बाथरूम को साफ और कीटाणुमुक्त रखना बेहद जरूरी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि टॉयलेट चमकाने का आपका तरीका उसे अंदर से खोखला कर रहा है? अक्सर लोग टॉयलेट का ब्लॉकेज खोलने के लिए उसमें खौलता हुआ गर्म पानी डाल देते हैं या फिर जिद्दी दाग हटाने के लिए सबसे तेज एसिड और लोहे के जूने का इस्तेमाल करते हैं।
प्लंबिंग एक्सपर्ट्स एरन एडम्स और डेविड लुईस(
REF) का कहना है कि यह लापरवाही आपके पूरे प्लंबिंग सिस्टम और टॉयलेट पॉट की चमकीली कोटिंग को पूरी तरह नष्ट कर देती है। खासकर टॉयलेट में बहुत गर्म पानी डालना बेहद खतरनाक है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर गर्म पानी डालने से टॉयलेट सीट क्यों चटक सकती है, और वो कौन सी 5 आम चीजें हैं जिन्हें आपको भूलकर भी फ्लश टैंक या पॉट में नहीं डालना चाहिए।
फ्लश चालू करते ही नीला या खुशबूदार पानी देने वाली गोलियां बेहद सुविधाजनक लगती हैं, लेकिन एक्सपर्ट प्लंबर एरन एडम्स इसे इस्तेमाल न करने की सख्त सलाह देते हैं। उनके मुताबिक, ये टैबलेट्स फ्लश टैंक के अंदर चौबीसों घंटे डूबी रहती हैं। इनमें मौजूद केमिकल्स टैंक के अंदर लगे रबर सील, प्लास्टिक के पुर्जों और फ्लैपर को धीरे-धीरे गला देते हैं। जब रबर सील खराब होती है, तो टैंक का पानी लगातार टॉयलेट पॉट में रिसने लगता है, जिससे पानी की भारी बर्बादी होती है और आपको महंगे प्लंबर को बुलाकर पूरे पार्ट्स बदलवाने पड़ते हैं।
कीटाणुओं को मारने के लिए ब्लीच को सबसे अच्छा माना जाता है, लेकिन इसे टॉयलेट बाउल में ज्यादा देर छोड़ना नुकसानदेह है। आधुनिक टॉयलेट पर एक स्पेशल 'एंटी-स्टेन' चमकीली कोटिंग होती है। अगर आप ब्लीच या कोई अन्य बहुत स्ट्रॉन्ग एसिडिक क्लीनर टॉयलेट बाउल में डालकर लंबे समय के लिए छोड़ देते हैं, तो वह इस फिसलन भरी कोटिंग को खा जाता है। कोटिंग हटने के बाद टॉयलेट बहुत जल्दी-जल्दी गंदा होने लगता है और उसे बार-बार साफ करना पड़ता है।
अक्सर टॉयलेट के पीले दाग हटाने के लिए लोग लोहे के जूने या बर्तनों को रगड़ने वाले सख्त स्क्रबर का इस्तेमाल करने लगते हैं। प्लंबर डेविड लुईस कहते हैं कि बहुत ज्यादा ताकत से या खुरदरी चीज से रगड़ने पर पोर्सिलेन की सतह पर बारीक खरोंचें आ जाती हैं। ये खरोंचें न सिर्फ देखने में भद्दी लगती हैं, बल्कि इनके बीच में बैक्टीरिया और गंदगी हमेशा के लिए फंस जाती है, जिससे टॉयलेट पर पक्के दाग पड़ जाते हैं।
कई बार टॉयलेट जाम होने पर लोग उसे साफ करने या ब्लॉकेज खोलने के चक्कर में खौलता हुआ गर्म पानी कमोड में डाल देते हैं। यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। अचानक बहुत गर्म पानी डालने से पोर्सिलेन में 'थर्मल शॉक' पैदा होता है, जिससे आपका पूरा टॉयलेट पॉट बीच से तड़क या टूट सकता है। ब्लॉकेज खोलने के लिए हमेशा सामान्य पानी या प्लंजर का ही इस्तेमाल करें।
घर पर खुद का शक्तिशाली क्लीनर बनाने के चक्कर में कभी भी दो रसायनों को आपस में न मिलाएं। विशेष रूप से ब्लीच और अमोनिया आधारित प्रोडक्ट्स को मिलाने की गलती कभी न करें। इन दोनों के मिलने से एक बेहद जहरीली गैस बनती है। बाथरूम जैसे छोटे और बंद स्थान में यह जहरीला धुआं आपकी आंखों, फेफड़ों और सांस की नली को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

सॉफ्ट ब्रश और माइल्ड क्लीनर- मीडियम प्लास्टिक ब्रिसल्स वाले साधारण टॉयलेट ब्रश और बिना केमिकल वाले सौम्य क्लीनर का इस्तेमाल करें। सफेद सिरका- अगर टॉयलेट पर खारे पानी के जिद्दी दाग हैं, तो उस पर सफेद सिरका डालकर कुछ देर छोड़ दें और फिर ब्रश से रगड़ें। यह पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। माइक्रोफाइबर कपड़ा- टॉयलेट सीट के बाहरी हिस्सों और फ्लश बटन को साफ करने के लिए हमेशा मुलायम माइक्रोफाइबर कपड़े का उपयोग करें ताकि स्क्रेच न आएं। क्या न फ्लश करें- कभी भी वाइप्स या डिस्पोजेबल ब्रश हेड्स को टॉयलेट में न बहाएं, क्योंकि ये पाइपलाइन को चोक कर देते हैं। नियमित और कोमल सफाई ही टॉयलेट की उम्र बढ़ाती है। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।