फल हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी हैं, लेकिन केलों के साथ एक बड़ी समस्या है कि वे बहुत जल्दी पककर गलने लगते हैं। अक्सर लोग बाजार से एक दर्जन केले लाते हैं, लेकिन हफ्ते के आखिरी तक आखिरी के 3-4 केले इतने ज्यादा काले और नरम हो जाते हैं कि उन्हें फेंकना पड़ता है। हालांकि मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने इस समस्या का एक आसान समाधान बताया है।
शेफ पंकज के नुस्खे के अनुसार साधारण प्लास्टिक रैप या एल्युमिनियम फॉयल की मदद से आप केलों को पकने से 4-5 दिन तक रोक सकते हैं। अब अगर खराब केलों को फेंककर पैसों की बर्बादी रोकने के साथ खाने का अपमान करने से बचना चाहते हैं तो इस ट्रिक के बारे में अच्छे से जान लीजिए। ताकि लंबे समय तक केले ताजा रहें।
अक्सर हम बाजार से जिस प्लास्टिक की थैली में केले लाते हैं, उन्हें उसी में छोड़ देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। बंद थैली के अंदर इथिलीन गैस का दबाव बढ़ जाता है, जिससे केले कुछ ही घंटों में गलने लगते हैं। घर लाते ही केलों को थैली से बाहर निकालें और खुली हवा में रखें।
शेफ पंकज भदौरिया के नुस्खे के अनुसार, केलों के पकने की प्रक्रिया उनके तने से शुरू होती है। केलों के डंठल से इथिलीन गैस निकलती है, जो फल को तेजी से पकाती है। बस एक छोटा टुकड़ा प्लास्टिक रैप या एल्युमिनियम फॉयल लें और केलों के गुच्छे के ऊपरी हिस्से को अच्छी तरह लपेट दें। इससे गैस बाहर नहीं निकल पाएगी और केले 4-5 दिन देरी से पकेंगे।
अगर आप केलों को किसी टोकरी या टेबल पर रखते हैं, तो नीचे की सतह वाले केले अपने ही वजन से दब जाते हैं और वहां से काले पड़ने लगते हैं। केलों को किसी हुक या 'बनाना हैंगर' पर लटकाने से हवा का संचार चारों तरफ बराबर होता है और उन पर कोई दबाव नहीं पड़ता। इससे वे हर तरफ से समान रूप से ताजा रहते हैं।
क्या आप जानते हैं कि कुछ फल दूसरे फलों को जल्दी पका देते हैं। सेब, आड़ू और टमाटर जैसे फल भी इथिलीन गैस छोड़ते हैं। अगर आप केलों को इनके साथ एक ही टोकरी में रखेंगे, तो वे बहुत जल्दी खराब हो जाएंगे। इसलिए केलों को हमेशा दूसरे फलों से अलग किसी स्टैंड या जगह पर रखें।
अगर आप चाहते हैं कि केले और भी लंबे समय तक चलें, तो उन्हें पूरे गुच्छे के साथ रखने के बजाय अलग-अलग कर लें। हर एक केले के डंठल को अलग से प्लास्टिक रैप से ढक दें। यह तरीका गुच्छे में रखने के मुकाबले ज्यादा असरदार होता है क्योंकि गैस का असर एक-दूसरे पर नहीं पड़ता।
अगर ऊपर दिए गए नुस्खों के बावजूद केले ज्यादा पक गए हैं, तो उन्हें फेंकें नहीं। ज्यादा पके हुए केले सेहत के लिए बहुत अच्छे होते हैं और उनमें एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा बढ़ जाती है। आप उनसे बनाना शेक, स्मूदी, पैनकेक या बच्चों के लिए बनाना ब्रेड बना सकते हैं। छिलका काला होने का मतलब यह नहीं कि अंदर से फल खराब है। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।