आंखों के नीचे आने लगी हैं झुर्रियां, जानें इन्हें कम करने के तरीके और कौन सी गलतियां इन्हें बढ़ा सकती हैं

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आंखों के नीचे और किनारों पर अगर बारीक रेखाएं नजर आएं तो माथे पर भी चिंता की रेखा आना शुरू हो ही जाती है। यह एक इशारा है कि अब बुढ़ापे ने दस्तक दे ही दी। लेकिन कई बार यह अंडर आई रिंकल समय से पहले भी नजर आने लग जाते हैं। यह यूं ही नहीं आते, आपकी कुछ गलतियां ऐसी हैं जो इन फाइन लाइन्स को समय से पहले ही दावत दे देती हैं। जैसे त्वचा के हाइड्रेशन पर ध्यान न देना, आंख सिकोड़ कर बात करना वगैरह।
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यहां जानें और कौन सी ऐसी बातें हैं जो आपको कम उम्र में ही अंडर आई रिंकल्स दे सकती हैं और इनसे कैसे बचाव किया जा सकता है। साथ ही यह भी जानें कि इस तरह के रिंकल आने पर आप क्या कर सकते हैं ताकि ये कम नजर आएं।

क्या होते हैं अंडर आई रिंकल्स?आंखों के नीचे और बगल में आने वाली बारीक लाइन्स और सिलवटें आपको परेशान कर सकती हैं। यहीं हैं अंडर आई रिंकल जो उम्र बढ़ने के कारण आना लाजमी है। लेकिन कभी कभी ये समय से पहले भी नजर आने लगते हैं। दरअसल उम्र बढ़ने के साथ त्वचा से कोलेजन और इलास्टिन कम होने लगता है। और इसका असर आंख के आसपास जल्दी नजर आता है।

आंखों के आसपास की त्वचा का पतला होना इसका एक बड़ा कारण है। लेकिन और भी ऐसे कारण हैं जिनके चलते आपको समय से पहले अंडर आई रिंकल नजर आ सकते हैं। समझते हैं उन कारणों को ताकि आपकी थोड़ी सावधानी आपको जल्दी बूढ़ा लगने से बचा सके।

कम उम्र में झुर्रियां देखने के ये कारण हो सकते हैं
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1. त्वचा का बहुत पतला होना : आंखों के आसपास की त्वचा चेहरे के बाकी हिस्से से थोड़ा पतली और नाजुक होती है। यही कारण है कि यह जल्दी ड्राई भी हो जाती है। ऐसे में इस पर धूप और वातावरण जैसी कई बातों का असर पड़ता है और लकीरें जल्दी नजर आना शुरू हो सकती हैं।

2. बार-बार आंखें सिकोड़ना : कुछ लोगों की आदत होती है आंखों को दबाकर बात करने की। इसके अलावा धूप में भी लोगों को आंख सिकोड़नी पड़ती है। इसके अलावा बार बार पल्के झपकाने, खुल के ऐसे मुस्कुराने जिसमें आंखों के किनारे सिकुड़ने लगें और चेहरे के अन्य कई तरह के एक्सप्रेशन से भी आंखों के नीचे लकीरें बढ़ती हैं। यह उनके साथ ज्यादा होता है जो आदतन ऐसा करते हैं।

3. धूप के कारण : धूप में ज्यादा रहने के कारण भी आंखों के नीचे झुर्रियां आने की संभावना बढ़ जाती है। दरअसल सूरज की किरणों से निकलने वाली यूवी किरणें त्वचा को जल्दी बूढ़ा करने लगती हैं। ऐसे में उन लोगों में इसकी संभावना ज्यादा होती है जो धूप में ज्यादा रहते हैं और जो सनस्क्रीन लगाए बिना धूप में जाते हैं।

4. त्वचा का डीहाइड्रेट होना : आंखों के आसपास की त्वचा पतली होने के कारण उसमें नमी कम रहती है। ऐसे में इस नमी की दरकार को पूरा नहीं कर पाने पर अंडर आई रिंकल जल्दी आने लग जाते हैं। आपको यह ध्यान रखना होगा कि रिंकल और फाइन लाइन्स ड्राई स्किन पर जल्दी आती हैं।

