आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद उसकी परवरिश की जिम्मेदारी मां और पिता दोनों की बराबर होनी चाहिए। लेकिन कई परिवारों में आज भी बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी मां पर यह कहकर डाल दी जाती है कि यह तो मां का ही काम है, इसमें पिता क्या कर सकते हैं। लोगों की इसी सोच पर पिता और कंटेंट क्रिएटर गौरव अग्रवाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पिताओं की जिम्मेदारी से जुड़ी ऐसी हकीकत सामने रखी है, जिसे सुनकर कई फादर्स सोच में पड़ जाएंगे। साथ ही उन्हें बहुत चुभेगी भी यह बात। आखिर, उन्होंने ऐसा क्या कहा चलिए जानते हैं।
कंटेंट क्रिएटर गौरव अग्रवाल का कहना है कि अगर भारतीय बाप अगर अपने बच्चे का चींटी बराबर काम भी कर रहे हैं, तो लोग उनका प्रोत्साहन बढ़ा रहे हैं और कह रहे हैं कि ये कितना बढ़िया आदमी है, ये तो अपनी वाइफ की कितनी ज्यादा हेल्प करता है।
लेकिन बावले लोग ये भूल जाते हैं कि ये बच्चे का सगा बाप है, कोई रिश्तेदार नहीं है कि बच्चे कौन, हमको क्या, अपन खाए-पिए खिसके। जब बच्चे को लेकर दुनिया में दो लोग आए, एक मां है और एक बाप, तो फिर हर काम में सिर्फ मां को क्यों आगे कर दिया जाता है कि पहले आप-आप।
वहीं, भारतीय महिलाएं इतनी क्यूट हैं कि उन्हें लगता है कि अपने ही सगे बच्चे का काम कौन करता है। उन्हें लगता है कि उनका लल्ला अगर बच्चा संभाल रहा है, तो पहाड़ तोड़ रहा है, मेहनत-मजदूरी कर रहा है। वह सोचती हैं कि बच्चे को तो मां को ही रखना चाहिए। जब नौ महीने उसने रखा है, लेबर और पोस्टपार्टम उसने सहा है, तो फिर बच्चे का कौन करेगा, मां ही तो करेगी।
गौरव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कही इस बात के जरिए एक बेहद अहम मुद्दे की ओर ध्यान खींचा है। वह यह है कि आज भी कई परिवारों में बच्चे की जिम्मेदारी सिर्फ मां की ही मानी जाती है। इसकी वजह से कई बार महिलाएं बच्चे की देखभाल और घर की दूसरी जिम्मेदारियों के बीच मानसिक रूप से परेशान और थका हुआ महसूस करने लगती हैं। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि बच्चे की परवरिश केवल मां की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पिता को भी इसमें बराबर की भूमिका निभानी चाहिए।