पूरे हफ्ते ऑफिस, घर और जिम्मेदारियों में उलझे रहने के बाद लगता है कि वीकेंड आते ही सब अच्छा हो जाएगा। लेकिन कई कपल्स के साथ इसका उल्टा होता है। शनिवार या रविवार को छोटी-सी बात भी बड़ी बहस बन जाती है। कभी देर तक सोने पर, कभी बाहर जाने पर और कभी घर के काम को लेकर तनाव बढ़ जाता है। इसी पैटर्न को कई लोग Weekend Couple Syndrome कहते हैं। इसका मतलब कोई बीमारी नहीं, बल्कि छुट्टी वाले दिन बढ़ने वाला ऐसा रिश्ता तनाव है, जो उम्मीदों और थकान के टकराने से पैदा होता है।
वीकेंड शुरू होते ही शरीर आराम मांगता है, लेकिन दिमाग पूरे हफ्ते की भागदौड़ से अभी भी भरा रहता है। ऑफिस का दबाव, ट्रैफिक, घर की जिम्मेदारियां और नींद की कमी इंसान को चिड़चिड़ा बना सकती है। ऐसे में अगर कोई छोटी बात भी पसंद नहीं आती, तो जवाब थोड़ा तेज निकल जाता है। कई बार गुस्सा सामने वाले पर नहीं, बल्कि पूरे हफ्ते की थकान पर निकल रहा होता है। इसलिए छुट्टी के पहले कुछ घंटे खुद को आराम देना भी रिश्ते के लिए अच्छा माना जाता है।
वीकेंड पर सबसे बड़ा झगड़ा अक्सर अलग-अलग उम्मीदों की वजह से होता है। एक पार्टनर बाहर घूमना चाहता है, तो दूसरा घर पर आराम करना चाहता है। कोई दोस्तों से मिलना चाहता है, तो कोई परिवार के साथ समय बिताना चाहता है। जब दोनों अपने मन की बात पहले से नहीं बताते, तो निराशा बढ़ने लगती है। इसलिए वीकेंड शुरू होने से पहले दस मिनट बैठकर प्लान बना लेना कई गलतफहमियां कम कर सकता है।
छुट्टी वाले दिन घर के कई काम एक साथ सामने आ जाते हैं। सफाई करनी है, बाजार जाना है, कपड़े धोने हैं और खाना भी बनाना है। अगर किसी एक को लगे कि सारी जिम्मेदारी उसी पर है, तो नाराजगी बढ़ सकती है। ऐसे समय में काम बराबर बांटना और एक-दूसरे की मदद करना माहौल हल्का रख सकता है। छोटी-सी मदद भी सामने वाले को ये एहसास दिलाती है कि वो अकेला नहीं है।
पूरे हफ्ते कम मिलने के बाद वीकेंड में दोनों साथ ज्यादा समय बिताते हैं। ये अच्छी बात है, लेकिन इसी दौरान पुरानी बातें भी सामने आने लगती हैं। कभी कोई पुरानी शिकायत याद आ जाती है, तो कभी कोई अधूरी बात फिर शुरू हो जाती है। ऐसे समय में हर बात का जवाब देने की बजाय पहले सामने वाले की बात पूरी सुनना ज्यादा जरूरी होता है। कई बार सिर्फ ध्यान से सुन लेने से ही आधा तनाव खत्म हो जाता है।
Weekend Couple Syndrome का मतलब ये नहीं कि रिश्ता कमजोर है। कई बार ये सिर्फ इस बात का इशारा होता है कि दोनों को अपनी उम्मीदों और समय को थोड़ा बेहतर तरीके से संभालने की जरूरत है। वीकेंड की शुरुआत मुस्कान, चाय की एक प्याली या छोटी-सी वॉक से भी हो सकती है। हर बहस जीतना जरूरी नहीं होता, लेकिन साथ बिताए अच्छे पल हमेशा याद रहते हैं। जब दोनों एक-दूसरे को समझने की कोशिश करते हैं, तो छुट्टी का दिन झगड़े की जगह रिश्ते की सबसे खूबसूरत याद बन सकता है।