आमतौर पर बच्चों और माता-पिता, दोनों को ही कभी-कभी एक-दूसरे से कुछ बातों को लेकर नाराजगी या शिकायतें रहती हैं। कई बार ये शिकायतें आपसी बातचीत से दूर हो जाती हैं, लेकिन कुछ मामलों में बच्चों या पेरेंट्स को प्रोफेशनल मदद की जरूरत भी पड़ती है। ऐसे ही एक अनुभव को साझा करते हुए साइकोलॉजिस्ट कोमल बक्शी ने बताया कि उन्होंने 100 अलग-अलग बच्चों से बात सुनी है। हैरानी की बात यह रही कि इनमें से ज्यादातर बच्चों की 2 शिकायतें बिल्कुल एक जैसी थीं। इन बातों को सुनने के बाद उन्होंने सभी माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को समझने की कोशिश करें, क्योंकि कई बच्चे ऐसे वक्त में बहुत ज्यादा दर्द में होते हैं।