिश में आसानी से नहीं धुलता। लेकिन ध्यान रहे, यह कोई परमानेंट इलाज नहीं है। हर साल की गर्मी में आपको इसे दोबारा लगाना पड़ सकता है। साथ ही, चूना लगाने से पहले छत की अच्छी तरह सफाई जरूर कर लें, ताकि घोल कंक्रीट को मजबूती से पकड़ सके।
जहां एक ओर सुरेश यादव का दावा 15 डिग्री तापमान कम करने को लेकर है तो दूसरी ओर सिविल इंजीनियर 5 डिग्री तक की बात कर रहे हैं। अब चूना 'रिफ्लेक्टर' की तरह काम करता है यह तो विज्ञान भी मानता है, तो गर्मी कम भी हो सकती है। लेकिन समझदारी इसमें ही होगी कि अपनी छत पर ट्रिक को आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले ली जाए। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम-यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।