गर्मी में डिहाइड्रेशन के लक्षण और बचाव के उपाय

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गर्मी में डिहाइड्रेशन का खतरा

नई दिल्ली: इस वर्ष देशभर में गर्मी ने अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ोतरी की है। तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे शरीर से पसीने के माध्यम से तेजी से पानी की कमी हो रही है। कई लोग बिना किसी चेतावनी के डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं। पानी की कमी शरीर के विभिन्न अंगों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है और यदि इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।


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डिहाइड्रेशन के लक्षण

डिहाइड्रेशन को समय पर पहचानना अत्यंत आवश्यक है। प्यास लगना इसका अंतिम संकेत होता है। इससे पहले कई अन्य लक्षण प्रकट होते हैं, जिन्हें जानकर आप और आपके परिवार के सदस्य सुरक्षित रह सकते हैं। गर्मी के इस मौसम में हर किसी को इन संकेतों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।


प्यास और मुंह का सूखापन

लगातार प्यास लगना और मुंह का सूखना सबसे सामान्य लक्षण हैं। लार का चिपचिपा होना भी पानी की कमी का संकेत है। यदि आप बार-बार पानी पीने के बावजूद राहत नहीं महसूस कर रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि आपका शरीर डिहाइड्रेट हो रहा है।


गहरे रंग का पेशाब

स्वस्थ व्यक्ति का पेशाब हल्का पीला होता है। यदि यह गहरा पीला या नारंगी हो गया है, तो यह शरीर में पानी की कमी का स्पष्ट संकेत है। पेशाब की आवृत्ति में कमी भी चिंता का विषय है।


थकान और चक्कर आना

बिना किसी कार्य के थकान महसूस करना, सिर चकराना या कमजोरी आना डिहाइड्रेशन के प्रमुख लक्षण हैं। गर्मी में शरीर का तापमान संतुलित रखने के लिए पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है।


सूखी त्वचा और होंठ

त्वचा का सूखा और बेजान होना, होंठों का फटना भी पानी की कमी का संकेत है। पसीना कम आना या पूरी तरह से बंद हो जाना गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।


सिरदर्द और भ्रम

बार-बार सिरदर्द, चिड़चिड़ापन या भ्रम जैसी स्थिति डिहाइड्रेशन का खतरा दर्शा सकती है। ऐसे में तुरंत पानी पीना और छायादार स्थान पर आराम करना आवश्यक है।