इतिहास में प्रेग्नेंसी से जुड़े कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही एक मामला 16वीं सदी का है, जो स्पेन के राजा फिलिप द्वितीय की पत्नी रानी मैरी प्रथम से जुड़ा है। बताया जाता है कि रानी मां बनने के लिए बेताब थीं। उन्हें प्रेग्नेंसी के सभी लक्षण महसूस हो रहे थे। उनका पेट फूल गया था, जी मिचलाता था और यहां तक कि उन्हें गर्भ में बच्चे की हलचल भी महसूस होती थी। लेकिन बाद में उनकी प्रेग्नेंसी से जुड़ी एक ऐसी सच्चाई सामने आई, जिसने इस मामले को इतिहास में दर्ज करा दिया। आइए, जानते हैं इस सच के बारे में विस्तार से।
नेशनल ज्योग्राफिक के अनुसार, अप्रैल 1555 में स्पेन के राजा फिलिप द्वितीय की पत्नी रानी मैरी प्रथम, जिन्हें ‘ब्लडी मैरी’ के नाम से जाना जाता है, अपने पहले बच्चे के जन्म का इंतजार कर रही थीं। शादी के एक साल बाद, मैरी को लगा कि वह गर्भवती हैं। उनके स्तन और पेट फूल गए थे। उन्हें जी मिचलाने लगा था और उनका कहना था कि उन्हें पेट में बच्चे की मूवमेंट भी महसूस हो रही है। (सांकेतिक तस्वीर)
महल में बच्चे के आने की तैयारियां शुरू हो गई थीं। उसके लिए कमरा तैयार कर लिया गया था, और दाइयों तक को बुला लिया गया था। घोषणा-पत्र भी तैयार कर लिए गए थे, जिनमें बस बच्चे के जन्म की तारीख और उसके लड़का या लड़की होने की जानकारी भरनी बाकी थी। (सांकेतिक तस्वीर) Image-magnific
लेकिन ‘मैरी ट्यूडर: प्रिंसेस, बास्टर्ड, क्वीन’ की लेखिका अन्ना व्हिटलॉक लिखती हैं, ‘जैसे-जैसे हफ्ते बीतते गए, निराशा बढ़ने लगी।’ अफवाहें फैलने लगीं कि रानी की मौत हो गई है या बच्चा मर चुका है और उसकी जगह किसी दूसरे बच्चे को लाया जाएगा। मगर सच्चाई यह थी कि मैरी गर्भवती थीं ही नहीं। उनमें गर्भावस्था के सभी लक्षण दिख रहे थे, लेकिन वह pseudocyesis नाम की एक बेहद दुर्लभ स्थिति का शिकार थीं। इतिहास में यह इस तरह का पहला अच्छी तरह से दर्ज किया गया मामला है। Image-Magnific (सांकेतिक तस्वीर)
क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, Pseudocyesis या झूठी गर्भावस्था (False Pregnancy) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को लगता है कि वह गर्भवती है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता। इसे फैंटम प्रेग्नेंसी (Phantom Pregnancy) भी कहते हैं। (सांकेतिक तस्वीर)
इस स्थिति में गर्भावस्था के लक्षण महसूस होते हैं, लेकिन प्रेग्नेंसी टेस्ट और अल्ट्रासाउंड से पता चलता है कि व्यक्ति गर्भवती नहीं है और गर्भाशय में कोई भ्रूण नहीं है। यह एक दुर्लभ स्थिति है, जिसके पीछे हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मनोवैज्ञानिक और हार्मोनल कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। (सांकेतिक तस्वीर)