बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित आज यानी 15 मई 2026 को अपना 59वां जन्मदिन मना रही हैं। इस खास मौके पर उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प पहलुओं की बात करें, तो उनके पति डॉ. श्रीराम नेने ने एक इंटरव्यू में अपने बचपन का एक ऐसा किस्सा साझा किया था, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए एक खास शर्त रखी थी। उनके पेरेंट्स ने साफ कहा था कि अगर वह कंडीशन पूरी नहीं करेंगे, तो वे उनकी पढ़ाई के लिए पैसे नहीं देंगे। आखिर क्या थी वो शर्त और क्यों माता-पिता को ऐसी गलती दोहराने से बचना चाहिए? आइए जानते हैं पूरी बात विस्तार से।
(सभी तस्वीरें-सांकेतिक हैं)
INKtalks के साथ बातचीत के दौरान अपने शुरुआती जीवन को याद करते हुए डॉ. श्रीराम नेने ने बताया, ‘जब मैं 14 साल का था, उस समय मेरे प्रवासी माता-पिता ने मुझसे कहा था कि या तो डॉक्टर बनो या इंजीनियर, वरना हम तुम्हारी पढ़ाई का खर्च नहीं उठाएंगे। पहली पीढ़ी के माता-पिता होने के नाते उन्हें यही सही रास्ता लगता था, क्योंकि वे इससे बेहतर कुछ जानते ही नहीं थे। Image-Madhuri Dixit Instagram
भले ही उस दौर में डॉ. नेने के माता-पिता को डॉक्टर या इंजीनियर बनना ही सबसे सुरक्षित करियर ऑप्शन लगता था, लेकिन आज के समय में बच्चों पर इस तरह की शर्तें थोपना सही नहीं है। पेरेंट्स को यह समझने की जरूरत है कि हर बच्चे की अपनी अलग क्षमता, रुचि और सपने होते हैं। किसी बच्चे की दिलचस्पी टेक्नोलॉजी में हो सकती है, तो कोई एआई, आर्ट्स, स्पोर्ट्स, म्यूजिक या किसी अन्य क्रिएटिव फील्ड में रुचि दिखा सकता है। ऐसे में बच्चों की पसंद को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी रुचि को समझना बेहद जरूरी है। Image-Istock

पेरेंट्स को चाहिए कि वे नए दौर के करियर ऑप्शंस को समझें। अब वह समय नहीं रहा, जब सिर्फ डॉक्टर या इंजीनियर बनना ही बेहतर भविष्य की गारंटी माना जाता था। बदलते समय और AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव के साथ टेक्नोलॉजी से जुड़े कई नए कोर्स और करियर सामने आए हैं। इसके अलावा स्टार्टअप, कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल मार्केटिंग, गेम डिजाइनिंग, डेटा साइंस और कई अन्य फील्ड्स में भी शानदार अवसर मौजूद हैं।ऐसे में माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ ट्रेडिशनल करियर ऑप्शन सीमित सोच न रखें। अगर बच्चे की रुचि किसी नए जमाने के करियर ऑप्शन में है, तो उसे समझने और सपोर्ट करने की कोशिश करें। Image- Freepik
माता-पिता को यह समझना भी जरूरी है कि जब बच्चे अपनी पसंद का करियर चुनते हैं और उन्हें अपने पेरेंट्स का सपोर्ट, करियर से जुड़ी सही जानकारी और सही मार्गदर्शन मिलता है, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता है। ऐसे बच्चे अपने काम को सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जुनून के साथ करते हैं, जिसकी वजह से वे उस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। Image-freepik
यही वजह है कि माता-पिता को बच्चों के सपनों और पसंद को तरजीह देनी चाहिए। उनसे खुलकर बात करें और यह समझने की कोशिश करें कि उनकी रुचि किस फील्ड में है। अगर बच्चा किसी खास करियर ऑप्शन को चुनना चाहता है, तो उसके पीछे की सोच, तर्क और उस क्षेत्र से जुड़ी उसकी जानकारी को भी जानना जरूरी है। अगर माता-पिता को लगता है कि उस फील्ड में अवसर कम हैं या कुछ चुनौतियां हैं, तो बच्चे पर अपनी बात थोपने के बजाय उसे तथ्यों और सही जानकारी के साथ समझाना बेहतर तरीका हो सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चे को यह महसूस होना चाहिए कि उसके माता-पिता उसकी भावनाओं, सपनों और मेहनत को समझते हैं और हर कदम पर उसके साथ खड़े हैं।