5. नींद पूरी न होना : अगर लगातार नींद पूरी न हो तो त्वचा को रिपेयर होने का मौका नहीं मिल पाता। साथ ही नींद की कमी के कारण होने वाली थकान आंखों के नीचे की त्वचा को प्रभावित करने लगती है जिससे अंडर आई रिंकल आना शुरू हो सकते हैं।

6. स्क्रीन के कारण : अगर आपका वास्ता स्क्रीन से ज्यादा पड़ता है, आपको लैपटॉप पर ज्यादा काम करना पड़ता है या मोबाइल ज्यादा देखते हैं तो इससे निकलने वाली ब्लू लाइट आपकी त्वचा के ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को बढ़ा सकती है। ऐसे में अंडर आई रिंकल जल्दी आ सकते हैं।

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इन आदतों से भी आ सकते हैं अंडर आई रिंकल
  • बार बार आंख रगड़ने से
  • धूम्रपान के कारण
  • शराब का सेवन करने के कारण
  • ऐसे सोने की आदत जिससे चेहरे पर दबाव पड़ता हो और सिकुड़न आती हो
इस तरह कम उम्र में अंडर आई रिंकल के आने से बचेंअगर आप समय रहते बचाव की तरीके अपनाने लगें तो अंडर आई रिंकल को कम उम्र या समय से पहले आने से रोका जा सकता है।

सनस्क्रीन लगाना न भूलें

आप चाहें घर पर रहें या घर के बाहर जाएं, एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा की सनस्क्रीन को अपने स्किन केयर रूटीन का जरूरी हिस्सा बनाएं। यह आपको फोटो एजिंग से बचाएगी जो आपको धूप और ब्लू लाइट के कारण हो सकती है। सनस्क्रीन ब्रॉड स्पेक्ट्रम हो तो बचाव और मजबूत होता है।

आंखों को रगड़ने से बचें

आंखों के आसपास की त्वचा बेहद नाजुक होती है। इसलिए आंखों को रगड़ने से बचने की कोशिश करनी चाहिए। अंडर-आई क्रीम लगाते समय भी त्वचा की सहूलियत का ख्याल रखें। रिंग फिंगर से ही मसाज दें, ताकि त्वचा पर रगड़ न आए।

त्वचा को हाइड्रेट रखें

अपने दिनभर की पानी की दरकार को पूरा करना न भूलें। रोजाना कम से कम दो से तीन लीटर पानी जरूर पिएं। इसके अलावा आंखों के नीचे की त्वचा को हइड्रेट करने के लिए अंडर आई क्रीम लगाना न भूलें।

नींद से समझौता न करें

नींद की कमी आपको कई तरह से नुकसान पहुंचाती है। इसलिए रोज 7 से 9 घंटे की अच्छी नींद लें। इससे त्वचा को रिपेयर और सेल रीजेनेरेट करने का मौका मिलता है। ऐसा होने पर अंडर आई रिंकल से बचाव हो सकता है।

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अगर आ जाए अंडर आई रिंकलयही वह परिस्थिति है जिससे शायद आपको चिंता सताना शुरू हो जाए। लेकिन अगर ऐसा हो जाए और आपको आंखों के नीचे बारीक लाइनें नजर आने लगें तो कुछ तरीके अपनाकर इन्हें कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है। अंडर आई क्रीम का इस्तेमाल शुरू कर दें। इनमें हायलूरोनिक एसिड, पेप्टाइड्स या रेटिनॉल जैसे इंग्रीडिएंट शामिल हों।

  • हायलूरोनिक एसिड त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करता है और फाइन लाइंस को कुछ समय के लिए ब्लर कर सकता है।
  • पेप्टाइड्स त्वचा में प्राकृतक रूप से कोलेजन और इलास्टिन को बनाने में मदद करता है।
  • रेटिनॉल भी एंटी-एजिंग के लिए अच्छा है लेकिन इसे डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेकर इस्तेमाल करना बेहतर है।
बहुत ज्यादा झुर्रियां है तो डॉक्टर से कराएं ट्रीटमेंटअगर अंडर-आई रिंकल्स ज्यादा गहरी है और सामान्य स्किनकेयर से खास फर्क नहीं पड़ रहा, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से उपचार कराने के बारे में सोचा जा सकता है। वह जरूरत के हिसाब से बोटॉक्स, डर्मल फिलर्स, केमिकल पील और लेजर ट्रीटमेंट दे सकते हैं।