सुबह उठते ही सूजा हुआ दिखता है चेहरा! डॉ. ने बताए Face Puffiness के कारण, कहा: नींद-पानी आदि के जरिए मिलेगी राहत
चेहरे पर सूजन की शिकायत बढ़ती उम्र के साथ आने लगती है जिसे अक्सर सामान्य मान लिया जाता है। लेकिन ये सूजन यानी फेस पफीनेस यूं ही नहीं आती, इसके पीछे छिपे होते हैं कई कारण। एलर्जी, साइनस, किसी दवा का असर, कीड़े का काटना वगरह जैसे कई कारण तो हैं ही, लेकिन यह समस्या महिलाओं में कुछ विशेष कारणों से भी देखी जा सकती है। उम्र एक बड़ा कारण तो है ही साथ ही फेस पफीनेस हॉर्मोन में बदलाव और प्रीमेनोपॉज की वजह से भी होती है। चेहरे पर सूजन की एक बड़ी वजह तनाव है जिस कारण कॉर्टिसाॅल हॉर्मोन बढ़ जाता है और चेहरे पर सूजन आने पर इसे कॉर्टिसॉल फेस कहते हैं।

रात में इसलिए आते है चेहरे पर सूजनआपने गौर किया होगा कि अक्सर आपके चेहरे पर सूजन सुबह उठने पर सबसे ज्यादा नजर आती है। दरअसल, यह सूजन आपके चेहरे पर रात में बढ़ती है जो सुबह नजर आती है और फिर दिन बढ़ने के साथ चेहरे से गायब हो जाती है। जब शरीर का लिंफेटिक ड्रेनेज सिस्टम सही से काम नही करता तो पानी शरीर से बाहर नहीं निकला पाता। दिन में ग्रैविट के कारण इससे पैरों में सूजन बनी रहती है। वहीं रात होते ही यह प्रक्रिया उलट जाती है और सूजन चेहरे की तरफ जाने लगती है।
चेहरे पर सूजन के प्रमुख कारण
बढ़ती उम्र के कारण चेहरे पर सूजनकम उम्र में चेहरे पर मैजूद फैट चेहरे पर समान रूप से बटा होता है और इसी से हमारी त्वचा में कसाव नजर आता है और त्वचा जवां दिखती है। लेकिन उम्र बढ़ने पर चेहरे के कुछ हिस्से से फैट अपनी जगह छोड़ना शुरू कर देता है और चेहरे के ऊपरी हिस्से से नीचे की ओर आने लगता है। इससे चेहरा पफी नजर आने लगता है। उम्र बढ़ने के साथ जब चेहरे पर सूजन आना शुरू होती है तो यह एक इशारा है कि त्वचा के भीतर बहुत कुछ चल रहा है:
प्रीमेनोपॉज के कारण चेहरे पर सूजनप्रीमेनोपॉज यानी मेनोपॉज से पहले का वह समय जब महिलाओं को लगातार महीनों तक माहवारी नहीं आती या अनियमित हो जाती है। यह आम तौर पर चालीस की उम्र के आस पास होता है। इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं जिनमें से चेहरे की सूजन भी एक है। प्री मेनोपॉज की अवस्था में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन हॉर्मोन तेजी से ऊपर नीचे हाेते हैं और एक समय आता है कि एस्ट्रोजन धीरे धीरे गिरना शुरू हो जाता है। शरीर में फ्लूड के का संतुलन बनाए रखना भी एस्ट्रोजन के कामों में से एक है। लेकिन इसके कम होने पर शरीर में पानी की मात्रा बढ़ती जाती है जो सूजन का रूप ले लेती है।
इस तरह करें पहचान
कॉर्टिसॉल फेस यानी तनाव के कारण सूजनइसे मून फेस भी कहते हैं। तनाव, नींद की कमी, शरीर में कॉर्टिसॉल हॉर्मोन के बढ़ने के कारण या कुछ दवाओं खास तौर पर स्टेरॉएड के कारण इस तरह की सूजन चेहरे पर आती है। शरीर में तनाव मानसिक, शारीरिक या भावनात्मक हो सकता है। इससे कॉर्टिसॉल बढ़ता है जो चेहरे पर फैट के संतुलन को बिगाड़ देता है और फ्लूड जमा करने लगता है।
