Infertility: प्लास्टिक कंटेनर से लेकर कॉस्मेटिक्स तक...; ये चीज़ें आपकी फर्टिलिटी पर डालती है असर, पढ़ें यहाँ
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इनफर्टिलिटी आजकल एक बढ़ती हुई प्रॉब्लम है। यह सिर्फ़ एक इंसान की प्रॉब्लम नहीं है, बल्कि एक बड़ी हेल्थ चैलेंज बन गई है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के मुताबिक, दुनिया में हर छह में से एक इंसान अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी इनफर्टिलिटी का सामना करता है। साथ ही, लगभग हर इंसान के शरीर में 'एंडोक्राइन डिसरप्टिंग केमिकल्स' होते हैं, ये ऐसे केमिकल्स हैं जो हॉर्मोन्स के काम करने के तरीके में रुकावट डालते हैं।
चूंकि ये दोनों तरह के केमिकल्स एक ही समय पर बढ़ रहे हैं, इसलिए यह सिर्फ़ एक इत्तेफ़ाक नहीं है, बल्कि कई स्टडीज़ से पता चला है कि ये केमिकल्स इनफर्टिलिटी से जुड़े हैं। ये केमिकल्स शरीर में हॉर्मोन्स के नैचुरल काम करने के तरीके में रुकावट डालते हैं। सबसे ज़रूरी बात यह है कि ये केमिकल्स हमारे चारों ओर हैं। हम प्लास्टिक की बोतलों, खाने के डिब्बों, कॉस्मेटिक्स, रोज़मर्रा की कई चीज़ों के साथ-साथ खेती में इस्तेमाल होने वाले पेस्टिसाइड्स और दूसरे केमिकल्स के ज़रिए इनके संपर्क में आते हैं। इसलिए, इनसे पूरी तरह दूर रहना लगभग नामुमकिन है।
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