मार्च के महीने से ही आम के दीवाने इस रसीले और मीठे फल के बाजार में आने का इंतजार करने लगते हैं। भारत के कई हिस्सों में मार्च के महीने में ही आम आना शुरू हो जाते हैं। मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में बाजार में आम की कई तरह की किस्में मिलने लगती हैं। बहुत से लोग शुरुआत में आम खरीदने से बचते हैं। लोगों को लगता है कि शुरू में आने वाले आम स्वाद में खट्टे निकलेंगे। असल में बात ऐसी नहीं है। इस मौसम में बाजार में मिलने वाले कुछ आम स्वाद में बहुत ही मीठे और रसीले होते हैं। इसके लिए बस आपको मीठे आम के नाम की सही जानकारी होनी चाहिए। अगर कोई आम खाने का शौकीन है तो उसे सही आम की पहचान होनी चाहिए। कुछ खास आम अप्रैल के महीने में भी बहुत मीठे निकलते हैं। ये आम खरीदकर घर लाने से पूरा परिवार मीठे स्वाद का मजा ले सकता है।
अल्फांसो आम की खासियत
अप्रैल के महीने में सबसे पहले आने वाले आमों की बात करें तो उनमें अल्फांसो आम का नाम सबसे ऊपर आता है। ये आम स्वाद में बहुत ही मीठा होता है। अल्फांसो आम की पैदावार भारत के महाराष्ट्र राज्य में ज्यादा होती है। इस आम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है। बहुत से लोग अल्फांसो को आम का राजा भी कहते हैं। इसका स्वाद बहुत मीठा और लाजवाब होता है। अगर इसके रूप रंग की बात करें तो अल्फांसो आम दिखने में आकार में थोड़ा छोटा होता है। इस आम का रंग हल्का हरा और पीला मिला हुआ होता है।
केसर आम की मिठास
अप्रैल और मई के मौसम में केसर आम भी बाजार में आसानी से मिल जाता है। ये आम की सबसे जल्दी आने वाली किस्मों में गिना जाता है। इस आम का रंग बिल्कुल केसर की तरह दिखता है। रंग के साथ साथ ये आम स्वाद में भी काफी मीठा होता है। इन दिनों बाजार में ये आम बहुत आराम से मिल जाता है। किसी भी डिश में अगर आम का स्वाद लाना हो तो केसर आम का इस्तेमाल किया जा सकता है। लोग इसे केसर के साथ साथ केसरिया आम भी कहते हैं। केसर आम को आमों की रानी का दर्जा भी दिया गया है। केसर आम की पैदावार मुख्य रूप से गुजरात राज्य के जूनागढ़ जिले में होती है।
सफेदा आम की पहचान
गर्मी के शुरू होते ही बाजार में सफेदा आम भी बिकना शुरू हो जाता है। सफेदा आम का इस्तेमाल सबसे ज्यादा मैंगो शेक बनाने के लिए होता है। सफेदा आम का स्वाद थोड़ा खट्टा और थोड़ा मीठा होता है। इस आम के अंदर गूदा बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। सफेदा आम का छिलका ऊपर से एकदम पीला रंग का होता है। भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में खासतौर से सफेदा आम की खेती की जाती है। अप्रैल के महीने से ही सफेदा आम हर जगह मिलने लगता है।
शहद जैसा पहेरी आम
अप्रैल के महीने में बाजार में पेहरी आम भी मिल जाएगा। बहुत से लोग इसे पैरी आम भी कहते हैं। ये आम सफेदा आम के साथ ही बाजारों में आने लगता है। मई महीने से लेकर जून महीने तक पहेरी आम का सबसे मुख्य सीजन होता है। पहेरी आम ऊपर से देखने में हल्का लाल रंग का होता है। इस आम की मिठास इतनी ज्यादा होती है कि लोग इसे शहद आम भी कहकर बुलाते हैं। गुजरात राज्य में गर्मी के मौसम में पहेरी आम का इस्तेमाल सबसे ज्यादा आमरस बनाने के लिए किया जाता है।
सबसे मीठा आम चुनना
अब बात आती है कि अप्रैल की शुरुआत में सबसे मीठा आम कौन सा होता है। अगर कोई मीठा आम खरीदना चाहता है तो वह आराम से पेहरी आम खरीद सकता है। पेहरी आम के अलावा केसर और अल्फांसो आम का स्वाद भी बहुत ज्यादा मीठा होता है। जैसे ही मई का महीना शुरू होता है बाजार में दशहरी आम भी आने लगते हैं। दशहरी आम का स्वाद भी काफी मीठा होता है। बाजार में कई तरह के आम मौजूद हैं। लोग अपनी पसंद के हिसाब से कोई भी आम खरीद सकते हैं और उसके रसीले स्वाद का मजा ले सकते हैं।