मौनी रॉय इन दिनों अपने तलाक को लेकर लाइमलाइट में बनी हुई हैं, तो दूसरी तरफ वह कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म बॉम्बे स्टोरीज के पोस्टर और टीजर लॉन्च के लिए पहुंचीं। जिसके लिए उन्होंने बेहद स्टनिंग गाउन पहन, जिस पर 700- 800 साल पुरानी पारंपरिक कला देखने को मिली। तभी तो मौनी के लुक में ट्रेडिशनल और मॉडर्न एलिगेंस का परफेक्ट मेल नजर आया, जो दिल जीत गया।
40 बरस की मौनी ने पहले दिन कान्स में जाते ही अपना ब्लैक ब्यूटी लुक दिखाया था, तो अब ब्लू गाउन में वह ग्लैमर का तड़का लगा गईं। जिसे स्टाइल करने के लिए उन्होंने ज्यादा एलिमेंट्स का यूज नहीं किया, लेकिन फिर भी उनका अंदाज बेहद सिजलिंग वाइब्स दे गया, तो यह इंडियन टेक्सटाइल को विदेश मंच पर खूबसूरती से फ्लॉन्ट कर गया। (फोटो साभार: इंस्टाग्राम @imouniroy)
कान्स में अपनी सेकंड अपीयरेंस के लिए मौनी ने द हाउस ऑफ पटोला की कस्टम ड्रेस पहनी, जिसे पूजा शाह ने डिजाइन किया है। फैशन हाउस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कारीगरों को इस हैंडक्राफ्टेड ड्रेस को बनाने में 240 घंटों का समय लगा। जिस पर हुई गुजरात की ट्रेडिशनल पटोला एम्ब्रॉयडरी कान्स में इंडियन हेरिटेज और क्राफ्ट्समैनशिप को रिप्रेजेंट कर गई।
पटोला गुजरात की बेहद मशहूर और पारंपरिक हैंडलूम कला है, जिसे अपनी बारीक बुनाई, चमकदार रंगों और जटिल डिजाइनों के लिए जाना जाता है। यह खासतौर पर डबल इकत तकनीक से तैयार किया जाता है, जिसमें धागों को बुनाई से पहले ही रंगा जाता है। इसके बाद धागों को इतनी सटीकता से बुना जाता है कि कपड़े पर खूबसूरक पैटर्न उभरकर आते हैं। जिसे तैयार करना मुश्किल और समय लेने वाला काम माना जाता है। यही वजह है कि असली पटोला को बनाने में महीने, तो कभी साल भी लग जाते हैं।
मौनी के लुक की डिटेल्स पर गौर करें, तो उनकी ब्लू ड्रेस पर रेड, वाइट और येलो शेड से पटोला वर्क किया गया है, जो उभरकर सामने आ रहा है। ड्रेस को स्ट्रैपी स्लीव्स और स्क्वायर नेक देकर बैक पर नेक को डीप कट दिया, तो फ्रंट में बॉडी हगिंग सिल्हूट रखते हुए उसे स्ट्रैट गाउन की तरह डिजाइन किया। जिसने हसीना के कर्व्स को कॉम्प्लिमेंट किया, तो कलरफुल पटोला वर्क इसकी ब्यूटी को निखार रहा है।
मौनी के गाउन लुक में ड्रामा उनकी साटन की ब्लू ट्रेल ऐड कर रही है। जिसे बैक पर प्लीट्स बनाकर उनकी वेस्ट पर अटैच किया और फिर फ्लोई छोड़ दिया। जिससे ये गाउन को खूबसूरत इफेक्ट दे रही है, तो फ्लोर लेंथ हेम भी स्टनिंग लगी। वहीं, ट्रेल पर कोई पैटर्न नहीं बनाया गया है, जिससे ये अलग हाइलाइट हो रही है और लुक को बैलेंस्ड रखती हैं।
मौनी ने अपनी आउटफिट की ब्यूटी को हाइलाइट करने के लिए इसके साथ कोई जूलरी नहीं पहनी। उनके हाथ में बस एक डायमंड रिंग नजर आ रही है, तो मेकअप को भी हसीना ने सटल- सोबर रखा। जहां पिंक सॉफ्ट लिप्स के साथ हल्की स्मज्ड आइज सुंदर लगी, तो साइड पार्टीशन के साथ बालों को वैवी टच देकर ओपन रखने वाला अंदाज भी लुक की वाइब के साथ परफेक्ट लग रहा है।
माना जाता है कि पटोला कला की शुरुआत करीब 700-800 साल पहले हुई थी। इसे मुख्य रूप से सालवी समुदाय के बुनकरों ने विकसित किया था, जो मूल रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक क्षेत्र से गुजरात आए थे। उस समय पटोला साड़ियां राजघरानों और अमीर परिवारों की पहचान मानी जाती थी। गुजरात के राजा- महाराजा और धनवान व्यापारी खास मौकों पर पटोला पहनते थे। इतना ही नहीं थाईलैंड, इंडोनेशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में भी पटोला फैब्रिक की मांग थी।
आज के समय में पटोला वर्क सिर्फ साड़ियों तक सीमित नहीं है। अब इसे लहंगा, जैकेट, कुर्ती, ड्रेस और दुपट्टा सहित कई आउटफिट्स बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा है। बॉलीवुड सिलेब्स से लेकर आम लोगों तक, सब इस कला के बारे में जानते हैं और इसे अपने कलेक्श में भी शामिल करते हैं। तभी तो यह ट्रेडिशनल कला अब मॉडर्न फैशन का हिस्सा बन चुकी है।