फर्श की सफाई में रोज पोछा लगाना कहीं पड़ न जाए भारी, इन बातों का रखें ध्यान
घर की सफाई पूरी करने के बाद फर्श पर पोछा लगाते ही घर का लुक बदल जाता है। साफ और चमकता हुआ फर्श देखकर लगता है कि सफाई का काम पूरा हो गया। लेकिन क्या हर दिन पोछा लगाना जरूरी है? या फिर हफ्ते में एक बार फर्श की सफाई करना पर्याप्त है?
इसका कोई एक तय जवाब नहीं है। पोछा कितनी बार लगाना चाहिए, यह फर्श के प्रकार, घर में रहने वाले लोगों की संख्या और रोजाना होने वाली आवाजाही पर निर्भर करता है। हर घर की जरूरत अलग होती है, इसलिए सफाई का तरीका भी उसी के हिसाब से तय करना चाहिए।
हफ्ते में एक बार पोछा काफी हो सकता हैअगर घर में सामान्य आवाजाही रहती है और फर्श पर ज्यादा गंदगी नहीं आती, तो सप्ताह में एक बार अच्छी तरह पोछा लगाना पर्याप्त हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि पूरे हफ्ते फर्श की सफाई न की जाए। रोजाना झाड़ू या वैक्यूम से धूल और छोटे कण हटाते रहना चाहिए।
अगर फर्श पर चाय, पानी, खाना या कोई अन्य चीज गिर जाए तो उसे तुरंत साफ करना बेहतर होता है। इससे दाग जमने से भी बचते हैं।
फर्श के मटेरियल के हिसाब से करें सफाईपोछा लगाने की फ्रीक्वेंसी तय करने में फर्श का मटेरियल काफी अहम होता है। टाइल वाले फर्श पर सामान्य तौर पर पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है, इसलिए जरूरत के अनुसार सप्ताह में एक या उससे ज्यादा बार पोछा लगाया जा सकता है।
वहीं लकड़ी, लैमिनेट या ऐसे फर्श जिन्हें ज्यादा पानी से नुकसान हो सकता है, उन पर बार-बार गीला पोछा लगाना सही नहीं होता। ऐसे फर्श पर कम पानी का इस्तेमाल करें और सफाई के बाद उसे जल्दी सुखा दें। लंबे समय तक नमी रहने से फर्श खराब हो सकता है।
ज्यादा लोग हैं तो ज्यादा सफाई की जरूरतघर में जितने ज्यादा लोग होंगे, फर्श पर आवाजाही भी उतनी ही ज्यादा होगी। छोटे बच्चे हों, घर में लोग जूते-चप्पल पहनकर आते-जाते हों या मेहमानों का आना-जाना ज्यादा रहता हो तो फर्श जल्दी गंदा हो सकता है।
ऐसे घरों में सप्ताह में एक बार पोछा पर्याप्त नहीं भी हो सकता। खासकर एंट्रेंस, लिविंग रूम और किचन जैसे हिस्सों में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सफाई करनी पड़ सकती है।
हर कमरे में एक जैसा रूटीन जरूरी नहींघर के सभी कमरों में बराबर आवाजाही नहीं होती। किचन और लिविंग रूम का इस्तेमाल ज्यादा होता है, जबकि गेस्ट रूम या स्टोर रूम का इस्तेमाल कम हो सकता है। ऐसे में दोनों जगहों पर एक ही फ्रीक्वेंसी से पोछा लगाने की जरूरत नहीं है।
जिन कमरों का इस्तेमाल ज्यादा होता है, उनकी नियमित सफाई करें और कम इस्तेमाल वाले कमरों में जरूरत के हिसाब से पोछा लगाएं। इससे समय और मेहनत दोनों बचेंगे।
फर्श देखकर तय करें कब पोछा लगाना हैसिर्फ कैलेंडर देखकर पोछा लगाने के बजाय फर्श की स्थिति पर भी ध्यान दें। अगर फर्श पर पैरों के निशान, धूल, दाग या गंदगी नजर आने लगे तो सफाई का समय समझें।
किचन में तेल, मसाले और खाने के छोटे कण गिरने की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिए इस हिस्से को बाकी कमरों की तुलना में ज्यादा बार साफ करने की जरूरत पड़ सकती है।
ज्यादा पानी का इस्तेमाल न करेंफर्श साफ करने के लिए बाल्टी भरकर पानी डालना जरूरी नहीं है। खासकर लकड़ी और लैमिनेट जैसे फर्श पर ज्यादा पानी नुकसान पहुंचा सकता है। पोछा लगाने के बाद फर्श को अच्छी तरह सूखने दें।
लगातार नमी रहने से फर्श पर दाग या दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सफाई के दौरान जरूरत के मुताबिक ही पानी का इस्तेमाल करें।
घर के हिसाब से बनाएं सफाई का रूटीनअगर आपके घर में सामान्य आवाजाही है तो सप्ताह में एक बार पोछा लगाने से शुरुआत की जा सकती है। ज्यादा इस्तेमाल वाले हिस्सों को जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रूप से साफ करें।
कुल मिलाकर, हर घर के लिए रोज पोछा लगाने का नियम जरूरी नहीं है। फर्श का प्रकार, घर में लोगों की संख्या, आवाजाही और गंदगी की मात्रा देखकर सफाई का रूटीन तय करना ज्यादा बेहतर है।