लिंडसे क्लैंसी ने अपने तीन बच्चों की कर दी थी हत्या, जानिए किस हद तक जा सकता है पोस्टपार्टम डिप्रेशन

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लिंडसे क्लैंसी पर आरोप है कि उन्होंने 2023 में अपने तीन बच्चों की हत्या कर दी थी. जब उनके पति बाहर गए हुए थे और वो जब लौटकर आए तो उन्होंने अपने तीन बच्चों पांच साल के कोरा, तीन वर्षीय डॉसन और आठ महीने के कैलन को मृत पाया. इसमें आरोप लगाया गया कि क्लैंसी ने बच्चों का गला घोंटने के बाद खुद भी दूसरी मंजिल की खिड़की से छलांग लगा थी. इससे उनको रीढ़ में गंभीर चोट आई और अब वो लकवा की स्थिति में हैं. लिंडसे क्लैंसी के बचाव पक्ष का कहना है कि वो डिलीवरी के बाद होने वाली मनोविकृति और अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रही थीं और इस वजह से उन्हें नहीं पता था कि वो क्या कर रही हैं. इस आर्टिकल में जानेंगे कि आखिर डिलीवरी के बाद होने वाला स्ट्रेस या डिप्रेशन किस हद तक जा सकता है.

क्लैंसी को लेकर बहस न सिर्फ मुद्दे पर है कि उन्होंने हत्या किस स्थिति में की, बल्कि इस बात ने इस केस में और भी ज्यादा ध्यान खींचा है कि अक्सर लोग बच्चे को जन्म देने के बाद मां को होने वाली मानसिक पीड़ा को नजरअंदाज कर देते हैं. इस दौरान बहुत सारे हार्मोनल चेंज हो रहे होते हैं और यही वजह है कि शारीरिक के साथ मनासिक सपोर्ट बेहद जरूरी होता है.

क्यों सपोर्ट में आईं महिलाएं?

लिंडसे क्लैंसी के मामले में सुनवाई के दौरान उनके परिवार और डॉक्टर की गवाही के मुताबिक, वह उस समय वह पोस्टपार्टम डिप्रेशन में थीं. यहां तक ये भी सामने आया कि क्लैंसी ने अपने मन में बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले विचारों के बारे में बताया भी था. उनकी मां का कहना है, लेकिन उन्होंने उस समय अपनी बेटी (क्लैंसी) को किसी मनोरोग सेंटर में एडमिट कराने या बच्चों की केयर से हटाने के बारे में नहीं सोचा. क्लैंसी के समर्थन में कई महिलाएं एकजुट हुई हैं, क्योंकि उनकी कहानी कुछ ऐसी है जिससे ज्यादातर माएं अपने बच्चे को जन्म देने के बाद जूझती हैं. आज भी पोस्टपार्टम स्ट्रेस को बहुत ही हल्के में लिया जाता है.

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