रिलेशनशिप में लड़कियों के लिए ब्रेकअप करना आसान नहीं होता, लेकिन जब कोई लड़की अपने पार्टनर को छोड़ने का फैसला लेती है, तो उसके पीछे अक्सर एक नहीं बल्कि कई वजहें होती हैं। यह फैसला वह अचानक नहीं लेती, बल्कि लंबे समय तक रिश्ते में मिली कई अलग-अलग तरह की तकलीफों के बाद इस नतीजे पर पहुंचती है। रिलेशनशिप कोच सारा पर्ल ने कुछ ऐसे कारण बताए हैं, जो बताते हैं कि आखिर लड़कियां कब अपने पार्टनर से इमोशनली डिटैच होने लगती हैं और किन सिचुएशंस में ब्रेकअप का फैसला कर लेती हैं। आइए जानते हैं कि लड़कियां अपने बॉयफ्रेंड को छोड़ने के पीछे कौन-सी वजहों को जिम्मेदार मानती हैं।
सारा की मानें तो हर रिलेशनशिप में सामने वाला इंसान अपने पार्टनर को पल पल की अपडेट इसलिए बताता है ताकि उसे समझा जाए, लेकिन जब लड़कियों को लगता है कि उनकी फीलिंग्स बताने पर उन्हें इग्नोर किया जा रहा है, तब वह अपनी बातों की अहमियत समझ जाती हैं। इसलिए वह धीरे-धीरे कम बोलकर अंदर ही अंदर अपने पार्टनर से दूरी बनाने लगती हैं क्योंकि उन्हें समझ आ जाता है कि सामने वाले की नजर में उनकी बातों की कोई वैल्यू नहीं है।
कुछ महिलाएं इमोशनली ज्यादा डिपेंडेंट होती हैं, इसलिए वह अपने पार्टनर की हर छोटी-मोटी बात पर ओवरथिंक करती हैं। और जब वह सामने वाले से अपनी बातें शेयर करती हैं तो उन्हें ओवरथिंकर का टैग दे दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें यह बात इमोशनली हर्ट करती है क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि उनकी फीलिंग्स को गलत समझा जा रहा है। इस वजह से महिलाएं अपनी फीलिंग्स बताना ही बंद कर देती हैं क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि सामने वाला उन्हें ओवर-रिएक्टिव समझकर उनकी बातों को इग्नोर कर देगा।
रिलेशनशिप में इमोशनल पीस और मेंटल सुकून मिलना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है और लड़कियां अक्सर बहुत सॉफ्ट नेचर की होती हैं। जब उन्हें सामने वाले की तरफ से वह प्यार, वह केयर और वह इज्जत नहीं मिलती, तो उनका भरोसा धीरे-धीरे खत्म होने लगता है और उनकी जो इमोशनल डिपेंडेंसी अपने पार्टनर पर होती है, वह भी धीरे-धीरे कम हो जाती है, जिसके बाद उनके लिए रिश्ता तोड़ना ज्यादा मुश्किल नहीं रह जाता।