Fog Harvesting Plants: बिना बारिश के भी कैसे जीवित रहते हैं ये अद्भुत पौधे?

जब पानी की बात होती है तो सबसे पहले बारिश का ख्याल आता है। लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे पौधे भी हैं जिन्हें जीवित रहने के लिए बारिश का इंतजार नहीं करना पड़ता। ये पौधे हवा में मौजूद धुंध और नमी की बेहद छोटी-छोटी बूंदों को पकड़कर अपनी पानी की जरूरत पूरी कर लेते हैं। पहली नजर में यह किसी विज्ञान कथा जैसा लग सकता है, लेकिन प्रकृति ने लाखों वर्षों में ऐसे अद्भुत जीवों और पौधों को विकसित किया है जो बेहद कठिन परिस्थितियों में भी जीवन बनाए रखते हैं। यही कारण है कि आज ये पौधे वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए भी अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय बन चुके हैं।
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धुंध से पानी लेने वाले पौधे कैसे काम करते हैं?

धुंध वास्तव में हवा में तैरती सूक्ष्म जल बूंदों का समूह होती है। कुछ पौधों की पत्तियों, तनों या सतह की बनावट ऐसी होती है कि ये बूंदें उन पर आसानी से चिपक जाती हैं। धीरे-धीरे ये बूंदें बड़ी होकर नीचे की ओर बहती हैं और पौधों की जड़ों तक पहुँच जाती हैं।

इस प्रक्रिया को प्राकृतिक फॉग हार्वेस्टिंग कहा जाता है। इसमें बारिश की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि वातावरण में मौजूद नमी ही पौधों के लिए पर्याप्त साबित होती है।



दुनिया में कहाँ पाए जाते हैं ऐसे पौधे?

चिली के अटाकामा रेगिस्तान, नामीबिया के तटीय इलाकों और कैलिफोर्निया के कुछ हिस्सों में ऐसे कई पौधे पाए जाते हैं जो नियमित वर्षा के बिना भी वर्षों तक जीवित रहते हैं। इन क्षेत्रों में समुद्र से आने वाली ठंडी हवा धुंध बनाती है, जो पौधों के लिए पानी का मुख्य स्रोत बन जाती है।

रेडवुड जंगलों के विशाल पेड़ भी अपनी ऊँची शाखाओं और सुई जैसी पत्तियों की मदद से धुंध की नमी को पकड़ते हैं। कई बार इन जंगलों में मिलने वाला पानी बारिश से ज्यादा धुंध से आता है।