किचन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीजों में गेहूं का आटा पहले नंबर पर आता है। लेकिन बदलते मौसम या थोड़ी सी भी लापरवाही के कारण आटे में अक्सर कीड़े, इल्लियां या छोटे-छोटे काले घुन लग जाते हैं। कई बार तो आटे में रुई जैसे बारीक जाले बनने लगते हैं। ऐसे में ज्यादातर महिलाएं परेशान होकर आटे को खराब मान लेती हैं और उसे फेंक देती हैं।
अगर आपके घर के आटे में भी ऐसी समस्या आ गई है, तो अब आपको बिल्कुल भी परेशान होने या आटा फेंकने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर अपने बेहतरीन होम हैक्स के लिए मशहूर राधिका मारू ने एक ऐसा
आसान और कमाल का तरीका बताया है, जिससे आटा बिल्कुल साफ हो जाएगा और दोबारा उसमें कभी कीड़े नहीं लगेंगे।
अगर आटे में कीड़े या जाले दिखने लगे हैं, तो सबसे पहला कदम उसे साफ करना है। आटे को फेंकने की गलती बिल्कुल न करें। एक साफ और चौड़ी परात लें और बारीक छेद वाली मैदा या आटा छानने की छलनी की मदद से पूरे आटे को अच्छी तरह से छान लें। छानने से आटे में मौजूद बड़े कीड़े, जाले और घुन छलनी के ऊपर रह जाएंगे, जिन्हें आप आसानी से अलग करके फेंक सकते हैं। छाना हुआ साफ आटा नीचे परात में आ जाएगा।
आटे को कीड़ों से बचाने के लिए उसे रखने वाले डिब्बे का सही होना बहुत जरूरी है। राधिका मारू के अनुसार, कीड़े लगने का एक बड़ा कारण डिब्बे में बची हुई पुरानी नमी होती है। आटा छानने के बाद, जिस कंटेनर में आपको इसे रखना है, उसे अच्छी तरह धोकर धूप में सुखा लें। ध्यान रहे कि कंटेनर बिल्कुल साफ और पूरी तरह सूखा होना चाहिए। नमी या पुराना आटा लगा रहेगा, तो कीड़े दोबारा बहुत जल्दी पनप जाएंगे।
आटे को डिब्बे में भरने के बाद अब बारी आती है राधिका मारू के उस सीक्रेट उपाय की, जो कीड़ों को आटे से दूर रखेगा। इसके लिए आपकी रसोई के मसाले के डिब्बे में मौजूद तेजपत्ता सबसे असरदार काम करता है। साफ और सूखे डिब्बे में आटा भरने के बाद, उसमें 2 से 3 खड़े तेजपत्ते डाल दें। तेजपत्ते की तीखी और तेज गंध अनाज में लगने वाले कीड़ों और घुन को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होती।
तेजपत्ते के साथ-साथ एक और खास मसाला है जो इस घरेलू नुस्खे को दोगुना ताकतवर बना देता है, और वह है दालचीनी। तेजपत्ते के साथ ही आटे के डिब्बे में एक छोटी दालचीनी की स्टिक भी लगा दें। दालचीनी की अपनी एक नेचुरल और कड़क खुशबू होती है। जब तेजपत्ता और दालचीनी एक साथ आटे में रहते हैं, तो एक ऐसा नेचुरल कवच बनता है जिससे कोई भी कीड़ा या जाला आटे के आसपास भी नहीं फटकता।
मसाले डालने के बाद सबसे जरूरी काम डिब्बे को सही तरीके से बंद करना है। हवा और नमी ही कीड़ों को अंडे देने और जाले बनाने के लिए सबसे अनुकूल माहौल देते हैं। आटे के डिब्बे में तेजपत्ता और दालचीनी सेट करने के बाद कंटेनर का ढक्कन कसकर बंद कर दें। हमेशा एयरटाइट कंटेनर का ही इस्तेमाल करें ताकि बाहर की हवा या नमी अंदर न जा सके।

राधिका मारू द्वारा बताए गए इस तेजपत्ता और दालचीनी वाले तरीके के अलावा, आप भविष्य में आटे को कीड़ों से बचाने के लिए इन छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रख सकते हैं। हमेशा आटे के डिब्बे में हाथ डालने के लिए सूखी चम्मच का इस्तेमाल करें, गीले हाथ कभी न डालें। भारी मात्रा में जैसे 10-20 किलो आटा स्टोर करते हैं, तो डिब्बे में सूखी साबुत लाल मिर्च या नीम की सूखी पत्तियां भी डाल कर रख सकते हैं। आटे के डिब्बे को किचन के किसी सूखे और ठंडे स्थान पर रखें, जहां सीधी धूप या पानी के छींटे न पड़ते हों। महीने में एक बार आटे को थोड़ा सा हिला-डुला दें, क्योंकि एक ही जगह स्थिर पड़े रहने वाले आटे में जाले जल्दी बनते हैं। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।