Tulsi Plant Care Tips: इन गलतियों से सूख जाता है तुलसी का पौधा, जानें देखभाल का सही तरीका

तुलसी का पौधा भारतीय घरों में एक बहुत ही खास जगह रखता है। ये सिर्फ एक आम पौधा नहीं है, बल्कि आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। आपको लगभग हर घर के आंगन में ये पौधा मिल जाएगा। ये पौधा वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ कई आयुर्वेदिक गुणों से भरा होता है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि पूरी देखभाल के बाद भी तुलसी का पौधा सूखने लगता है। उसकी पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, तना कमजोर हो जाता है और पौधा अपनी हरियाली खो देता है।
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तुलसी का पौधा क्यों सूखता है

तुलसी का पौधा सूखने पर लोग समझ नहीं पाते हैं कि गलती कहां हो रही है। असल में, ये पौधा जितना पवित्र होता है, उतना ही नाजुक भी होता है। रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी गलतियां पौधे की सेहत खराब कर देती हैं। अगर आप चाहते हैं कि तुलसी हमेशा हरी-भरी बनी रहे, तो सबसे पहले उन गलतियों को समझना होगा, जो जाने अनजाने में हो जाती हैं। आइए जानते हैं कि वो कौन सी गलतियां हैं, जो पौधे को सुखा देती हैं और किन तरीकों से पौधे को हरा-भरा किया जा सकता है।

जरूरत से ज्यादा पानी डालना

तुलसी के पौधे को बहुत ज्यादा पानी देने की जरूरत नहीं होती है। ज्यादा पानी देने से पौधे की जड़ें सड़ने लगती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मिट्टी हमेशा गीली रहने पर पौधे को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इसकी वजह से पौधा धीरे-धीरे मुरझाने लगता है और सूख जाता है। ऐसे में तुलसी के पौधे को पानी तब ही देना चाहिए, जब गमले की मिट्टी पूरी तरह से सूखी लगे।


अच्छी तरह धूप न मिलना

कुछ लोग तुलसी के पौधे को घर में ऐसी जगह रख देते हैं, जहां उसे भरपूर धूप नहीं मिल पाती है। ये एक बहुत बड़ी गलती होती है। तुलसी के पौधे को रोज कम से कम चार से छह घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है। अगर इसे हमेशा छाया में रखा जाए तो ग्रोथ पर बुरा असर पड़ता है और पत्तियां पीली होने लगती हैं।

गमले की मिट्टी और पानी का निकास

अगर गमले में अतिरिक्त पानी निकलने की सही व्यवस्था नहीं है, तो पानी जमा होकर जड़ों को नुकसान पहुंचाता है। हमेशा ऐसे गमले का इस्तेमाल करना चाहिए जिसमें छेद हों। गमले की मिट्टी हल्की और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होगा तो जड़ें सड़ने लगेंगी और तुलसी का पौधा सूख जाएगा।


ज्यादा ठंड या तेज हवा से नुकसान

तुलसी गर्म मौसम में अच्छी तरह बढ़ने वाला पौधा होता है। ज्यादा ठंड, ठंडी हवा या एसी के सामने रखने से तुलसी की पत्तियां काली पड़ सकती हैं और पौधा सूख सकता है। इसलिए तुलसी के पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां का तापमान बहुत ज्यादा ठंडा न हो और तेज ठंडी हवा न लगे।

समय पर छंटाई न करना

तुलसी की समय-समय पर छंटाई करना बहुत जरूरी काम होता है। अगर नियमित छंटाई नहीं की जाए तो पौधा लंबा तो हो जाता है, लेकिन वह कमजोर पड़ जाता है। फूल आने के बाद अगर उसे नहीं काटा जाए तो पौधा जल्दी सूखने लगता है। इसलिए छंटाई जरूर करनी चाहिए।

सूखे पौधे को फिर से हरा-भरा करने के तरीके

तुलसी का पौधा अगर सूखने लगे तो सही देखभाल से इसे फिर से हरा-भरा किया जा सकता है। सबसे पहले पौधे से पुराने, पीले और सूख चुके पत्तों को हटा देना चाहिए। मिट्टी को हल्का रखें और ध्यान दें कि उसमें पोषक तत्व मौजूद हों। अगर गमले में पानी जमा हो रहा है तो पानी निकलने की व्यवस्था ठीक करें। रोजाना हल्की धूप दें।

खाद और पानी का सही इस्तेमाल

पौधे की छंटाई करते रहना चाहिए ताकि नई शाखाएं स्वस्थ रूप से बढ़ सकें। इसके साथ ही, मिट्टी में हल्की मात्रा में जैविक खाद या गोबर की खाद डालनी चाहिए। खाद डालने से जड़ों को सही पोषण मिलता है और पौधा मजबूत होकर फिर से हरा-भरा हो जाता है। पानी देने का ध्यान रखना चाहिए, लेकिन मिट्टी को गीला नहीं रखना चाहिए। इन तरीकों से पौधा फिर हरा-भरा हो जाएगा।