कई डॉ. को दिखाया, IUI भी कराया, फिर भी महिला को नहीं हुई प्रेग्नेंसी, अंत में पता चली वजह जो हर महिला को जाननी चाहिए

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इनफर्टिलिटी की समस्या से निपटने के लिए कपल अक्सर ट्रीटमेंट लेते हैं, लेकिन कई बार लंबे इलाज के बाद भी असली वजह का पता नहीं चल पाता। ऐसा ही एक मामला फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. महिमा के पास आया, जहां एक महिला को पिछले तीन साल से गर्भधारण नहीं हो रहा था। उसने कई डॉक्टरों को दिखाया, IUI भी करवाया, लेकिन फिर भी वह कंसीव नहीं कर पाई। बाद में जांच में जो वजह सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया, यह मोटापा था। जी हां, बढ़ा हुआ वजन उसकी प्रेग्नेंसी में बाधा बन रहा था। आखिर कैसे मोटापा गर्भधारण को प्रभावित करता है, आइए विस्तार से समझते हैं।
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(सभी तस्‍वीरें-सांकेत‍िक हैं)
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फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. महिमा बताती हैं कि हाल ही में उनके पास गाजियाबाद की रहने वाली 29 वर्षीय महिला आई थी। उसकी शादी को चार साल हो चुके थे और वह पिछले तीन साल से गर्भधारण की कोशिश कर रही थी। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद उसे प्रेग्नेंसी नहीं हो पा रही थी। Image-freepik
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महिला ने बताया कि पिछले तीन सालों में उसने ओव्यूलेशन की दवाएं लीं, कई डॉक्टरों से सलाह ली, अनेक इंजेक्शन लगवाए और कई बार अल्ट्रासाउंड भी करवाए। इतना ही नहीं, उसने एक आईयूआई (IUI) प्रक्रिया भी करवाई, लेकिन इसके बावजूद कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला और गर्भधारण नहीं हो पाया। Image-IStock
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परिवार के लोग उन्हें बार-बार यही कहते थे कि सब ठीक हो जाएगा, बस रिलैक्स रहो। लेकिन अनएक्सप्लेंड इंफर्टिलिटी का स्पष्ट कारण न मिलना कपल के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई थी। लंबे समय से चल रही कोशिशों और असफलताओं के कारण दोनों ही मानसिक रूप से थके हुए, निराश और हताश नजर आ रहे थे। Image-IStock
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डॉ. महिमा बताती हैं कि कपल की पूरी बात सुनने के बाद उन्होंने विस्तृत जांच की। जांच में पता चला कि महिला की फैलोपियन ट्यूब्स ओपन थीं। हर महीने नियमित रूप से ओव्यूलेशन भी हो रहा था। वहीं, पति की रिपोर्ट्स में भी कोई बड़ी समस्या नहीं दिखी। ऐसे में उन्होंने मामले को दूसरे नजरिए से देखा और कुछ मेटाबॉलिक टेस्ट कराने की सलाह दी। इन जांचों के बाद ही गर्भधारण न होने की असली वजह सामने आई। Image-Istock
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जांच में सामने आया कि समस्या की जड़ मोटापा थी। अधिक वजन चुपचाप महिला के अंडों की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा था। वह कहती हैं क‍ि मोटापा हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ सकता है, अंडों के विकास को प्रभावित कर सकता है और गर्भधारण की संभावना को कम कर सकता है। इसके अलावा, यह भ्रूण के इम्‍पलॉन्‍ट होने की संभावना को भी प्रभाव‍ित करता है। वहीं, कुछ मामलों में अधिक वजन आईवीएफ (IVF) जैसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स की सफलता दर पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। Image-IStock​

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अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा कुछ महिलाओं में प्रजनन क्षमता को 30 से 40% तक प्रभावित कर सकता है और गर्भधारण में लगने वाला समय बढ़ा सकता है। कई बार इनफर्टिलिटी की वजह न तो फैलोपियन ट्यूब में कोई रुकावट होती है और न ही शुक्राणुओं की संख्या में कमी। ऐसे मामलों में असली समस्या अंडों (Eggs) की गुणवत्ता में गिरावट हो सकती है। इसील‍िए मह‍िलाएं इस बात का ध्‍यान रखें। Image-Istock