'बिगड़ी औलाद' को लेकर बेटी ने पैरेंट्स को द‍िया चैलेंज, बोली-मार्केट में क्या चल रहा है, पता चला गया तो…

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आमतौर पर पेरेंट्स की आदत होती है कि वे बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से करते ही हैं, फिर चाहे उन्हें इसके लिए कितना भी रोका-टोका जाए। कभी-कभी वे खुद की तुलना भी दूसरे माता-पिता से करने लगते हैं। हालांकि, केवल पेरेंट्स ही नहीं, कई बार बच्चे भी ऐसा करते हैं। ऐसा ही कुछ एक बेटी ने किया, जब उसने खुद की तुलना दूसरे बच्चों से करते हुए अपने पेरेंट्स को ही चैलेंज दे दिया। बेटी ने कहा कि उसके माता-पिता ने अभी ‘बिगड़ी औलादें’ देखी ही कहां हैं। इसके बाद बेटी ने जो कहा, उसे सुनकर शायद कई पेरेंट्स को सोचने पर मजबूर होना पड़े।
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Kanutalescanada पेज से शेयर किए गए वीडियो में एक बेटी और कंटेंट क्रिएटर कहती हैं, ‘मेरे माता-पिता मुझे हमेशा बोलते रहते हैं कि तुमने अभी तक सख्त पैरेंट्स देखे कहां हैं। लेकिन मैं उन्हें कहना चाहती हूं कि आपने अभी तक अपनी बिगड़ी हुई औलादें देखी कहां हैं।
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वह आगे कहती हैं 'अगर पता चल गया न कि मार्केट में क्या-क्या चल रहा है, तो आरती उतारोगे मेरी। इतने बिगड़े-बिगड़े बच्चे हैं, मेरे सारे के सारे दोस्त इतने बिगड़े हुए हैं। आपका बच्चा तो हीरा है, हीरा। बस घर की मुर्गी दाल बराबर है।'
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खैर, कंटेंट क्रिएटर ने यह बात अपनी और पैरेंट्स के बीच हंसी-मजाक में कही है। लेकिन अगर स्ट्रिक्ट पैरेंटिंग की बात करें, तो जरूरत से ज्यादा सख्ती कई बार बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है और वे दबाव महसूस करने लगते हैं। हर बात पर रोक-टोक, अपनी बात मनवाने की कोशिश और बच्चे को अपनी पसंद से फैसले लेने की आजादी न देना उसके आत्मविश्वास और पैरेंट्स के साथ रिश्ते पर असर डाल सकता है।​

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इसलिए यह बेहद जरूरी है कि माता-पिता बच्चों को अनुशासन सिखाने के साथ-साथ उनकी भावनाओं और जरूरतों को भी समझें। उन्हें अपनी बात थोपने के बजाय बच्चों को अपनी बात रखने और सही-गलत समझने का मौका भी देना चाहिए।