सेहत और स्वाद का बेहतरीन कॉम्बिनेशन चाहिए, तो सहजन से बेहतर कुछ नहीं। इसे मिरेकल ट्री कहा जाता है क्योंकि इसके फल, फूल और पत्तियां सभी औषधीय गुणों से भरपूर हैं। अक्सर लोग सहजन की सिर्फ सब्जी बनाते हैं, लेकिन मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने इसकी एक ऐसी पावर पैक्ड अचार रेसिपी साझा की है, जो गुणों की खान है।
यह अचार न केवल आपकी हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि उन लोगों के लिए भी वरदान है जिन्हें आयरन और पोटैशियम की कमी है। खास बात यह है कि यह पारंपरिक अचारों की तरह हफ्तों का समय नहीं लेता, बल्कि झटपट तैयार हो जाता है। आप किचन के बेसिक मसालों और सहजन की मदद से सेहतमंद मोरिंगा अचार बना सकते हैं।
सूबसे पहले सहजन के फायदों की बात करें तो इसमें दूध से 3 गुना ज्यादा कैल्शियम, केले से 3 गुना ज्यादा पोटैशियम और पालक से 24 गुना ज्यादा आयरन होता है। इतना ही नहीं, यह उन दुर्लभ पौधों में से है जिसमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं। पंकज भदौरिया का यह अचार इन सभी गुणों को आपकी डाइट में शामिल करने का सबसे आसान तरीका है।
अचार बनाने के लिए सबसे पहले 500 ग्राम ताजी सहजन की फलियां लें। इन्हें अच्छी तरह धोकर छील लें और लगभग 2 इंच के टुकड़ों में काट लें। सहजन को छीलना जरूरी है ताकि मसाले अंदर तक जा सकें। अब इन टुकड़ों को उबलते हुए पानी में 4-5 मिनट के लिए पकाएं। ध्यान रहे कि इन्हें बहुत ज्यादा नहीं गलाना है, बस हल्का नरम करना है। उबालने के बाद इन्हें पानी से निकालकर सुखा लें।
अचार की जान उसका मसाला होता है। इसके लिए एक पैन में 2 चम्मच जीरा, 2 चम्मच सौंफ, 1/4 कप साबुत धनिया, 1 चम्मच कलौंजी और 1/4 कप सरसों के दाने लें। इन मसालों को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक कि इनमें से सोंधी खुशबू न आने लगे। भूनने के बाद इन्हें ठंडा करें और मिक्सी में दरदरा पीस लें। मसालों को बारीक पाउडर बनाने के बजाय दरदरा रखने से अचार का स्वाद और बनावट बेहतर होती है।
एक बड़े मिक्सिंग बाउल में उबली हुई सहजन की फलियां लें। अब इसमें तैयार दरदरा मसाला, 2 चम्मच नमक, 1 चम्मच हल्दी पाउडर, 2 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और खटास के लिए थोड़ा आमचूर पाउडर या सिरका मिलाएं। अच्छी तरह से टॉस करें ताकि हर एक फली पर मसालों की एक बराबर परत चढ़ जाए।
किसी भी भारतीय अचार का असली स्वाद सरसों के तेल से आता है। एक तड़का पैन में 1 कप सरसों का तेल गरम करें। तेल को धुआं उठने तक गरम करना जरूरी है ताकि उसका कच्चापन निकल जाए। इसके बाद आंच बंद कर दें और तेल को थोड़ा ठंडा होने दें। गुनगुना तेल मसालेदार सहजन पर डालें और अच्छी तरह मिलाएं। तेल अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का भी काम करता है।
पंकज भदौरिया की रेसिपी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह अचार बहुत जल्दी तैयार हो जाता है। आप इसे तुरंत भी खा सकते हैं या 1-2 दिन धूप दिखाकर इसका स्वाद और बढ़ा सकते हैं। इसे कांच के जार में भरकर रखें। यह अचार परांठे, दाल-चावल या सादी रोटी के साथ बहुत स्वादिष्ट लगता है और आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।