Newborn Baby Health Insurance Rules: जन्म के कितने दिन बाद शुरू होता है बच्चे का बीमा? जानिए पूरी बात

जब भी इंश्योरेंस की बात होती है तो अक्सर लोग यही सोचते हैं कि क्या यह सचमुच जरूरी है। लेकिन वक्त और परिस्थितियां कब बदल जाएं, कहा नहीं जा सकता। कई बार जीवन में अचानक मेडिकल इमरजेंसी आ जाती है और ऐसी स्थिति में हेल्थ इंश्योरेंस पूरे परिवार के लिए एक बड़ा सहारा साबित होता है।
Hero Image


जब घर में कोई नया मेहमान यानी नवजात बच्चा आता है, तो माता-पिता उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए बचत करने के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस लेने के बारे में भी सोचने लगते हैं। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर नवजात शिशु को हेल्थ इंश्योरेंस कवर किस दिन से मिलने लगता है?

अगर आपके पास पहले से ही एक फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी मौजूद है, तो आप उसमें अपने नवजात बच्चे का नाम जुड़वा सकते हैं। हालांकि, नवजात शिशु के बीमा कवर को लेकर अलग-अलग बीमा कंपनियों के नियम भिन्न हो सकते हैं। कुछ पॉलिसियां जन्म के पहले दिन से ही बच्चे को कवर दे देती हैं, जबकि कुछ अन्य योजनाओं में 16वें दिन से लेकर 91वें दिन के बीच कवर मिलना शुरू होता है। इसलिए अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ना बहुत जरूरी है।


बच्चे को कब से मिलता है इंश्योरेंस कवर?

यदि आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में मैटरनिटी और न्यूबॉर्न बेबी कवर की सुविधा पहले से शामिल है, तो जन्म के तुरंत बाद से ही बच्चे के कुछ मेडिकल खर्चों का कवर मिल सकता है। कई पॉलिसियों में डिलीवरी और नवजात शिशु के शुरुआती अस्पताल के इलाज का खर्च मैटरनिटी बेनिफिट्स के तहत कवर हो जाता है।

हालांकि, इस कवरेज की सीमाएं और समय अवधि आपकी पॉलिसी की शर्तों पर ही निर्भर करती हैं। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर मैटरनिटी पॉलिसी जन्म के पहले ही दिन से सभी बीमारियों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा दे देगी।


मैटरनिटी कवर न होने पर क्या होता है?

अगर आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी में मैटरनिटी या न्यूबॉर्न बेबी कवर का विकल्प मौजूद नहीं है, तो जन्म के तुरंत बाद बच्चे के इलाज का खर्च क्लेम नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में कई पॉलिसियां बच्चे को एक निश्चित उम्र पूरी करने के बाद ही जोड़ने की अनुमति देती हैं।

अक्सर यह समय सीमा 91 दिन तय की जाती है। उदाहरण के तौर पर, कुछ मौजूदा हेल्थ प्लान में आश्रित बच्चे को 91 दिन की उम्र पूरी करने के बाद ही पॉलिसी में जोड़ा जा सकता है। वैसे 90 दिन बाद बच्चे को पॉलिसी में शामिल करने का नियम काफी प्रचलित है, लेकिन यह नियम सभी बीमा कंपनियों पर एक समान लागू नहीं होता।

पॉलिसी में बच्चे का नाम कैसे जुड़वाएं?

अगर आपकी पॉलिसी में नवजात शिशु को जोड़ने का प्रावधान है, तो बच्चे के जन्म के बाद आपको जल्द से जल्द इसकी जानकारी बीमा कंपनी को देनी होगी। इसके लिए कुछ आसान प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है:

  • बीमा कंपनी से चाइल्ड एडिशन फॉर्म प्राप्त करें।
  • फॉर्म भरकर उसके साथ मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज जमा करें।
  • अगर लागू हो, तो अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करें।
  • बीमा कंपनी से बच्चे का नाम पॉलिसी में जुड़ने की पुष्टि या एंडोर्समेंट प्राप्त करें।
कंपनी के नियमों के मुताबिक, कुछ पॉलिसियों में बच्चे का नाम साल के बीच में ही जोड़ा जा सकता है, जबकि कुछ अन्य पॉलिसियों में अगली रिन्यूअल डेट पर नाम जोड़ने की शर्त होती है।


बच्चे को जोड़ने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?

नवजात बच्चे को पॉलिसी में शामिल करने के लिए मांगे जाने वाले कागजात अलग-अलग बीमा कंपनियों के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं। आम तौर पर निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है:

  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • अस्पताल की डिस्चार्ज रिपोर्ट
  • चाइल्ड एडिशन फॉर्म
  • माता-पिता की इंश्योरेंस पॉलिसी की कॉपी
  • बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो
  • कंपनी द्वारा मांगे जाने पर अन्य केवाईसी (KYC) दस्तावेज

क्या 90 दिनों के भीतर मिलता है इंश्योरेंस कवर?

अलग-अलग इंश्योरेंस पॉलिसियों में कवरेज के नियम भी अलग-अलग होते हैं। कुछ योजनाएं जन्म के पहले दिन से सुरक्षा देती हैं, कुछ 16वें दिन से कवर शुरू करती हैं, तो कुछ में 91वें दिन से सुरक्षा मिलती है।

उदाहरण के लिए, कुछ पॉलिसियां शुरुआती 90 दिनों तक बच्चे को मैटरनिटी बेनिफिट की तय सीमा के तहत कवर करती हैं। इसके बाद बच्चे को अलग से पॉलिसी में जोड़ना अनिवार्य होता है।

क्या NICU का खर्च भी इंश्योरेंस में कवर होता है?

यदि आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में नवजात शिशु के अस्पताल के इलाज का कवर शामिल है, तो एनआईसीयू (NICU) और अन्य जरूरी मेडिकल खर्च भी पॉलिसी की तय सीमा के भीतर कवर किए जा सकते हैं।

इसके लिए सबसे पहली शर्त यही है कि आपकी पॉलिसी में न्यूबॉर्न बेबी कवरेज का होना जरूरी है। हालांकि, कवरेज की राशि और शर्तों से जुड़े नियम अलग-अलग कंपनियों में भिन्न हो सकते हैं।


कब तक करा लेना चाहिए बच्चे का रजिस्ट्रेशन?

बच्चे के जन्म के बाद जितनी जल्दी हो सके बीमा कंपनी को इसकी सूचना दे देनी चाहिए। ज्यादातर पॉलिसियों में बच्चे का नाम जोड़ने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय होती है। कई कंपनियां 90 दिनों के भीतर सूचना देने को कहती हैं ताकि 91वें दिन से बच्चे को नियमित कवर मिल सके। इसलिए बच्चे का नाम जोड़ने के लिए पॉलिसी की रिन्यूअल तारीख का इंतजार बिल्कुल न करें।

निष्कर्ष

नवजात शिशु को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में जोड़ने के नियम अलग-अलग प्लान के हिसाब से बदल सकते हैं। कुछ योजनाओं में जन्म के पहले ही दिन से सुरक्षा मिल जाती है, तो कुछ में 16वें या 91वें दिन से कवर शुरू होता है। यदि आपके पास फैमिली फ्लोटर या मैटरनिटी कवर वाली पॉलिसी है, तो बच्चे के जन्म के तुरंत बाद कंपनी को सूचित करें और जरूरी प्रक्रिया पूरी करके अपने शिशु को मेडिकल सुरक्षा प्रदान करें।