तेज आवाज से मुर्गियों की मौत: क्या इंसानों पर भी है खतरा?

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सुल्तानपुर में डीजे की तेज आवाज से मुर्गियों की मौत

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां तेज आवाज में बजने वाले डीजे के कारण 140 मुर्गियों की जान चली गई। पोल्ट्री फार्म के मालिक साबिर अली ने इस मामले में FIR दर्ज कराई है। साबिर का कहना है कि डीजे की तेज आवाज ने मुर्गियों को कार्डियक अरेस्ट का शिकार बना दिया। इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि क्या इंसानों को भी डीजे की तेज आवाज से खतरा हो सकता है?


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विशेषज्ञों के अनुसार, तेज आवाज का प्रभाव पक्षियों पर भी पड़ता है, जिससे उनकी मृत्यु हो सकती है। इंसानों के लिए भी यह खतरा कम नहीं है। वैज्ञानिकों का कहना है कि 110-120 डेसिबल से अधिक की आवाज इंसानों के लिए हानिकारक हो सकती है।


तेज आवाज का तात्कालिक खतरा यह है कि इससे रक्तचाप अचानक बढ़ सकता है, और हृदय की धमनियों में समस्या आ सकती है। आमतौर पर, डीजे की आवाज इतनी अधिक नहीं होती कि वह सीधे दिल को रोक दे, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को पहले से हृदय की समस्या है, तो जोखिम बढ़ जाता है।


सुनने की क्षमता पर प्रभाव: डीजे या किसी अन्य मशीन की तेज आवाज से सुनने की क्षमता स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।


हृदय संबंधी समस्याएं: बार-बार तेज आवाज के संपर्क में आने से रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, तेज आवाज दिल की बीमारियों के लिए एक पर्यावरणीय जोखिम कारक है।


स्ट्रोक और रक्तचाप: लगातार तेज आवाज में रहने से रक्तचाप बढ़ता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा, यह तनाव, चिड़चिड़ापन और मानसिक समस्याओं का कारण बन सकता है।


हालांकि, मुर्गियों की तरह इंसानों में तुरंत कार्डियक अरेस्ट होना अत्यंत दुर्लभ है, क्योंकि हमारा शरीर उस स्तर के तीव्र कंपन को सहन कर सकता है। लेकिन इसके दीर्घकालिक प्रभाव गंभीर और हानिकारक हो सकते हैं।