वास्तु और गार्डनिंग में जेट प्लांट को बहुत शुभ माना जाता है, जिसे लोग 'कुबेर पौधा' या 'कुबेराक्षी' के नाम से भी जानते हैं। घर के मुख्य द्वार या बालकनी में रखा यह पौधा अगर घना और हरा-भरा हो, तो दिखने में बेहद खूबसूरत लगता है। हालांकि, कई बार सही जानकारी न होने की वजह से इसकी पत्तियां झड़ने लगती हैं और पौधा पतला रह जाता है।
गर्मी और बरसात का मौसम जेट प्लांट की तेज ग्रोथ के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इस दौरान नियमित प्रूनिंग, सही फर्टिलाइजर और संतुलित धूप-पानी की मदद से आप अपने छोटे से पौधे को भी किसी घने मिनी ट्री का रूप दे सकते हैं। तो चलिए जेड प्लांट को घना बनाने के लिए माली की टिप्स जानते हैं।
जेट प्लांट के तेजी से बढ़ने और घना होने का सबसे अच्छा समय गर्मी और बरसात का मौसम होता है। इस दौरान पौधा अपनी सबसे अच्छी ग्रोथ करता है। सर्दियों में यह पौधा 'डोर्मेंसी' यानी विश्राम की स्थिति में चला जाता है और इसकी ग्रोथ रुक जाती है। इसलिए पौधे को घना बनाने से जुड़े सभी काम गर्मी और बारिश के मौसम में ही करें।
जेट प्लांट को घना बनाने का सबसे बड़ा राज उसकी प्रूनिंग यानी कटाई है। जब भी पौधे में ऊपर की तरफ नई शाखाएं या पत्तियां निकलती दिखाई दें, तो उन्हें ऊपर से थोड़ा-थोड़ा काटते रहें। हर 15 से 20 दिन के अंतर में ऊपरी सिरों की छंटाई करते रहने से पौधा ऊपर लंबा होने के बजाय चौड़ाई में फैलेगा।
जैसे ही आप ऊपरी सिरे को काटते हैं, कटी हुई जगह से दो या तीन नई छोटी शाखाएं निकलने लगती हैं। जब ये नई शाखाएं थोड़ी बड़ी हों, तो इन्हें फिर से काट दें। बार-बार कटाई करने से एक छोटी सी टहनी से कई शाखाएं फूटेंगी, जिससे आपका छोटा सा जेट प्लांट भी किसी छोटे घने पेड़ या बोन्साई जैसा दिखाई देने लगेगा।
केवल कटाई करने से ही पौधा स्वस्थ नहीं रहता, उसे सही पोषण की भी जरूरत होती है। जब भी आप पौधे की कटाई करें, उसके तुरंत बाद उसमें कोई भी अच्छा लिक्विड फर्टिलाइजर या जैविक खाद जरूर डालें। फर्टिलाइजर देने से पौधे को नई पत्तियां और शाखाएं उगाने की ऊर्जा मिलती है और वह स्वस्थ रहता है।
पौधे की जड़ों तक ऑक्सीजन और खाद को सही तरीके से पहुंचाने के लिए समय-समय पर गमले की ऊपरी मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें। गुड़ाई करने से मिट्टी में हवा का प्रवाह बना रहता है, जिससे जड़ें मजबूत होती हैं और पौधा पानी व पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर ढंग से कर पाता है।
जेट प्लांट को अच्छी ग्रोथ के लिए भरपूर धूप की आवश्यकता होती है। इसे ऐसे स्थान पर रखें जहाँ रोजाना कम से कम 4-5 घंटे की सीधी धूप मिले। इसके साथ ही सिंचाई का ध्यान रखें, गमले में पानी जमा न होने दें और केवल तभी पानी दें जब ऊपरी मिट्टी सूखी दिखे, क्योंकि अधिक पानी से इसकी जड़ें सड़ सकती हैं। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।