इस तरह पहचानें
यूं करें अपने चेहरे की सूजन को दूरपर्याप्त पानी पिएं : शरीर की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त पानी पीते रहने से शरीर को फ्लूड ड्रेनेज सिस्टम सुचारू रूप से काम करता है और शरीर पानी इकट्ठा नहीं करता ।
खानपान में बदलाव करें : ज्यादा सोडियम वाले खाद्यों से दूरी बनाएं, प्रोसेस्ड भोजन से बचें। कॉफी और शराब से दूरी बनाएं।
पर्याप्त नींद लें : नींद की कमी चेहरे पर सूजन लाने का काम करती है। कम से कम 7 से 8 घंटाें की नींद एकबार में लें। इससे शरीर सुचारू तरीके से काम करता है जिससे कॉर्टिसॉल हॉर्मोन संतुलित रहता है। पेट या करवट से सोने की जगह सिर के नीचे तकिया रखकर सीधे सोएं। इससे सूजन चेहरे तक कम आ पाती है।
तनाव दूर करने के तरीके अपनाएं : शारीरिक थकान पर आराम करें, शरीर की क्षमता के अनुसार ही काम करें, मानसिक और भावनात्मक तनाव को कम करने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज, मेडीटेशन, सुपाच्य भोजन को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
चिकित्सकीय परामर्श लें
सूजन के सही कारण को जानने के लिए अपने चिकित्सक से बात करें। सही परामर्श और डायग्नोसिस से आपको अपने चेहरे की सूजन का असल कारण पता चल सकेगा, जिसके बाद बेहतर उपचार संभव है।
रात में इसलिए आते है चेहरे पर सूजनआपने गौर किया होगा कि अक्सर आपके चेहरे पर सूजन सुबह उठने पर सबसे ज्यादा नजर आती है। दरअसल, यह सूजन आपके चेहरे पर रात में बढ़ती है जो सुबह नजर आती है और फिर दिन बढ़ने के साथ चेहरे से गायब हो जाती है। जब शरीर का लिंफेटिक ड्रेनेज सिस्टम सही से काम नही करता तो पानी शरीर से बाहर नहीं निकला पाता। दिन में ग्रैविट के कारण इससे पैरों में सूजन बनी रहती है। वहीं रात होते ही यह प्रक्रिया उलट जाती है और सूजन चेहरे की तरफ जाने लगती है।
चेहरे पर सूजन के प्रमुख कारण
- एलर्जी
- दवा का प्रभाव
- शराब का सेवन
- ज्यादा नमक का सेवन या शरीर में सोडियम की मात्रा का बढ़ना
- हॉर्मोन में बदलाव
- तनाव और नींद की कमी
- मेनोपॉज या प्रीमेनोपॉज
- साइनस
- डर्माफिलर्स
बढ़ती उम्र के कारण चेहरे पर सूजनकम उम्र में चेहरे पर मैजूद फैट चेहरे पर समान रूप से बटा होता है और इसी से हमारी त्वचा में कसाव नजर आता है और त्वचा जवां दिखती है। लेकिन उम्र बढ़ने पर चेहरे के कुछ हिस्से से फैट अपनी जगह छोड़ना शुरू कर देता है और चेहरे के ऊपरी हिस्से से नीचे की ओर आने लगता है। इससे चेहरा पफी नजर आने लगता है। उम्र बढ़ने के साथ जब चेहरे पर सूजन आना शुरू होती है तो यह एक इशारा है कि त्वचा के भीतर बहुत कुछ चल रहा है:
- फैट अपनी जगह छोड़ने लगता है
- हॉर्मोन में बदलाव हो रहे हैं
- त्वचा ढीली पड़ना शुरू हो चुकी है
- शरीर चेहरे से अतिरिक्त फ्लूड को बाहर नहीं निकाल पा रहा है
