बच्चों की परवरिश करते वक्त अक्सर कुछ माता-पिता उनकी फीलिंग्स को ठीक से समझ नहीं पाते, जिसकी वजह से धीरे-धीरे उनके और बच्चों के बीच दूरी आने लगती है। वहीं, कुछ पेरेंट्स बच्चों को एक तरह के निवेश की तरह देखने लगते हैं, जिससे उन पर अनजाने में उम्मीदों और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे ही मुद्दों पर बात करते हुए कवि डॉ. कुमार विश्वास ने पेरेंट्स और बच्चों के रिश्ते से जुड़े कुछ अहम विचार साझा किए हैं, जिन्हें इस लेख में विस्तार से समझते हैं।