Stevia Tea Benefits: बिना चीनी के मीठी चाय कैसे बनाएं? जानें स्टीविया की चाय बनाने का आसान तरीका और फायदे

भारत में लोगों को मीठी चाय पीना बहुत पसंद होता है। सुबह की शुरुआत हो या शाम की थकान मिटानी हो, एक कप चाय हर किसी को चाहिए होती है। लेकिन फीकी चाय पीने में किसी को स्वाद नहीं आता। दिन भर में दो या तीन कप चाय पीने से शरीर में बहुत सारी चीनी चली जाती है, जो सेहत को काफी नुकसान पहुंचाती है। अगर आप बिना नुकसान वाली Sugar Free Tea पीना चाहते हैं और मिठास भी पूरी चाहिए, तो स्टीविया बहुत अच्छा तरीका है। घर पर Stevia Tea बनाना बहुत आसान है। इसके साथ ही शरीर के लिए Stevia Benefits भी बहुत सारे हैं।
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नेचुरल और सेफ मिठास

अगर आप सोच रहे हैं कि स्टीविया क्या है, तो बता दें कि ये एक प्लांट बेस्ड स्वीटनर है। यानी ये एक पौधे से मिलने वाली मिठास है। इसका शरीर पर कोई नुकसान नहीं होता है। शुगर की बीमारी में भी इसका इस्तेमाल आराम से किया जा सकता है। जिन लोगों को मीठी चाय पीने की आदत है, वे बिना डरे स्टीविया डालकर चाय बना सकते हैं। मीठी चाय के लिए आप सीधे पौधे से तोड़ी गई ताजी पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले पाउडर या सूखे पत्तों से भी एकदम मीठी चाय बनाई जा सकती है।

पत्तों वाली चाय

पत्तों से चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में पानी गर्म करें और उसमें चाय की पत्ती डाल दें। जब चाय अच्छे से उबलने लगे तो उसमें स्वाद के लिए अदरक या इलायची डाल दें। इसके बाद इसमें स्टीविया के पत्ते डाल दें। अगर आपके पास ताजे पत्ते हैं तो उन्हें चाय की पत्ती के साथ ही शुरुआत में डाल देना चाहिए ताकि चाय में मिठास अच्छी तरह से घुल जाए। अगर आप सूखे पत्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उन्हें अदरक डालने के बाद पानी में डालकर उबालें। अब चाय में दूध डालें और दो या तीन उबाल आने के बाद इसे छान लें। आपकी बिना चीनी वाली मीठी चाय तैयार है।


पाउडर वाली चाय कैसे तैयार करें

पाउडर या गोलियों से चाय बनाने का तरीका भी बहुत आसान है। इसे आप अपनी रोज वाली चाय की तरह ही बना सकते हैं। सबसे पहले पानी, चाय की पत्ती और अदरक डालकर अच्छी तरह उबाल लें। इसके बाद इसमें दूध डालकर एक या दो बार उबलने दें। जब आपकी चाय पूरी तरह से पक जाए, तो सबसे आखिर में बाजार से खरीदा हुआ स्टीविया का पाउच या गोलियां चाय में डालकर मिला लें। इस तरह मिनटों में आपकी एक नेचुरल स्वीटनर वाली मीठी और सेहतमंद चाय तैयार हो जाएगी।

बिना कड़वाहट वाला स्वाद

आजकल इस तरह के नेचुरल स्वीटनर का क्रेज लोगों के बीच काफी बढ़ रहा है। ये पूरी तरह से प्लांट बेस्ड होते हैं। सबसे अच्छी बात ये है कि खाने या पीने के बाद इनका स्वाद जीभ पर कड़वा भी नहीं लगता है। इनमें बिल्कुल भी कैलोरी नहीं होती है। इसे खाने से शरीर में शुगर का लेवल एकदम से नहीं बढ़ता है। अगर आप इसे गर्म करते हैं, तब भी इसका स्वाद वैसा ही मीठा रहता है। इसलिए आजकल लोग इसे चाय के साथ साथ खाना पकाने में भी इस्तेमाल करने लगे हैं। ये सफेद चीनी की जगह इस्तेमाल करने का एक बहुत अच्छा तरीका है।


शुगर के मरीजों के लिए सेफ

स्टीविया खाने या पीने से शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बिल्कुल नहीं बढ़ता है। इसलिए इसे शुगर के मरीजों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित माना गया है। जो लोग शुगर की बीमारी से परेशान हैं, वे बिना डरे इसकी चाय पी सकते हैं। ये शरीर में इंसुलिन के काम करने के तरीके को भी बेहतर बनाता है और सेहत को ठीक रखता है।

वजन कंट्रोल करने में मददगार

इस मीठी चीज में जीरो कैलोरी होती है। अगर आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में सफेद चीनी की जगह इसका इस्तेमाल करते हैं तो वजन कम करने में काफी मदद मिलती है। मीठा खाने का शौक भी पूरा हो जाता है और शरीर में कम कैलोरी जाती है। इससे मोटापा बढ़ने का खतरा कम हो जाता है।

दांतों की कैविटी और सड़न से बचाव

आमतौर पर मीठा खाने से दांत खराब होने का डर रहता है, लेकिन इसका इस्तेमाल करने से दांत खराब नहीं होते हैं। ये मुंह के अंदर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आने पर कोई रिएक्शन नहीं करता है। इसका सीधा मतलब ये है कि इससे दांतों में कोई सड़न या कैविटी पैदा नहीं होती है। आपके दांत एकदम सुरक्षित रहते हैं।

ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखने में फायदेमंद

स्टीविया में स्टिवियोसाइड नाम का एक खास कंपाउंड मौजूद होता है। ये हमारी खून की नसों को आराम देने का काम करता है। जब नसें रिलैक्स होती हैं तो ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखने में काफी मदद मिल सकती है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है, उनके लिए भी ये काफी अच्छा साबित हो सकता है।


दिल की सेहत

इस छोटे से पौधे में सेहत के कई राज छिपे हैं। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो कई तरह की परेशानियों से बचाते हैं। इसके साथ ही इसमें शरीर की सूजन को कम करने वाले और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सारे अच्छे गुण मिलकर दिल की सेहत को बेहतर बनाने का काम करते हैं और हार्ट को मजबूत रखते हैं।