घर में हरा-भरा बगीचा किसे पसंद नहीं होता, लेकिन कई बार हमारी छोटी सी गलती पौधों की जान ले लेती है। अक्सर लोग सोचते हैं कि पौधों में खूब सारा पानी डालना ही उनकी बेहतर देखभाल है, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। कौन से पौधों को कितने पानी की जरूरत होती है, इसके बारे में सही जानकारी होना चाहिए।
माली के मुताबिक हर पौधे की पानी की जरूरत अलग होती है और ओवरवाटरिंग यानी जरूरत से ज्यादा पानी देना ही पौधों के मरने का सबसे बड़ा कारण बनता है। चाहे खिड़की पर रखे नाजुक इंडोर प्लांट्स हों या बालकनी में लगे कड़ी पत्ता और टमाटर के पौधे पानी देने का सही तरीका और समय जानना बेहद जरूरी है। जिसके बारे में माली ने बताया है।
गुलाब, गुड़हल या गेंदा जैसे फूलों वाले पौधों को ऊर्जा के लिए सूरज की रोशनी और नमी की काफी जरूरत होती है। माली के अनुसार, फ्लावरिंग प्लांट्स में रोज थोड़ा-थोड़ा पानी देना चाहिए। फूल खिलने की प्रक्रिया में पौधा काफी पानी खर्च करता है। हालांकि, यहां ओवरवाटरिंग से बचना भी जरूरी है। गमले में पानी जमा नहीं होना चाहिए, वरना जड़ों में फंगस लग सकती है और फूल गिरने लगते हैं।
सब्जियों वाले पौधे, खासकर मिर्च और टमाटर, पानी के मामले में थोड़े नाजुक होते हैं। इनमें बिना देखे पानी डालना इन्हें मार सकता है। नियम यह है कि मिट्टी चेक करने के बाद ही पानी दें। जब आपको लगे कि गमले की ऊपरी मिट्टी पूरी तरह सूख गई है, तभी पानी डालें। अगर मिट्टी पहले से गीली है और आप फिर से पानी डाल देते हैं, तो टमाटर के फल फटने लगते हैं और मिर्च के पौधे पीले पड़ सकते हैं।
करी पत्ता, नीम या अन्य बड़े झाड़ीनुमा पौधों की जड़ें काफी गहरी और मजबूत होती हैं। इनमें रोज पानी देने की जरूरत नहीं होती। माली का सुझाव है कि इन पौधों में 2 से 3 दिन में एक बार पानी देना काफी है। ये पौधे मिट्टी के अंदर गहराई से नमी सोखने की क्षमता रखते हैं। बार-बार पानी देने से इनकी जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे ग्रोथ रुक जाती है।
मनी प्लांट, स्नेक प्लांट या अन्य इंडोर प्लांट्स अक्सर ज्यादा पानी की वजह से ही मरते हैं। चूंकि इन्हें सीधी धूप नहीं मिलती, इसलिए इनकी मिट्टी की नमी जल्दी नहीं सूखती। माली के मुताबिक, इंडोर प्लांट्स में 5 से 7 दिन में एक बार पानी देना पर्याप्त होता है। इन्हें कम पानी में रहने की आदत होती है, इसलिए इनमें पानी डालने में कंजूसी करना ही इनके हक में बेहतर है।
पानी देने से पहले यह जानना सबसे जरूरी है कि क्या पौधे को वाकई प्यास लगी है? इसके लिए माली ने सबसे आसान तरीका बताया है। अपनी अंगुली को गमले की मिट्टी में एक-दो इंच गहरा डालें। अगर अंगुली में नमी महसूस हो या मिट्टी चिपक जाए, तो पानी बिल्कुल न दें। यदि मिट्टी सूखी और भुरभुरी लगे, तभी पानी डालें। यह एक तरीका आपके 90% पौधों को मरने से बचा सकता है।
पानी हमेशा या तो सुबह जल्दी दें या शाम को सूरज ढलने के बाद। दोपहर की तेज धूप में पानी देने से मिट्टी गर्म हो जाती है और पानी उबलने जैसा प्रभाव डालता है, जिससे जड़ें जल सकती हैं। साथ ही, पानी हमेशा पौधे की जड़ों में दें, न कि पत्तियों पर। पत्तियों पर ज्यादा पानी रहने से कीड़े और फंगस लगने का डर रहता है। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।