आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद हर परिवार में अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार उससे जुड़े रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। लेकिन कई बार इन्हें निभाने के दौरान नवजात की सेहत तक दांव पर लग जाती है। ऐसा ही एक मामले के बारे में डॉक्टर हनीश बजाज ने साझा किया है। उन्होंने बताया कि उनके पास एक 5 दिन का नवजात भर्ती है और उसकी मां भी अस्पताल में भर्ती है। मां और बच्चे, दोनों की हालत देखकर उन्होंने कहा कि बच्चा प्लान करने से पहले परिवार के लोगों से इस बात की सहमति लेनी चाहिए कि वे डॉक्टर की सलाह का पालन करेंगे और किसी भी रीति-रिवाज के कारण मां और नवजात की देखभाल से समझौता नहीं करेंगे। आखिर क्या है पूरा मामला और बच्चे को ऐसा क्या हुआ, चलिए जानते हैं विस्तार से।
डॉक्टर हनीश बजाज का कहना है, ‘मुझे लगता है कि हमें बच्चे पैदा करना ही बंद कर देना चाहिए। क्योंकि जैसे ही बच्चे का जन्म होता है, उसके बाद मां और बच्चा दोनों ही परिवार की सबसे कम प्राथमिकता बन जाते हैं। इसकी वजह यह है कि उनके लिए मां और बच्चे की सेहत से ज्यादा रीति-रिवाज और रिश्तेदार अहम हो जाते हैं। अगर आपको फिर भी बच्चा प्लान करना है, तो पहले घरवालों और परिवार के सभी लोगों से एक तरह की सहमति (कंसेंट) साइन करवा लीजिए कि बच्चे के जन्म के बाद वे डॉक्टर की गाइडलाइंस का पालन करेंगे और अपने रीति-रिवाजों के कारण मां और नवजात की देखभाल से समझौता नहीं करेंगे। अगर परिवार इस बात पर सहमत है, तभी बच्चा प्लान करें।’ Image-freepik
एक्सपर्ट आगे बताते हैं ‘मैं यह सब इसलिए कह रहा हूं क्योंकि यह बच्चा, जिसे मैं आपको दिखा रहा हूं, सिर्फ 5 दिन का है। इसकी मां बाहर हमारे अस्पताल में बीमार हालत में भर्ती है और बच्चा यहां एडमिट है। महज 5 दिन के इस नवजात के साथ जितने भी 'एक्सपेरिमेंट' हो सकते थे, लगभग सब किए जा चुके हैं। जैसे- इसकी आंखों में काजल लगाया गया, जन्म के बाद 5 दिनों तक इसे कपड़े नहीं पहनाए गए और कटोरी-चम्मच और कॉटन की मदद से दूध पिलाया गया।’ Image- pexels