आमतौर पर माता-पिता को बच्चे के पहले बर्थडे का काफी क्रेज होता है। वे अपने बच्चे का पहला जन्मदिन खास बनाने के लिए बड़ी पार्टी, डेकोरेशन और सेलिब्रेशन की प्लानिंग करते हैं। हालांकि, कुछ पेरेंट्स की पहले बर्थडे को लेकर सोच थोड़ी अलग होती है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया है, जहां सुखलीन अरोड़ा नाम की एक मां ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे का पहला बर्थडे सेलिब्रेट ही नहीं किया। उन्होंने न कोई ग्रैंड पार्टी की और न ही कोई बड़ा आयोजन किया। इस फैसले के पीछे उन्होंने जो 2 खास वजह बताई, जो कई पेरेंट्स को सोचने पर मजबूर कर सकती है।
सुखलीन अरोड़ा एक वीडियो में कहती हैं, ‘मेरा बेटा तीन साल का है और हमने उसका पहला बर्थडे सेलिब्रेट ही नहीं किया। दोनों तरफ के ग्रैंडपेरेंट्स चाहते थे कि हम बड़ी पार्टी करें, डेकोरेशन करवाएं और धूमधाम से बर्थडे मनाएं। लेकिन हमने ऐसा कुछ नहीं किया। लोग पूछते हैं कि आखिर एक पार्टी में इतना बुरा क्या है?’
इस पर वह कहती हैं, ‘मैं इसका सीधा जवाब देती हूं। पहली बात, बच्चे को अपना पहला बर्थडे याद ही नहीं रहेगा। एक साल के बच्चे के पास अपने बर्थडे की एक भी याद नहीं होगी। हां, उसकी तस्वीरें जरूर होंगी, लेकिन उसे कुछ याद नहीं रहेगा। इसलिए इतनी बड़ी पार्टी का मतलब बच्चे के लिए नहीं, बल्कि हमारे लिए होता है।’ Image-Freepik
मां आगे बताती हैं, ‘दूसरा कारण यह है कि बच्चा बहुत क्रैंकी हो जाता। 30-40 या 100 लोगों की भीड़, तेज लाइट्स और डेकोरेशन के बीच बच्चा परेशान होकर रोता रहता है। भले ही वह तस्वीरों में मुस्कुराता हुआ नजर आए, लेकिन अंदर से क्या। इसलिए ऐसी पार्टी बच्चे की खुशी के लिए नहीं, बल्कि हमारे इंस्टाग्राम के लिए होती है। इसीलिए हमने क्या किया? उस दिन हमने एक पेड़ लगाया।’
साथ ही हम अंडरप्रिविलेज्ड बच्चों के आश्रम गए और उनके साथ खाना खाया। शाम को दोनों तरफ के पैरेंट्स के साथ बैठकर खाना खाया। न कोई रिटर्न गिफ्ट था और न ही कोई डेकोरेशन। वह दिन मुझे आज भी अच्छी तरह याद है, क्योंकि वह दिन उसके लिए था, हमारे इंस्टाग्राम के लिए नहीं। इसलिए हर पेरेंट्स को बच्चे के फर्स्ट बर्थडे के लिए यह सवाल खुद से जरूर पूछना चाहिए।