- चेहरा ऊपर से पतला और नीचे से भारी होना शुरू हो जाता है।
- आंख के नीचे खास तौर पर सूजन नजर आने लगती है।
- चेहरे की बनावट बदल जाती है।
प्रीमेनोपॉज के कारण चेहरे पर सूजनप्रीमेनोपॉज यानी मेनोपॉज से पहले का वह समय जब महिलाओं को लगातार महीनों तक माहवारी नहीं आती या अनियमित हो जाती है। यह आम तौर पर चालीस की उम्र के आस पास होता है। इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं जिनमें से चेहरे की सूजन भी एक है। प्री मेनोपॉज की अवस्था में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन हॉर्मोन तेजी से ऊपर नीचे हाेते हैं और एक समय आता है कि एस्ट्रोजन धीरे धीरे गिरना शुरू हो जाता है। शरीर में फ्लूड के का संतुलन बनाए रखना भी एस्ट्रोजन के कामों में से एक है। लेकिन इसके कम होने पर शरीर में पानी की मात्रा बढ़ती जाती है जो सूजन का रूप ले लेती है।
इस तरह करें पहचान
- सुबह उठते ही पूरे चेहरे पर भारीपन या सूजन नजर आना।
- आईलिड पर सूजन या आई बैग उभरे हुए नजर आना।
- त्चचा में खिंचाव महसूस होना।
- अंगूठियों में कसाव महसूस होना।
- कभी सूजन होना, तो कभी नहीं होना।
कॉर्टिसॉल फेस यानी तनाव के कारण सूजनइसे मून फेस भी कहते हैं। तनाव, नींद की कमी, शरीर में कॉर्टिसॉल हॉर्मोन के बढ़ने के कारण या कुछ दवाओं खास तौर पर स्टेरॉएड के कारण इस तरह की सूजन चेहरे पर आती है। शरीर में तनाव मानसिक, शारीरिक या भावनात्मक हो सकता है। इससे कॉर्टिसॉल बढ़ता है जो चेहरे पर फैट के संतुलन को बिगाड़ देता है और फ्लूड जमा करने लगता है।
इस तरह पहचानें
- सूजन गालों, जॉलाइन और आंखों के आसपास देखी जा सकती है।
- सूजन के साथ चेहरे पर लालिमा दिखती है।
- चीक बोन पर गाल ज्यादा उभरे दिखते हैं और चेहरा चांद के आकार जैसा लगता है।
- चेहरे ऑयली होने लगता है और ऐक्ने की समस्या होती है।
खानपान में बदलाव करें : ज्यादा सोडियम वाले खाद्यों से दूरी बनाएं, प्रोसेस्ड भोजन से बचें। कॉफी और शराब से दूरी बनाएं।
पर्याप्त नींद लें : नींद की कमी चेहरे पर सूजन लाने का काम करती है। कम से कम 7 से 8 घंटाें की नींद एकबार में लें। इससे शरीर सुचारू तरीके से काम करता है जिससे कॉर्टिसॉल हॉर्मोन संतुलित रहता है। पेट या करवट से सोने की जगह सिर के नीचे तकिया रखकर सीधे सोएं। इससे सूजन चेहरे तक कम आ पाती है।
तनाव दूर करने के तरीके अपनाएं : शारीरिक थकान पर आराम करें, शरीर की क्षमता के अनुसार ही काम करें, मानसिक और भावनात्मक तनाव को कम करने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज, मेडीटेशन, सुपाच्य भोजन को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
चिकित्सकीय परामर्श लें
सूजन के सही कारण को जानने के लिए अपने चिकित्सक से बात करें। सही परामर्श और डायग्नोसिस से आपको अपने चेहरे की सूजन का असल कारण पता चल सकेगा, जिसके बाद बेहतर उपचार संभव है।
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